Varanasi

गंगा में नहीं होगा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, वाराणसी में 8 जोनों के 15 स्थलों पर निगम की तैयारी

वाराणसी में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन इस वर्ष भी गंगा नदी में नहीं होगा। नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण और गंगा की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए आठ जोनों में 15 विसर्जन स्थल चिह्नित किए हैं। मवैया पोखरे पर रोक के बाद श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर रोशनी, साफ-सफाई, सुरक्षा, बैरिकेडिंग और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

​वाराणसी : गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए इस वर्ष भी मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन नदी में नहीं होगा। नगर निगम ने शहर के आठ जोनों में विसर्जन के लिए 15 स्थलों को चिह्नित किया है, जिनमें सरोवर, कुंड, तालाब और जलकल परिसर शामिल हैं। शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमाओं के सम्मानजनक और पर्यावरण अनुकूल विसर्जन के लिए निगम पूरी तरह सतर्क है। मां गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए नदी में विसर्जन पर रोक बरकरार रखी गई है।

​मवैया पोखरे पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन प्रमुख वैकल्पिक स्थलों पर व्यापक तैयारियां तय की गई हैं। इन स्थलों पर विसर्जन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे। इस क्रम में रंगील दास पोखरा के अंतर्गत सलारपुर, संदहा, दीनापुर व लेधुपुर वार्ड शामिल किए गए हैं। सोयेपुर पोखरा के अंतर्गत रमदत्तपुर, रमरेपुर, सारनाथ, पांडेयपुर, खजूरी व हुकुलगंज वार्ड आते हैं। सारंगनाथ तालाब के अंतर्गत पहाड़िया, नई बस्ती, दानियालपुर व अकथा वार्ड के लोग विसर्जन व्यवस्था से जुड़ेंगे।

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सोमवार को भेलूपुर स्थित जलकल परिसर का औचक निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने भेलूपुर जलकल के अंदर बनने वाले पार्क का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में महापौर ने संकुलधारा पोखरा के पास बन रहे सुंदरीकरण कार्यों को देखा तथा विसर्जन के लिए संकुलधारा के पास बनाए गए कृत्रिम तालाब व अस्सी स्थित कुरुक्षेत्र पोखरे का भी जायजा लिया। इसके साथ ही, उन्होंने नगवाँ क्षेत्र में जल निगम द्वारा किए जा रहे सीवर लाइन कार्य का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को गति तेज करने के निर्देश दिए। ​महापौर ने विसर्जन के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को बारीकी से परखते हुए अधिकारियों को तय समय-सीमा में सभी कार्य पूरे करने की हिदायत दी।

उन्होंने सभी स्थलों पर प्रकाश की निर्बाध व्यवस्था कराने को कहा, ताकि रात में आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। घाटों और परिसरों की नियमित साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन और सुरक्षा के कड़े प्रबंध के भी निर्देश दिए गए। महापौर ने निर्देश दिया कि विसर्जन मार्ग से कुंडों के तट तक बैरिकेडिंग और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा और सुगमता के लिए प्रत्येक चयनित स्थल पर निगम की विशेष टीमें तैनात रहेंगी। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक (जलकल) अनूप सिंह , जलकल के सचिव सुधीर वर्मा मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र सहित अन्य लोग मौजूद थे ।

​जोनवार विसर्जन स्थल

भेलूपुर: जलकल कैम्पस के अंदर, विश्वसुंदरी पुल के नीचे, कुरुक्षेत्र पोखरा
दशाश्वमेध: लक्ष्मीकुंड
सारनाथ: रंगील दास पोखरा, सोयेपुर पोखरा, सारंग तालाब
ऋषिमांडवी: रेवागीरी पोखरी
वरुणापार: खडगपुर, शिवपुर
आदमपुर: मछोदरी
रामनगर: बलुआ घाट
कोतवाली: मंदागिनी कुंड, ईश्वरगंगी
​इन सभी स्थलों पर निगम पुख्ता इंतजाम कर रहा है, ताकि श्रद्धालु पूरी आस्था और सुरक्षा के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकें।

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