
वाराणसी। कोरोना काल में धरती का भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर आज ब्लड की कमी के वजह से मरीजों का इलाज नही कर पा रहे ,बीएचयू के चिकित्सको को जब यह पता चला कि ब्लड बैंक में ब्लड की कमी है जिससे ब गंभीर मरीजों को ब्लड नहीं मिल पा रहा है । चिकित्सको को ब्लड बैंक से यह भी पता चला कि ब्लड की कमी कोरोना काल में ब्लड डोनर के कमी के कारण है । तत्पश्चात चिकित्सा विज्ञान संस्थान के सभी चिकित्सकों ने यह निर्णय लिया कि ब्लड की कमी की वजह से किसी भी मरीज की इलाज में हम दिक्कत नहीं आने देंगे ।उसी को ध्यान में रखते हुए आज ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया ।
इस डोनेशन कैंप का उद्घाटन बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रोफेसर बी के शुक्ला ने किया। चिकित्सा अधीक्षक सर सुंदर लाल चिकित्सालय प्रोफेसर एस के माथुर प्रभारी ट्रॉमा सेंटर, बीएचयू प्रोफेसर संजीव कुमार गुप्ता , हेड न्यूरॉलजी प्रोफेसर आरएन चौरसिया, हेड सर्जरी प्रोफेसर पुनीत , प्रभारी आचार्य ब्लड बैंक प्रोफेसर संदीप कुमार के साथ संस्थान के अन्य वरिष्ठ चिकित्सक ने रक्तदान किया । संस्थान के चिकित्सक ओटी, ओपीडी, एवम लेबोरेटरी के कार्यों को संभालते हुए रक्तदान किया और उन्होंने बताया कि रक्तदान के पश्चात किसी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं होती है।अतः एक बार फिर चिकित्सकों ने अपनी पहचान मानवता के एक सेवक के रूप में दिया । ब्लड डोनेशन कैंप का मुख्य मोर्चा डॉ संदीप कुमार , डॉ दिनेश सिंह, डॉ नीलम सिंह , आशुतोष कुमार सिंह , रजनी गुप्ता, स्वरना, अनीस जॉन,शान्ती,सरोज सिंह,विजय पटेल ,प्रमोद गौंड ने संभाल रखा था।इस डोनेशन कैम्प में अहर्ता पूरी करने पश्चात 37 वरिष्ठ चिकित्सक ने रक्तदान किया ।



