यूपी के हुनर की ग्लोबल उड़ान, 85 देशों के खरीदारों के बीच चमकेंगे प्रदेश के उत्पाद
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होगा। यूपीआईटीएस-2026 में 2,400 से अधिक प्रदर्शक, 85 देशों के 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार और लाखों आगंतुक शामिल होंगे। ओडीओपी, एमएसएमई, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल, आईटी और आधुनिक उद्योगों के उत्पाद प्रदर्शित होंगे। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ के जरिए यूपी की सांस्कृतिक और पाक विरासत को भी वैश्विक मंच मिलेगा।
ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक हुनर और आधुनिक औद्योगिक क्षमता को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 का चौथा संस्करण शुक्रवार से ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में शुरू होगा। 25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस पांच दिवसीय आयोजन में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, कारोबारी, कृषि, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण और सेवा क्षेत्र की व्यापक तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत की जाएगी। आयोजन में 2400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.5 लाख से अधिक बी2बी खरीदारों एवं आगंतुकों, 4.5 लाख से अधिक सामान्य आगंतुकों तथा 85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की उम्मीद है।
यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण केवल व्यापारिक प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कारोबार, निवेश, नवाचार, तकनीक, संस्कृति, खान-पान और उपभोक्ता सहभागिता को एक मंच पर लाने की तैयारी है। आयोजन में उत्तर प्रदेश के एमएसएमई, ओडीओपी इकाइयां, स्टार्टअप, निर्यातक, कारीगर और बड़े उद्योग अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तथा निवेशकों के सामने अपने उत्पाद और सेवाएं प्रस्तुत करेंगे।
अमित शाह और योगी आदित्यनाथ करेंगे उद्घाटन
यूपीआईटीएस-2026 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। समापन सत्र में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की जानकारी भी दी गई है। आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।
प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। सरकार का प्रयास ऐसा कारोबारी वातावरण तैयार करना है, जिसमें उद्यमी अपने कारोबार का विस्तार कर सकें, नवाचार को बढ़ावा दे सकें और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें। उनके अनुसार यूपीआईटीएस स्थानीय उद्यमों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने के साथ निवेश, कारोबार विस्तार और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा।
छह देशों की भागीदारी, 72 देशों से खरीदारों का पंजीकरण
इस बार यूपीआईटीएस का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और व्यापक किया गया है। आयोजन में ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम पार्टनर देशों के रूप में भाग ले रहे हैं। इनके प्रतिनिधियों और कारोबारियों की मौजूदगी से व्यापारिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग, सोर्सिंग, निवेश और नए बाजारों तक पहुंच के अवसर बनने की उम्मीद है।
आयोजन से पहले ही 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) के होस्टेड बायर प्रोग्राम के माध्यम से आयातकों, वितरकों, रिटेलर्स, सोर्सिंग एजेंट्स, प्रोक्योरमेंट प्रमुखों और व्यापारिक संस्थानों को जोड़ा जा रहा है। बी2बी मैचमेकिंग और नेटवर्किंग के माध्यम से खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच सीधे कारोबारी संवाद की व्यवस्था की गई है।
27 से अधिक क्षेत्रों की दिखाई देगी तस्वीर
ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लगभग हर प्रमुख क्षेत्र को प्रतिनिधित्व दिया गया है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटो कंपोनेंट्स, एविएशन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स, आईटी, स्मार्ट सिटी समाधान, फिल्म एवं मनोरंजन, मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, एफएमसीजी, बागवानी, हैंडलूम, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, स्वास्थ्य, आयुष, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल उपकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, रियल एस्टेट, लेदर, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, खेल, खिलौने, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, कौशल विकास, पैकेजिंग, प्रिंटिंग तथा जल एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र प्रदर्शनी का हिस्सा होंगे।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ बनेगा नया आकर्षण
यूपीआईटीएस-2026 में इस बार ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ को विशेष पहचान दी जा रही है। ओडीओपी के साथ प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजन, स्थानीय खाद्य उत्पाद और पाक विरासत को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। इससे प्रदेश की कारोबारी पहचान के साथ उसकी सांस्कृतिक और पाक विविधता भी विदेशी खरीदारों और आगंतुकों तक पहुंचाने का प्रयास होगा।
बिजनौर की काष्ठ कला से लेकर हर्बल टी तक का प्रदर्शन
ट्रेड शो में बिजनौर के पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने रखने की तैयारी है। जिले से 10 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों, निर्यातकों और हस्तशिल्पियों का चयन किया गया है।
नगीना की प्रसिद्ध काष्ठ नक्काशी और शीशम की लकड़ी से तैयार हस्तशिल्प प्रमुख आकर्षण होंगे। वुडन हैंडीक्राफ्ट क्षेत्र में आरके हैंडीक्राफ्ट, श्री जी क्राफ्ट और हैंडओवर इंटरनेशनल जैसी इकाइयां अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।
इसके अलावा स्टोन हैंडीक्राफ्ट में मलिहार तथा नगीना क्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी, टेक्सटाइल क्षेत्र में ए टू एफ टेक्सटाइल और हेयर फैशन के क्षेत्र में हेयर फैशन इंडिया की प्रीमियम विग रेंज प्रदर्शित की जाएगी।
खाद्य और कृषि आधारित उत्पादों में विदुर हर्बल टी, व्हाइट बीटरूट जैगरी यानी चुकंदर से बना गुड़, साइलेज, बतीसा, सोहनपापड़ी और खस्ता गजक भी विदेशी और घरेलू खरीदारों के सामने रखे जाएंगे।
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त उद्योग अमित कुमार के अनुसार चयनित इकाइयों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और विभाग का प्रयास इन्हें बड़े निर्यातकों तथा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ना है।
अमरोहा की ढोलक की थाप भी पहुंचेगी वैश्विक बाजार तक
अमरोहा के पारंपरिक शिल्प और स्थानीय उत्पाद भी यूपीआईटीएस में अपनी पहचान बनाएंगे। जिले से छह प्रमुख इकाइयों और उद्यमियों का चयन किया गया है। इनमें जीआई टैग प्राप्त ढोलक, अमरोहा का प्रसिद्ध सेव, हैंडलूम उत्पाद, वुडन हैंडीक्राफ्ट और कंबल शामिल हैं।
हॉल नंबर 11 में जीआई टैग श्रेणी के तहत आम और शीशम की लकड़ी से तैयार हस्तनिर्मित ढोलक प्रदर्शित की जाएगी। वहीं हॉल नंबर 16 में अमरोहा का प्रसिद्ध सेव विदेशी आगंतुकों और खरीदारों को आकर्षित करेगा। टेक्सटाइल और हैंडलूम उत्पादों के साथ वुडन क्राफ्ट और वूलन उत्पादों को भी अलग-अलग हॉल में प्रदर्शित किया जाएगा।
ब्रज की ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार
यूपीआईटीएस में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ब्रज क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी। आगरा मंडल से स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
फिरोजाबाद की महिलाओं द्वारा तैयार कांच के सजावटी उत्पाद, मथुरा की महिलाओं के मिट्टी के बर्तन, तुलसी गमले और फ्लावर पॉट तथा मैनपुरी की महिलाओं द्वारा तैयार आर्टिफिशियल ज्वेलरी, टेडीबियर और जूट बैग प्रदर्शित किए जाएंगे।
इस मंच के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को उत्पादों की बिक्री और नए बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाओं जैसे समूह गठन, बीसी सखी और विद्युत सखी की जानकारी भी दी जाएगी।
पहली बार ‘स्किल मंच’, लाइव डेमो से समझेंगे युवा
यूपीआईटीएस-2026 में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का पवेलियन भी खास आकर्षण होगा। पहली बार ‘स्किल मंच’ की शुरुआत की जा रही है, जहां शिक्षाविद, कौशल विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और सॉफ्ट स्किल कम्युनिकेटर युवाओं से संवाद करेंगे।
पवेलियन में 16 कौशल स्टॉल लगाए जाएंगे। पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक और उभरते कौशलों के लाइव डेमो होंगे। आगंतुक केवल प्रदर्शन देखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से संबंधित कौशल को स्वयं करके समझ सकेंगे।
कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर आगे बढ़े युवा उद्यमी भी अपनी सफलता की कहानियां साझा करेंगे। इससे युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी मिलेगी।
स्मार्ट सिंचाई और जल प्रबंधन का मॉडल भी होगा प्रदर्शित
ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश की आधुनिक सिंचाई व्यवस्था और जल प्रबंधन तकनीक भी प्रदर्शित की जाएगी। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के पवेलियन में लाइव इंजीनियरिंग मॉडल के माध्यम से प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की कार्यप्रणाली दिखाई जाएगी।
विभाग के अनुसार पिछले साढ़े नौ वर्षों में 17.29 लाख हेक्टेयर नया सिंचाई क्षेत्र विकसित हुआ और 2.19 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र पुनर्स्थापित किया गया। इस तरह कुल 19.48 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र के विस्तार या पुनर्स्थापन की जानकारी प्रदर्शनी में दी जाएगी।
स्मार्ट जल प्रबंधन के लिए स्काडा, एआई और आईओटी जैसी तकनीकों के उपयोग को भी प्रदर्शित किया जाएगा। विभाग के अनुसार 15 प्रमुख बांधों और बैराजों पर स्काडा सिस्टम स्थापित किए गए हैं, जिससे नियंत्रण कक्ष से इलेक्ट्रॉनिक संचालन और रियल टाइम डेटा की निगरानी संभव है। बाढ़ नियंत्रण, ड्रेजिंग, स्प्रिंकलर सिंचाई और सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई से जुड़े मॉडल भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगे।
कारोबार के साथ ज्ञान और नवाचार पर भी जोर
पांच दिवसीय आयोजन में बी2बी बैठकें, बिजनेस एंगेजमेंट, नॉलेज सेशन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव परफॉर्मेंस, अवॉर्ड, फैशन शो और लेजर शो होंगे। नॉलेज सेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रेड, फूड प्रोसेसिंग, एमएसएमई और वैश्विक मुक्त व्यापार समझौतों जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
इससे कारोबारियों, निवेशकों, स्टार्टअप और उद्योग प्रतिनिधियों को बाजार की बदलती जरूरतों, तकनीकी बदलाव और संभावित कारोबारी साझेदारियों पर संवाद का अवसर मिलेगा।
पिछले संस्करण की उपलब्धियों से बढ़ा आयोजन का दायरा
यूपीआईटीएस-2026 पिछले तीन संस्करणों की उपलब्धियों के आधार पर आगे बढ़ रहा है। 2025 के संस्करण में 5,07,099 आगंतुक, 1,40,735 बी2बी आगंतुक और 2,228 प्रदर्शक शामिल हुए थे। 35 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में आयोजित इस संस्करण में 85 देशों के 550 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी हुई थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2,400 से अधिक एमओयू के माध्यम से ₹1,882 करोड़ और ₹11,200 करोड़ से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी दर्ज की गई थी।
2026 के संस्करण के लिए सरकार ने कारोबारी कनेक्ट और अंतरराष्ट्रीय बाजार पहुंच को और बढ़ाने पर जोर दिया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार इस वर्ष 4,000 से अधिक एमओयू और ₹3,200 करोड़ से अधिक प्रस्तावित मूल्य का लक्ष्य तथा ₹13,500 करोड़ से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी का अनुमान भी सामने आया है। ये लक्ष्य हैं, उपलब्धियां नहीं।
डिजिटल मैचमेकिंग से पहले से तय हो सकेंगी कारोबारी बैठकें
यूपीआईटीएस-2026 में डिजिटल सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। यूपीआईटीएस ऐप के माध्यम से खरीदार और प्रदर्शक संभावित कारोबारी अवसरों की पहचान कर सकेंगे तथा बी2बी बैठकों को पहले से निर्धारित कर सकेंगे। डिजिटल मैचमेकिंग से प्रदर्शकों और खरीदारों को अपनी व्यावसायिक बैठकों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद
यूपीआईटीएस शुरू होने से पहले गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और वीवीआईपी मूवमेंट की तैयारियों की समीक्षा की है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को शेष तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल, यातायात डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से अग्निशमन, खाद्य सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति, हेलीपैड, चिकित्सा, एंबुलेंस, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है। अधिकारियों को आयोजन के दौरान अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय से वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने की कोशिश
यूपीआईटीएस-2026 का व्यापक उद्देश्य उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को सीधे बड़े बाजारों से जोड़ना है। नगीना की काष्ठ कला, अमरोहा की ढोलक, ब्रज की ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद, स्थानीय खाद्य पदार्थ, टेक्सटाइल और हस्तशिल्प से लेकर इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, आईटी और आधुनिक विनिर्माण तक-एक ही मंच पर प्रदेश की पारंपरिक और आधुनिक आर्थिक क्षमता दिखाई देगी।
ऐसे में पांच दिन तक चलने वाला यह आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि खरीदारों, उत्पादकों, निवेशकों, निर्यातकों, स्टार्टअप और उपभोक्ताओं के बीच कारोबारी संपर्क का बड़ा मंच बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार और आयोजन से जुड़े संस्थानों की ओर से इसे राज्य के उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में प्रस्तुत किया गया है।



