
जौनपुर। डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. राकेश कुमार के अचानक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी पर पहुंचते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सीएमओ ने डीएम के सत्यापन में मिले चार अवैध प्रसव केंद्रों पर कारवाई करने का निर्देश दिया और प्रभारी चिकित्साधिकारी से हर समय पीएचसी पर एक चिकित्सक की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। पीएचसी सोंधी पर आशाओं की बैठक चल रही थी, तभी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश कुमार वहां पहुंचे। बैठक में उन्होंने आशाओं को फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश दिया कि महिलाओं का प्रसव निजी अस्पतालों में कतई नहीं होना चाहिये। यदि निजी अस्पतालों में डिलेवरी कराए जाने की शिकायत मिली तो ऐसे आशाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय समीक्षा करते हुए सीएमओ ने ओपीडी समय से चलाने का आदेश दिया। सख्त लहजे में कहा कि अस्पताल पर 24 घण्टे चिकित्सक मौजूद रहना चाहिेए, जिससे मरीजों को सहूलियत मिले और उन्हें इलाज के लिए इधर उधर भटकना न पड़े। मरीजों के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर खेतासराय की शशिबाला गौतम, पोरई खुर्द की रेखा यादव,गुरैनी की प्रियकौल और कोइरीडीहा की उर्मिला मौर्या के विरुद्ध अवैध रूप से प्रसव केंद्र चलाने के आरोप में कार्रवाई के लिये थाने में तहरीर दे दी गई है। गौरतलब है कि पिछले दिनों बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान इंफेक्शन से जच्चा-बच्चा की मौत होने के बाद घटना का संज्ञान लेकर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने पूरे जिले में बिना लाइसेंस के चल रहे प्रसव केंद्रों को बंद कराने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने का निर्देश दे रखा है।



