2027 से पहले बीजेपी का सपा पर बड़ा सियासी वार: ‘अखिलेश पहले अपने शासनकाल का हिसाब दें’
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री असीम अरुण और बीजेपी प्रवक्ताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर कानून-व्यवस्था, एसआईआर, राम मंदिर और चुनाव आयोग को लेकर तीखे हमले किए। बीजेपी नेताओं ने 2012 से 2017 तक के सपा शासनकाल पर सवाल उठाते हुए योगी सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा किया। साथ ही 2027 में एनडीए की सत्ता में वापसी का भरोसा जताया।
लखनऊ : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले अखिलेश यादव को 2012 से 2017 तक के सपा शासनकाल की गुंडागर्दी, अपराध, माफियागिरी और दंगों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बात का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार यूपी में अंगद के पांव की तरह मजबूती से टिकी है। अगले 30 साल तक सपा सत्ता में नहीं आएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि अखिलेश यादव और उनके मित्र राहुल गांधी सत्ता वापसी का सपना देख रहे हैं। लेकिन न राहुल गांधी देश में सत्ता में आने वाले हैं और न ही अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में आएंगे।
‘सपा रामद्रोहियों की पार्टी है’
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी रामद्रोहियों की पार्टी है। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को उसकी हैसियत दिखा देगी और उसकी साइकिल पंचर करके सैफई भेज देगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सांसद हैं लेकिन उन्हें ये तक नहीं पता कि देश में नागरिकता का सर्टिफिकेट चुनाव आयोग नहीं बल्कि गृह मंत्रालय देता है। डिप्टी सीएम ने कहा कि SIR को लेकर सपा प्रमुख इसलिए बौखलाए हुए हैं क्योंकि अब उनके गुंडे वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं कर पाएंगे। एक-एक घुसपैठियों का नाम मतदाता सूची से बाहर निकाला जा रहा है। इसीलिए विपक्ष बिलबिला रहा है।
सपा सरकार में ध्वस्त थी कानून-व्यवस्था, आज माफिया मिट्टी में मिल रहे: मंत्री असीम अरुण
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को प्रदेश की कानून व्यवस्था पर टिप्पणी करने से पहले अपने शासनकाल के लिए लोगों से माफी मांगनी चाहिए। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि सपा का पूरा इतिहास ही राम मंदिर के विरोध का रहा है। आज जब अखिलेश यादव सनातन की बात करते हैं तो यूपी की जनता उनकी मंशा को अच्छे से समझती है।
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में देश और प्रदेश की कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज सपा कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। लेकिन वो अपना दौर भूल गई जब प्रदेश में माफियाओं का राज था। अपराधियों के आगे सरकार बेबस दिखती थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में यूपी में कानून का राज है। जनता का योगी सरकार पर लगातार विश्वास बढ़ रहा है।
अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर आरोपों को बेतुका और आधारहीन बताते हुए असीम अरुण ने कहा कि देश में करीब 22 साल बाद एसआईआर हो रहा है। इससे बोगस वोटिंग रुकेगी।
अखिलेश यादव अपने शासनकाल का हिसाब क्यों नहीं देते
भाजपा प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव को 2012 से 2017 के सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर श्वेतपत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदेश में करीब एक हजार दंगे हुए, माफियाओं का खुला प्रभाव था और कानून-व्यवस्था बद से बदतर थी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर इसलिए सवाल उठा रहे हैं क्योंकि अब वोटर लिस्ट से घुसपैठियों का नाम कट रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा और अखिलेश यादव को हराने के लिए तैयार बैठी है।
अखिलेश यादव के बयानों में झलक रही हताशा, चुनाव से पहले ही हार मान चुकी है सपा: बीजेपी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे विधानसभा का चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सपा प्रमुख का मानसिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है। उनकी बौखलाहट साफ बता रही है कि वो हार स्वीकार कर चुके हैं। बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एनडीए की प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव लगातार जनता का भरोसा खो रहे हैं और इसी हताशा में अब वो संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग के खिलाफ झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को खुद नहीं पता कि वे क्या बोल रहे हैं। उनकी गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे कह रहे हैं कि चुनाव आयोग केवल बीजेपी कार्यकर्ताओं को ही भारत का नागरिक मानता है। इस पर पलटवार करते हुए दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल किया कि क्या समाजवादी पार्टी को वोट देने वाले लोग भी बीजेपी के कार्यकर्ता हैं?
‘अमित शाह के आने से सपा की बेचैनी बढ़ी’
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूपी दौरे से सपा का बचा-खुचा उत्साह भी खत्म हो गया है। जबकि बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह अब दोगुना हो गया है। यूपी की जनता इस बार फिर सपा को सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश को भ्रम में नहीं रहना चाहिए और मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखना बंद कर देना चाहिए।
‘बीमारू से उत्तम प्रदेश बना यूपी’
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि 10 साल पहले यूपी की जो स्थिति थी और आज प्रदेश में जो बदलाव हुए हैं उसमें जमीन-आसमान का अंतर है। यूपी अब उत्तम प्रदेश बनकर उभरा है। भारतीय जनता पार्टी जनता से जो वादा करती है वो पूरा करती है। यही कारण है कि देश और प्रदेश की सम्मानित जनता बार-बार बीजेपी को मौका दे रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग केवल झूठ फैलाते हैं, अपने परिवार की ही चिंता करते हैं, उनके लिए जनता ने हर दरवाजे बंद कर दिए हैं।
यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन: सीएम योगी

