राहत: जिला प्रशासन की पहल के बाद वर्षों से बन्द पड़ी आक्सीजन प्लांट चालू ,सिलेण्डरो की रिफिलिंग हुई शुरू
दुद्धी, सोनभद्र- कोविड-19 के बढते संक्रमण को देखते हुए आक्सीजन सिलेण्डरो की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने हेतु जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम दुद्धी रमेश कुमार ने 18 अप्रैल को करहिया (अनपरा) में बंद पड़े निजी आक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान प्लांट के स्वामी द्वारा अवगत कराया गया कि प्लांट मे दो तकनीक से आक्सीजन बनाई जाती है। जिसमे एक लिक्विड आक्सीजन आधारित प्लांट है तथा दुसरा कम्प्रेशर द्वारा संचालित मशीन के माध्यम से विभिन्न प्रक्रियाओं के बाद वायुमण्डल से आक्सीजन लेकर उसे सिलेण्डरों मे भरा जाता है।
वर्तमान मे लिक्विड आक्सीजन की उपलब्धता नही होने के कारण लिक्विड आक्सीजन आधारित तकनीक से आक्सीजन सिलेण्डरो की रिफिलिंग नही हो पा रही है। बिजली की समुचित उपलब्धता नही होने के कारण वर्ष 2014 से ही कम्प्रेशर आधारित तकनीक से भी आक्सीजन सिलेण्डरों की रिफिलिंग बन्द है। विगत छः वर्षो से बन्द पडे कम्प्रेशर आधारित तकनीक से आक्सीजन सिलेण्डरो की रिफिलिंग शुरु कराने हेतु प्लांट का अनुरक्षण अतिशीघ्र करते हुए सिलेण्डरो की रिफिलिंग सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश प्लांट संचालक को दिया।इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा 24 घंटे बिजली आपूर्ति और हर स्तर पर सहयोग किये जाने का आश्वासन दिया गया।
एक सप्ताह पूर्व जिलाधिकारी ने स्वयं प्लांट का निरीक्षण किया और बिजली विभाग के सम्बन्धित अधिकारियो को प्लांट मे निर्बाध बिजली आपुर्ति सुनिश्चित करने एवं हिन्डाल्को रेनुकुट तथा रेनुसागर प्रबन्धन को आक्सीजन प्लान्ट के अनुरक्षण व आई खराबियों को दुर करने का निर्देश दिया।इसके बाद प्लांट के अनुरक्षण में लगने वाला कूलिंग कम्प्रेशर एक के बाद एक फेल होता गया। अन्ततः टेक्निकल टीम एवं एसडीएम के अथक प्रयास के बाद रविवार से प्लांट में ऑक्सीजन रिफलिंग का कार्य निर्बाध गति से प्रारंभ हो गया।करीब दो दर्जन सिलिंडर रिफिल किये जा चुके थे।टेक्निकल टीम ने बताया कि विजली आपूर्ति 24 घंटे रही तो प्रतिदिन 250 से 300 सिलिंडर रिफिल होगी।




