
मुस्लिम समाज से विवादित ज्ञानवापी परिसर सौपने की अपील
जगद्गुरु शंकराचार्य संग संतों ने किया श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन
वाराणसी। ज्योतिष पीठ बद्रिकाश्रम हिमालय के शंकराचार्य श्री वासुदेवानंद सरस्वती महाराज के अलावा संतों का बड़ा जत्था आज काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच कर बाबा भोले के दरबार में विधिवत दर्शन पूजन किया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर काशी में जुटे संतो का दल आज अंतिम दिन की बैठक से पूर्व अपने आराध्य भगवान भोले के दरबार पहुंच गया। यहां षोडशोपचार विधि से बाबा विश्वनाथ का दुग्ध व जलाभिषेक संग अन्य अनुष्ठान किया गया।
बाद में संत जनों ने श्री काशी विश्वनाथ कॉरीडोर परिसर का भ्रमण कर वहां हो रहे भव्य निर्माण का नजारा देखा तथा प्रधानमंत्री के प्रयासों को सराहा। कॉरिडोर परिषर में भ्रमण चल रहा था इसी दौरान कुछ संतों की नजर समीप के ज्ञानवापी परिसर के पिछले ढांचे पर गई तो मानों वहाँ का ढांचा उन्हें अतीत की घटनाओं को इंगित कर गया। कुछ साधु संत द्रवित तो कुछ क्रुद्ध भी दिखे। इस दौरान महंत बालक दास समेत कई संतों ने ज्ञानवापी परिसर के विवादित ढांचे को मुस्लिम समाज से हिंदुओं को सौंपने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे अदालत का दरवाजा खटखटा कर उसे हासिल अवश्य करेंगे। संतो का कहना था कि भारत में विदेशी आक्रांताओं द्वारा देश के कई हिंदू मंदिर तोड़ डाले गए थे। विदेशी आक्रमणकारियों का समर्थन करने वाले प्रवित्ति के लोग संतो को कत्तई बर्दाश्त नहीं होंगे। हम कानून का पालन करते हुए हिंदुओ का हक दिलाने के लिए सब कुछ न्यौछावर करने को तैयार है।



