वाराणसी में मांस-मछली की दुकानों पर बड़ा आदेश, नवरात्र से एयर शो तक रहेगी पाबंदी
वाराणसी में शारदीय नवरात्र के दौरान 11 से 19 अक्टूबर तक मांस, मछली और मुर्गी की दुकानें बंद रहेंगी। नगर निगम ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश जारी किया है। वहीं, नमो घाट पर भारतीय वायु सेना के एरियल डिस्प्ले-2026 के मद्देनजर 19 से 26 अक्टूबर तक 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में मांस-मछली की बिक्री और कटिंग पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।
वाराणसी: नवरात्र में शहर की सभी मांस-मछली की दुकानें बंद रहेंगी। नगर निगम ने यह आदेश श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया है। इसके अलावा शासनादेश के तहत किसी भी धार्मिक स्थल या मंदिर के 500 मीटर के परिक्षेत्र में तथा निगम सदन के प्रस्ताव के अनुपालन में श्री काशी विश्वनाथ धाम को केंद्र मानकर दो किलोमीटर की परिधि में मांस की बिक्री, उपयोग और पशुवध पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है। ऐसे में 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक शहर की सभी मांस, मछली और मुर्गी की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसका कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। इस क्रम में सभी जोन के कर्मचारियों को सघन अभियान चलाकर आदेशों का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, और शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसी के साथ भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर काशी के नमो घाट पर आयोजित होने वाले भव्य ‘एरियल डिस्प्ले-2026’ को शासन ने ‘स्टेट इवेंट’ घोषित किया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और भी बढ़ा दी है। 22, 23 और 25 अक्टूबर को होने वाले इस ऐतिहासिक एयर शो (26 अक्टूबर रिजर्व डे) के मद्देनजर फाइटर जेट्स की सुरक्षा और ‘बर्ड-हिट’ की आशंका को पूरी तरह खत्म करने के लिए नमो घाट के 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में 19 से 26 अक्टूबर तक मांस-मछली की बिक्री और कटिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के मुताबिक, इस एक हफ्ते के दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों की गतिविधियों को रोकने के लिए निगम विशेष स्वच्छता अभियान चलाएगा। गंगा घाटों पर जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए नदी के गहरे जल क्षेत्रों में प्रभावी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं, तथा संवेदनशील मार्गों पर अवरोधक रहेंगे ताकि दर्शक अनियंत्रित होकर गहरे पानी में न जाएं। इसके अलावा पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में मोबाइल टॉयलेट स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार, जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन इस महाआयोजन को पूरी तरह सुरक्षित, सुचारू और ऐतिहासिक बनाने के लिए युद्धस्तर पर जुटे हैं।
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