
बैंकों की लापरवाही से अभिभावकों के खाते में अब तक नही पहुचा एमडीएम का पैसा, आक्रोश
कोरोना महामारी में बन्द चल रहे स्कूलों के एमडीएम खाद्यान्न व कन्वर्जन कास्ट छात्रों के माता पिता के खाते में भेजे जाने की है व्यवस्था
दुद्धी,सोनभद्र- कोरोना महामारी के कारण बन्द चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों के लिए एमडीएम का खाद्यान्न और कन्वर्जन कॉस्ट बच्चों के माता पिता को दिए जाने की व्यवस्था सरकार ने की है। अब तक दो चरणों में कोटेदार के यहां से अभिभावकों को खाद्यान्न मिल चुका है।पहले चरण में मार्च से जून तक 76 दिनों का खाद्यान्न 7.6 किलोग्राम तथा जुलाई और अगस्त माह का 49 दिन खाद्यान्न 4.9 किलोग्राम वितरित किया जा चुका है। लेकिन बैंकों की लापरवाही से अभी तक छात्रों के कन्वर्जन कॉस्ट का पैसा नहीं पहुँच सका है, जिससे अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है।
स्कूलों द्वारा अगस्त माह में ही बैंकों को पूरी लिस्ट उपलब्ध करा दी गई है। जिसके अंतर्गत पहली किस्त में प्रत्येक बच्चों के माता पिता के खाते में 374 रुपये ट्रान्सफर किए जाने जबकि दूसरी क़िस्त के रूप में 243.50 रुपये ट्रान्सफर किए जाने हैं।लेकिन बैंक के लापरवाही के कारण आज तक अभिभावकों के खाते में पैसे नहीं पहुँच सके।बतादें कि दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में कुल 27 हजार के करीब बच्चें नामांकित हैं और दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के लगभग सभी स्कुलों का खाता एक बैंक के अमवार शाखा में है।सरकार के डिजिटल लेन देन के बावजूद बैंकों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और जिस कदर दुद्धी क्षेत्र में बैंकों की लापरवाही है यह किसी से छिपी नहीं है।
बैंकों की लापरवाही के कारण ही एक बार स्वयं सहायता समूह के महिलाओं ने बैंकों में तालाबंदी भी कर दी थी। तब हड़कंप मच गया था बाद में काफी समझाने बुझाने के महिलाएं शांत हुई थी और एक फिर बैंकों की कार्य व्यवहार से लोग आहत हैं और बैंकों की व्यवस्था को लेकर आम जनता की गुस्सा कभी भी फुट सकता है। इस सम्बंध में खण्ड शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि बच्चों के अभिभावकों के खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं। पहली किस्त का पैसा अधिकांश अभिभावकों के खाते में चली गई है।सभी सूचीबद्ध अभिभावकों के खाते में समय से पैसे भेजे जाने को लेकर बैंक मैनेजर से मिलकर कहा गया है पूरी उम्मीद है कि 31 दिसम्बर तक सभी अभिभावकों के खाते में कन्वर्जन कॉस्ट का पैसा भेज दिया जाएगा।



