
चुनावी रंजिश में नहीं पति के अवैध असलहे से चली गोली ने किया था मनीषा को घायल
रैदासपुर में मनीषा को गोली लगने की घटना का पुलिस ने किया खुलासा,घटना का सूत्रधार पति चंद्रशेखर उर्फ चंदू ही निकला दोषी
जौनपुर। बक्शा थाना क्षेत्र के रैदासपुर गाँव में बीते 4 नवम्बर की रात्रि गोलीकांड में घायल मनीषा देवी मामले में पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने घायल मनीषा के पति को मय असलहा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि उसने चुनावी रंजिश के दौरान हुई कहासुनी के कारण अपनी पत्नी को गोली लगने के मामले में कहानी गढ़ कर विपक्षी को नामजद अभियुक्त बनाया था। थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान पुरानी कहानी ही पलट गई।
घटना के विवेचक एसएसआई सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना की रात्रि सूचना मिली कि उक्त गांव निवासी चंद्रशेखर उर्फ चंदू यादव को बाइक से पहुँचे बदमाशों ने लक्ष्य कर गोली चलाई, परन्तु गोली बगल में खड़ी पत्नी मनीषा के कंधे के पास लग गई। मनीषा को घायल अवस्था में अस्पताल भेजा गया। उधर चंदू के भाई राजकुमार उर्फ सुधाकर की नामजद तहरीर पर पुलिस ने चकमोलनापुर निवासी सिकरारा ब्लॉक प्रमुख समरनाथ यादव के दो पुत्रों इन्द्रसेन यादव व राजू यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। पुलिस जांच के दौरान इस तथ्य की जानकारी मिली कि घटना की रात्रि मनीषा का पति चंदू अवैध असलहा की सफाई कर रहा था, उससे अचानक निकली गोली पास में खड़ी मनीषा के कंधे के पास जा लगी। पुलिस द्वारा बिंदुवार पूछताछ में चंदू ने पूरी कहानी खुद बयां कर दी। विवेचक सुरेश ने बताया कि उपनिरीक्षक जितेन्द्र कुमार सिंह, सिपाही महेश सिंह, शैलेन्द्र द्वारा आरोपित चंद्रशेखर को झूठी सूचना देने के साथ मय अवैध असलहा गिरफ्तार कर थाने लाया गया जहां लिखापढ़ी कर जेल भेज दिया। गौरतलब है कि चंद्रशेखर सपा का क्षेत्रीय नेता है और उसने पूर्व में चुनावी रंजिश को लेकर अपने ऊपर फायरिंग की बात कही थी।




