
जौनपुर। प्रदेश की कल्याण सिंह सरकार में ग्राम विकास, खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री रहे पूर्व बरसठी विधायक बंश नारायण पटेल का निधन हो गया। उनका वाराणसी के एक अस्पताल में उपचार चल रहा था। उनका पार्थिव शरीर नेवढ़िया क्षेत्र के जयसिंहपुर बाजार में उनके आवास पर ले आया गया, जहां लोगों ने उनका अंतिम दर्शन किया। बंश नारायण पटेल नेवढ़िया क्षेत्र के चकईपुर गांव के मूल निवासी थे और मंत्रित्व काल से जयसिंहपुर बाजार में एक आवास बनवा कर रह रहे थे। पिछले तीन दिनों से वे निमोनिया एवं टाइफाइड से ग्रसित थे। शुक्रवार को उनकी हालत खराब होने पर उनके पुत्र ज्ञान सिंह पटेल ने उन्हें वाराणसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर शाम उनकी मृत्यु हो गई।
उनके निधन के समाचार से क्षेत्र के लोग शोकाकुल हो गए। स्व. बंश नारायण पटेल अधिवक्ता भी थे और मड़ियाहूं तहसील बार एसोसिएशन के भूतपूर्व सदस्य रहे। बंश नारायण पटेल 1996 में बसपा के टिकट पर बरसठी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए लेकिन 1997 में वह भाजपा में चले गए। जिसके बाद कल्याण सिंह की सरकार में वे ग्राम विकास, खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री बनाए गए और 2000 तक राज्य मंत्री पद पर रहे। बंश नारायण पटेल ने मंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी एक पहचान बनाई। बरसठी में अपने कद काठी और छाता लेकर चलने के लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में मशहूर रहे। जब तक मंत्री रहे बरसठी क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा सक्रिय रहे। उन्होंने अपने जीवनकाल में बहुत ही उतार-चढ़ाव देखा। उनका बड़ा पुत्र निर्भय सिंह एक वारदात में दोषसिद्ध होने के कारण जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।



