UP Live

2017 से पहले तुष्टीकरण का तेजाबी दंश सहने को विवश थी अयोध्या: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर पोस्ट कर अयोध्या के प्राचीन और नवीन स्वरूप की तुलना की। उन्होंने 2017 से पहले की उपेक्षा और अव्यवस्था का उल्लेख करते हुए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, रामपथ, धर्मपथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक रेलवे स्टेशन जैसे विकास कार्यों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में बढ़ता पर्यटन, रोजगार और व्यापार स्थानीय परिवारों की समृद्धि का नया आधार बन रहा है।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों को अयोध्या की प्राचीन व नवीन तस्वीर से अवगत कराया। उन्होंने अयोध्या को लेकर पूर्ववर्ती सरकार को आईना दिखाया तो अपनी सरकार में किए गए कार्यों का उल्लेख भी किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अयोध्या सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की शाश्वत ज्योति है, किंतु वर्ष 2017 से पहले यह दिव्य नगरी उपेक्षा, अव्यवस्था और तुष्टीकरण का तेजाबी दंश सहने के लिए विवश थी। श्रद्धालुओं की यात्रा कठिन, नगर की व्यवस्थाएं जर्जर और स्थानीय परिवारों की संभावनाएं सीमित थीं।

अयोध्यावासियों के घर-आंगन तक पहुंच रहा परिवर्तन का प्रकाश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या जी की प्राचीन गरिमा को आधुनिक विकास का नया विस्तार मिला है। भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से लेकर रामपथ, धर्मपथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक रेलवे स्टेशन तक, हर निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा एवं राम नगरी के गौरव से जुड़ा है। इस परिवर्तन का प्रकाश अयोध्या वासियों के घर-आंगन तक पहुंच रहा है। बढ़ता पर्यटन व्यापार को संबल दे रहा है, नए अवसर युवाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं और स्थानीय परिवार समृद्धि की नई आशाएं संजो रहे हैं।

विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही प्रभु श्रीराम की प्राणप्रिय नगरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी विकास की प्रतीक्षा करती अयोध्या आज अपनी विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही है। असंख्य सनातनियों की आस्था, अस्मिता और आराधना का यह केंद्र आज ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करते हुए सांस्कृतिक चेतना और समृद्धि का उज्ज्वल प्रतीक बन गया है।

‘बड़के भइया’ की सेवा में जुटे अखिलेश, 1984 नरसंहार की बरसी पर राजभर का तीखा हमला

पहले ‘आश्वासन पर आश्वासन’ मिलता था, अब ‘सौगात पर सौगात’ मिलती हैः मुख्यमंत्री

Related Articles

Back to top button