
जौनपुर। सिरकोनी विकास खंड के शादीपुर गांव में वन विहार के जंगल की जमीन पर जबरदस्ती लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई सड़क हाईकोर्ट के आदेश पर जेसीबी से खोद दी गयी। इसे बनाने व उखाड़ने में करीब 11 लाख रुपए खर्च हुआ। जानकारी के अनुसार उक्त गांव में कुछ माह पूर्व 1350 मीटर सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया गया था। सड़क का काफी हिस्सा वन विभाग की जमीन में भी बना था। गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति किया कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व जेई सड़क का कुछ हिस्सा जबरदस्ती वन विभाग के जंगल में बना रहे हैं। विरोध के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया। जिसपर गांव के उदयभान सिंह आदि ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
उस याचिका के पर कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिया था कि या तो वह जंगल की जमीन को छोड़ दे या फिर सम्बंधित विभाग से सड़क के लिए अनुमति ले। कोर्ट के आदेश के बाद भी जब विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं किया तो कोर्ट ने जिलाधिकारी को तत्काल उक्त जमीन की सड़क को हटवाने का निर्देश दिया। उसी आदेश के अनुपालन में उप जिलाधिकारी सदर नितेश सिंह व अन्य कई थानों के फोर्स के साथ मौके पर जाकर जेसीबी से सड़क को उखड़वाने का काम शुरू कर दिया गया। हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को 11 जनवरी को तलब किया है। कोर्ट ने शासन से भी इस मामले की जानकारी मांगी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा वन भूमि में बनवाई गई लगभग 350 मीटर सड़क की लागत लगभग 11 लाख बतायी जाती है। पीडब्लूडी के जेई मिथिलेश कुमार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने जो 1.3 किलोमीटर लिक मार्ग बनवाया है, उस पर पहले से खड़ंजा बिछा था। उसी से आते-जाते थे। निर्माण के समय राजस्व टीम ने आकर नाप-जोख कराई थी। सड़क बन जाने के बाद विवाद खड़ा हुआ।



