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अखिलेश यादव पर ओम प्रकाश राजभर और BJP का हमला, अयोध्या चुनाव और JPNIC पर घेरा

लखनऊ में सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। राजभर ने अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए जहूराबाद से मुकाबले का भी न्योता दिया। वहीं, भाजपा ने जेपीएनआईसी परियोजना की बढ़ती लागत और अधूरे निर्माण को लेकर सवाल उठाए। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश के लोगों पर अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर भी सियासी विवाद तेज हो गया है।

लखनऊ : सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। जेपीएनआईसी के मुद्दे पर भी उन्होंने सपा प्रमुख को घेरते हुए कहा कि अखिलेश यादव को लीज और बिक्री का अंतर नहीं पता है।

‘अयोध्या से डर लग रहा तो जहूराबाद से चुनाव लड़ें अखिलेश’

राजभर ने कहा कि अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए अखिलेश यादव ने खुद चुनौती दी थी और अब मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार कर लिया है। अब अखिलेश को अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि वहां चुनाव लड़ने पर अखिलेश यादव की जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश अयोध्या से चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो जहूराबाद आकर उनसे मुकाबला कर सकते हैं।

‘200 करोड़ का प्रोजेक्ट 865 करोड़ तक पहुंचा, फिर भी अधूरा’

जेपीएनआईसी को बेचने के आरोप पर राजभर ने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि परियोजना की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, जो सपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 865 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, लेकिन परियोजना पूरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएनआईसी के आठ सदस्यों में सात अखिलेश यादव के करीबी थे और अखिलेश यादव खुद भी उसमें शामिल थे। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के होटल, क्लब और आय के अन्य स्रोतों पर अखिलेश यादव और उनके परिवार के लोगों का प्रभाव था।

राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जेपीएनआईसी को 30 साल की लीज पर दिया है। उन्होंने अखिलेश यादव के इसे बेचे जाने के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि लीज पर देने और संपत्ति बेचने में अंतर होता है।

‘अखिलेश अपने पांच साल के कार्यकाल को देखें’

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और इस मामले में उत्तर प्रदेश के लोगों को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख को अपने पांच साल के शासनकाल को भी देखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई पुलिस के साथ बदसलूकी करेगा तो क्या पुलिस उस पर फूल बरसाएगी? राजभर ने कहा कि पुलिस को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी होती है।

‘200 करोड़ की परियोजना पर 850 करोड़ खर्च, फिर भी अधूरा क्यों छोड़ा जेपीएनआईसी?’, बीजेपी का अखिलेश से सवाल

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। रविवार को अखिलेश यादव ने दिल्ली में जारी हिंसक प्रदर्शन के पीछे उत्तर प्रदेश के लोगों का हाथ बताया था। उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख ने प्रदेश के लोगों और नौजवानों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसके अलावा राकेश त्रिपाठी ने अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती और जेपीएनआईसी के मुद्दे पर भी अखिलेश को घेरा।

अखिलेश ने यूपी के लोगों का अपमान किया

राकेश त्रिपाठी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में संभावित हार को देखते हुए अखिलेश यादव बौखलाहट में बयान दे रहे हैं। हताशा और निराशा में वह ऊल-जुलूल बातें कर उत्तर प्रदेश के लोगों को अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश अब तक अपराधियों और आरोपियों की जाति और मजहब के आधार पर बयान देते थे, लेकिन अब क्षेत्र के आधार पर भी लोगों को अपमानित कर रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नौजवान इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मार ली है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई पूर्व मुख्यमंत्री अपने ही प्रदेश के लोगों को बदनाम कैसे कर सकता है।

अयोध्या से चुनाव लड़ें अखिलेश, नहीं तो मांगें माफी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने के मुद्दे पर राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव अपने ही बड़बोलेपन में फंस गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी, जिसे योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार करते हुए अखिलेश को भी अयोध्या से मैदान में उतरने का न्योता दे दिया।

राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अयोध्या से चुनाव लड़ने का साहस नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को या तो मुख्यमंत्री योगी की चुनौती स्वीकार कर अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए या सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए कि गलती से उनके मुंह से यह बात निकल गई थी।

जेपीएनआईसी पर अखिलेश को घेरा

लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव द्वारा जेपीएनआईसी का मुद्दा उठाए जाने पर राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी पर जेपी के सिद्धांतों, व्यवहार और आदर्शों को भुलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने आपातकाल के खिलाफ आंदोलन किया और कांग्रेस के विरोध में अपनी राजनीति की, लेकिन आज समाजवादी पार्टी उनके सिद्धांतों को भुला चुकी है।

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि जेपी के नाम पर अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने के बहाने अखिलेश यादव ने अपनी तिजोरी भरी। संचालन समिति में अपने परिवार के सदस्यों को रखा ताकि जीवन भर भ्रष्टाचार किया जा सके। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि आखिर 200 करोड़ में बनने वाला जेपीएनआईसी 850 करोड़ खर्च करने के बाद अधूरा क्यों छोड़ा गया।

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