
भींगी पलकों के बीच विदा हुई वात्सल्य ग्राम में पली ऋचा
दीदी मां साध्वी ऋतंभरा ने ऋचा को आशीर्वाद देकर किया विदा
मथुरा । वृंदावन रोड स्थित वात्सल्य ग्राम में रविवार शाम दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा की उपस्थिति में शहनाई की धुनों के बीच यहां पली बढ़ी हुई ऋचा पालकी में विदा हुई। इंदौर से आए दुल्हें के साथ दुल्हन ऋचा सात फेरे लिये है। अधिवक्ता ऋचा की विदाई के दौरान वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। गौरतलब हो कि, वात्सल्य ग्राम की बेटी ऋचा के खून के रिश्तों का तो पता नहीं, लेकिन भाव संबंधों में गुम्फित यशोदा मां सुमन परमानंद के लाड-प्यार ने उसे कभी किसी बात की कमी महसूस नहीं होने दी। वहीं, धर्म पिता संजय भैया (गुप्ता) ने भी पढ़ा-लिखाकर सुयोग बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। विवाह योग्य होने पर इंदौर के राजेंद्र चौहान के पुत्र अर्पित से रिश्ता तय हो गया।
रविवार की देर शाम इंदौर से वात्सल्य ग्राम बारात आई और भारतीय संस्कृति के अनुरूप हिंदू रीति-रिवाजों से सभी कार्य विधिवत संपन्न हुए। मेहंदी, हल्दी, लग्न पत्रिका लेखन के बाद दीदी मां साध्वी ऋतंभरा के कृपा पात्र ननिहाल पक्ष के भाव संबंधों में सूरत (गुजरात) से लक्ष्मी एवं नानालाल शाह नाना-नानी, एवं रेखा, राजू भाई शाह ने मामी-मामा की भूमिका में भात पहनाने की रस्म अदा की। बारात भी धूमधाम से चढ़ी, जय माल के बाद आचार्य विष्णुकांत ने वैदिक मंत्रों द्वारा विधिविधान से विवाह संपन्न कराया। देर शाम अग्नि को साक्षी मानकर रिचा ने अर्पित के साथ सात फेरे लिए और गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया। इस अवसर पर देशभर से आए संतों, महंतों और गणमान्य लोगों ने नवयुगल को आशीर्वाद दिया। बाद में ऋचा को दीदी मां साध्वी ऋतंभरा ने अपने आशीर्वाद देकर विदा किया।(हि.स.)



