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जर्जर भवनों पर फिर चलेगा बुलडोजर

मंत्री ने दिया जांच का निर्देश, डीएम ने एडीएम द्वितीय को सौपी जिम्मेदारी

वाराणसी। जर्जर भवनों पर अब प्रशासन का बुलडोजर फिर चलेगा। इसका स्पष्ट संकेत मिल चुका है।कल हुए हादसे की जांच का निर्देश मंत्री नीलकंठ ने दिया है।बताया गया कि शहर के ऐसे भवन अब लोगों की जान लगातार जोखिम में डाल रहे हैं। दशाश्वमेध के मीरघाट इलाके में कल रात जर्जर भवन गिरने की घटना ने एक बारगी फिर से जिला व नगर निगम प्रशासन को कार्यवाही को मजबूर कर दिए हैं। नियमों के दाव-पेच से जर्जर भवनों की बढ़ रही संख्या को लेकर जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने आदेश जारी करते हुए एसीएम द्वितीय को अब बड़ी जिम्मेदारी दे दी है।

नगर निगम की सूची के अनुसार वे शीघ्र जर्जर भवनों को गिरवाने का कार्य शुरू करेंगे। इसमें नगर निगम व पुलिस भी उनके सहयोग में उतरेगी। एसीएम द्वितीय को यह जिम्मेदारी कानूनी दाव-पेच को देखते हुए दी गई है। बता दें कि नगर में बीते दो दशक से जर्जर मकानों में काफी इजाफा हुआ है। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने गंगा किनारे दो सौ मीटर के दायरे में नवनिर्माण को रोक दिया है,तो पुराने निर्माणों को मरम्मत के लिए आर्डर लेने पर छूट भी दी गई है।

दशाश्वमेघ में सर्वाधिक जर्जर भवन

दशाश्वमेध जोन में जर्जर भवनों की संख्या सर्वाधिक 104 है। स्थानीय लोगों के अनुसार ऐस जर्जर भवनों को तत्काल ध्वस्त करना भी बेहद जरूरी है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आगे बड़ा हादसा तय है। नगर निगम की सूची के अनुसार दो साल पहले शहर में जर्जर भवनों की संख्या 341 हो गई थी। बीते वर्ष ताबड़तोड़ बारिश में कई भवनों की दीवारें गिर गईं और कुछ लोग जख्मी भी हो गए तो 49 भवनों को प्रशासन ने ध्वस्त किया। अब भी जर्जर भवनों की संख्या 292 है।

इसमें 193 ऐसे भवन हैं जिनका ध्वस्तीकरण बेहद जरूरी है। दो सौ मीटर के दायरे में प्रतिबंध के कारण अधिकांश भवनों के नींव, ईंटें सड़ गईं हैं। दीवारें, छत व छज्जे काफी जर्जर हो चुके हैं। अगर बंदर भी इनके छज्जों पर कूद जाता है तो नीचे मलबा जरूर गिरता है। चौक, कोतवाली व दशाश्वमेध जोन में जो भी पुराने व जर्जर मकान हैं उनमें किरायेदारी का पुराना विवाद है। जर्जर भवनों से जुड़े वाद कोर्ट में लंबित होने के चलते उनमें हाथ डालने से नगर निगम प्रशासन भी बचता है। इस कारण भी कई भवनों का ध्वस्तीकरण लम्बे समय से नहीं हो रहा है।

वार्ड वार जर्जर मकान

नगर निगम में जर्जर भवनों की जो सूची है उसके अनुसार दशाश्वमेध ने 104, कोतवाली 81, आदमपुर 24,भेलूपुर 10, चौक 58, वरुणापार में 15 मकान जर्जर है।

स्मार्ट सिटी की परिकल्पना साकार करने को ऐसे हादसे रोकने होंगे

बीते दिनों जर्जर मकान के हादसे भी हुए जिसमें दशाश्वमेध वार्ड के डेढ़मल गली में मकान नंबर डी 4/15, 16 व 17 के खंडहर की दीवार गिर गई थी। बंद गली होने के कारण जनजीवन को कोई हानि नहीं हुई लेकिन गली में खड़ी स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। इसी तरह पक्के महाल में डी 4/11 नंबर मकान की पटिया व गर्डर अचानक गिर गया था। कबीरचौरा स्थित कबीर रोड में पवन चौरसिया का मकान ढह गया था। इस मकान में तीन लोग थे लेकिन संयोग अच्छा रहा कि कोई हताहत नहीं हुआ। ऐसे हादसों पर रोक लगाकर ही स्मार्ट सिटी की परिकल्पना साकार हो सकेगी।

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