
शहीद दिवस पर याद किये गए बापू, एक दिन का रखा उपवास
स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासियों का अहम योगदान- हरीराम चेरो
दुद्धी,सोनभद्र- स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के नगवां गांव के शहीद स्मारक स्थल पर रविवार को बापू की याद में मुख्य अतिथि गांधी विचारधारा के पोषक पीवी राजगोपाल तथा विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय विधायक हरिराम चेरो ने संयुक्त रूप से मशाल जलाकर तथा गांधी एवं शहीदों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत किया।

मुख्य अतिथि वीपी राजगोपाल ने शहीद दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गांधी विचारधारा आज भी सार्थक है।जो पूज्य बापू ने सपना देखा वह भारत आज नही दिख रही हैं।हम आप सब सत्य अहिंसा के मार्ग से भटक गए हैं। 30 जनवरी पूज्य बापूजी की याद में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।शहीद दिवस पर हम सभी बापू के याद में एक दिन के उपवास पर बैठे हैं।यहां के आदिवासियों ने जो योगदान स्वतंत्रता आंदोलन में दिया है।उसकी याद में हर साल 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाना और मेला लगना बहुत बड़ी उपलब्धि है।यहां के आदिवासी आज भी अपनी परम्परा को जीवित रखकर अपनी कर्तव्य पालन कर रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय विधायक हरिराम चेरो ने कहा कि आदिवासियों ने स्वतंत्रता आंदोलन में चढ़ बढ़ कर हिस्सा लिया लेकिन आदिवासियों का नाम स्वतंत्रता सेनानी से गुम हो गया। इसलिए गुमनाम सुराजियो को शहीद दिवस पर नमन किया गया।शहीद दिवस हर साल 30 जनवरी को मनाया जाता है और अंग्रेजों से लोहा लेते हुए शहीद हुए आदिवासियों को नमन किया जाता है।अंग्रेजों से लड़ने में नगवां के कई आदिवासियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था और लड़ते हुए शहीद हो गए थे उन्ही के याद में हर साल 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता हैं।उन्होंने वगैर नाम लिए विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसके पूर्व में भी कई सालों तक दुद्धी विधानसभा में राज करने वाले विधायक कहते है कि आदिवासियों की हितैषी और कोई नहीं हो सकता लेकिन उन्होंने आदिवासियों का कितना विकास और सम्मान किया सबके सामने है।
इसके अलावा विन्दु ,विश्व आत्मा,महेशानंद भाई, रामेश्वर राय, डॉ लवकुश प्रजापति सहित अन्य वक्ताओं ने भी एक दिन के उपवास कार्यक्रम को सम्बोधित किया और गांधी जी के सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।इसके पूर्व दुद्धी विधायक ने शहीद के परिवारों को तथा आगंतुकों को अंगवस्त्र भेंटकर सामान किया।इसके अलावा गुमनामी शहीदों के परिजनों ने शहीद स्मारक स्थल पर पुष्प अर्पित कर अपने शहीद परिजनों को याद किया। इस दौरान सुरेंद्र अग्रहरि, हरिकिशुन खरवार, धर्मजीत, डॉ गौरव सिंह,फौदार सिंह परस्ते,भीम सिंह खरवार,वीरेन्द्र प्रताप सिंह,सुरेन्द्र सिंह,रमीज आलम समेत सैकड़ो आदिवासी उपस्थित रहे।



