
वाराणसी मंडल में 85.76% किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी, चंदौली प्रदेश के टॉप-10 में
वाराणसी मंडल में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 85.76 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। चंदौली 94.89 प्रतिशत के साथ मंडल में पहले और प्रदेश के टॉप-10 जिलों में शामिल है। गाजीपुर, वाराणसी और जौनपुर में भी पंजीकरण जारी है। किसान यूपी फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल, मोबाइल ऐप, ग्राम पंचायतों में लगने वाले विशेष शिविरों और सीएससी सेंटर के माध्यम से अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं।
वाराणसी : किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से और समय पर उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार कृषि व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से जोड़ने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में वाराणसी मंडल में फार्मर रजिस्ट्री का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंडल में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष सितंबर 2026 तक 85.76 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।
सरकार का प्रयास है कि सभी पात्र किसानों को डिजिटल पहचान से जोड़कर कृषि संबंधी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया आसान बनाई जाए।वाराणसी मंडल में 19,96,875 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष सितंबर 2026 तक 17,12,517 किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। कृषि विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर लगाकर पात्र किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के साथ कृषि संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित किया जा रहा है।
डिजिटल रिकॉर्ड से फसल और सरकारी योजनाओं की निगरानी होगी आसान
वाराणसी के संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे को जोड़कर कृषि क्षेत्र का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। जीआईएस और सैटेलाइट मैपिंग के माध्यम से खेत, खतौनी और उसके भौगोलिक स्थान को फार्मर आईडी से जोड़ा जाएगा। इससे यह जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी कि किस खेत में कौन-सी फसल बोई गई है और उसका रकबा कितना है।
ई-पड़ताल के माध्यम से फसलों का सटीक रकबा दर्ज होने से कुल बुवाई क्षेत्र और संभावित उत्पादन का अनुमान लगाने में भी मदद मिलेगी। वहीं, किसान की भूमि और फसल संबंधी डिजिटल जानकारी उपलब्ध होने से बीज एवं उर्वरक सब्सिडी के वितरण, फसल बीमा और आपदा राहत के सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा। डिजिटल डेटाबेस से भविष्य में क्रॉप प्लानिंग में भी सहूलियत होगी।
तीन माध्यमों से किसान करा सकते हैं फार्मर रजिस्ट्री
संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि किसान तीन माध्यमों से फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। किसान स्वयं यूपी फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल या ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी और खतौनी जोड़कर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में राजस्व लेखपाल और कृषि विभाग की ओर से लगाए जा रहे विशेष शिविरों में भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। किसान नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर आधार और खतौनी के माध्यम से भी अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं।
चंदौली मंडल में पहले और प्रदेश में टॉप-10 में शामिल
फार्मर रजिस्ट्री के मामले में चंदौली 94.89 प्रतिशत पंजीकरण के साथ वाराणसी मंडल में पहले स्थान पर है। जिले ने इस उपलब्धि के साथ प्रदेश में भी टॉप-10 में जगह बनाई है। वहीं, गाजीपुर 89.49 प्रतिशत पंजीकरण के साथ दूसरे, वाराणसी 84.66 प्रतिशत के साथ तीसरे और जौनपुर 81.03 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है।
जिलावार फार्मर रजिस्ट्री का विवरण
जिला — लक्ष्य — पंजीकृत किसान — पंजीकरण प्रतिशत
चंदौली — 2,57,047 — 2,43,900 — 94.89%
गाजीपुर — 5,71,338 — 5,11,290 — 89.49%
वाराणसी — 2,89,190 — 2,44,833 — 84.66%
जौनपुर — 8,79,300 — 7,12,494 — 81.03%
योगी सरकार की इस पहल के तहत वाराणसी मंडल में किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेष शिविरों और ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से शेष किसानों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पात्र किसानों को कृषि संबंधी योजनाओं और सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।
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