
नही रहे क्षेत्र के शतकवीर प्रकांड विद्वान बालगोविंद मिश्र ,शोक की लहर
तहसील प्रांगण में सार्वजनिक शोकसभा आयोजित कर दी गयी श्रद्धांजलि
दुद्धी, सोनभद्र – क्षेत्र के जाने माने प्रकाण्ड विद्वान एवं श्रीरामलीला कमेटी के महंथ पं. बाल गोविंद मिश्र का 105 वर्ष की उम्र में शुक्रवार की प्रातः निधन हो गया।वे लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।उनके निधन की खबर लगते ही नगर में शोक की लहर दौड़ गयी।अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर लोगों की हुजूम उमड़ पड़ी। उधर तहसील प्रांगण में श्रीरामलीला कमेटी,जेबीएस,व्यापार मंडल समेत नगर के गणमान्य लोगों ने सार्वजनिक शोकसभा का आयोजन कर,स्व.श्री मिश्र को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।चेयरमैन राजकुमार अग्रहरि, जेबीएस अध्यक्ष कमलेश सिंह कमल समेत अन्य वक्ताओं ने उनके निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए,समाज का अपूर्णीय क्षति बताया।
श्री मिश्र अपनी विद्वता के लिए पूरे क्षेत्र में जाने जाते थे। दूर दराज से लोग अपनी समस्याओं के धार्मिक निदान के लिए अनुष्ठान कराने आते थे।उन्होंने क्षेत्र की मंगल कामनाओं के लिए भी कई अनुष्ठान किये हैं।चैत्र नवरात्र में मां काली पूजा,दुर्गा पूजा समेत दर्जनों प्रमुख अनुष्ठानों में विद्वता रख,विधि-विधान से पूजन कराने वाले इकलौते ब्राम्हण की महारथ हासिल थी।वे अपने पीछे इकलौते पुत्र पं.देवेन्द्र नाथ मिश्र को छोड़ गये हैं। विरासत में अपने पिता से विद्वता के अंश प्राप्त करने वाले पं. देवेंद्र मिश्र ने दुर्गा जागरण समेत अन्य धार्मिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। शोकसभा में प्रमुख रूप से कन्हैया लाल अग्रहरि,रामेश्वर राय, गोपाल प्रसाद,सुरेंद्र सिंह, पवन सिंह, ओमप्रकाश मिश्र,मोनू सिंह, महेंद्र सिंह, विनय कुमार,विवेक शांडिल्य, शिवशंकर प्रसाद,जितेंद्र अग्रहरि,लल्लन कसेरा समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।



