न सिफारिश, न लेनदेन, मेहनत के दम पर मिली यूपी पुलिस में नौकरी, CM योगी ने सौंपे नियुक्ति पत्र
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 में चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र सौंपे। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में नवचयनित अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत, योग्यता और परिवार के सहयोग को दिया। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बताते हुए कहा कि चयन के दौरान उन्हें न सिफारिश की जरूरत पड़ी और न किसी तरह का लेनदेन करना पड़ा। नियुक्ति पत्र मिलने पर अभ्यर्थियों ने खुशी और गर्व व्यक्त किया।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिल उठे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि मेहनत और योग्यता के आधार पर नौकरी मिलने से उनका वर्षों का सपना पूरा हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बताते हुए योगी सरकार की सराहना की।
मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को मिली सफलता
लखनऊ निवासी संजीव वर्मा का चयन उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि परीक्षा 2 नवंबर 2025 को हुई थी और मार्च 2026 में परिणाम आया। संजीव ने कहा कि पूरी नियुक्ति निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से हुई है। मेहनत करने वालों को सफलता मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। लखीमपुर खीरी निवासी रजत गुप्ता ने बताया कि उनका चयन भी उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। यूपी पुलिस में यह उनका दूसरा चयन है। वर्ष 2020 में वह आरक्षी पद पर चयनित हुए थे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में भर्तियां निष्पक्ष हो रही हैं। लिखित परीक्षा, टाइपिंग और मेडिकल की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता रही।
केवल फॉर्म भरने में खर्च किया था पैसा
वहीं, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक पद पर चयनित अंजू भारती ने कहा कि उनका चयन बिना किसी पक्षपात, लेनदेन और सिफारिश के हुआ है। उन्हें केवल फॉर्म भरने में पैसा खर्च किया था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में बिना सिफारिश नौकरी मिलना संभव हो रहा है। इसी पद पर चयनित आदर्श कुमार जैन ने भी भर्ती को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) पद पर चयनित दर्शना बाजपेयी ने कहा कि भर्ती में कहीं भी सिफारिश या लेनदेन की जरूरत नहीं पड़ी। उन्हें केवल योग्यता के आधार पर नियुक्ति मिली है। दर्शना बाजपेयी ने बताया कि तीन साल की तैयारी के बाद मिली सफलता उनके और परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी।
मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने की है खुशी
पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद पर चयनित धीरेंद्र सिंह ने बताया कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। 5 साल से तैयारी कर रहे थे, अब जाकर सफलता मिली है। आज बहुत खुशी का दिन है, मुख्यमंत्री जी के हाथों नियुक्ति पत्र मिला है। सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक (लिपिक) के पद पर उनका चयन हुआ है। पूरी भर्ती निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराई गई है। 2021 से लगातार तैयारी कर रहे थे, आज नियुक्ति पत्र पाकर बहुत अच्छा लग रहा है।
नवचयनित अभ्यर्थी बोले- न सिफारिश की जरूरत पड़ी, न करना पड़ा कोई लेनदेन
किसी के माता-पिता ने खाकी पहनने का सपना देखा था तो कोई वर्षों से खुद इस दिन का इंतजार कर रहा था। रविवार को नियुक्ति पत्र हाथ में आया तो नवचयनित अभ्यर्थियों की खुशी छलक पड़ी। अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती में न सिफारिश की जरूरत पड़ी और न किसी तरह का लेनदेन करना पड़ा। मेहनत और काबिलियत के बूते उन्हें यूपी पुलिस का हिस्सा बनने का मौका मिला।
सहायक उपनिरीक्षक के पद पर चयनित लखनऊ की दर्शना बाजपेई ने कहा कि उन्हें अपनी पढ़ाई पर पूरा भरोसा था। भर्ती प्रक्रिया में कहीं भी लेनदेन या किसी की सहायता लेने की जरूरत नहीं पड़ी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही। अब वह पूरी ऊर्जा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में भर्ती व्यवस्था पर प्रसन्नता जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
खाकी पहनने का सपना हुआ साकार
लखनऊ के संजीव वर्मा ने कहा कि खाकी पहनना उनका सपना था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में यह सपना पूरा हुआ। बिना भेदभाव और रिश्वत के काबिलियत के आधार पर उनका चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती से प्रदेश के युवाओं को अपनी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा और भ्रष्टाचार व रिश्वत से मुक्त होकर काम करने का प्रोत्साहन मिलेगा।
माता-पिता ने देखा था सपना
उपनिरीक्षक गोपनीय के पद पर चयनित लखनऊ की रुचि यादव ने कहा कि उनके माता-पिता ने यह सपना देखा था, जिसे पूरा होने का सौभाग्य मिला है। यहां तक पहुंचाने में माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षकों और मित्रों का सहयोग रहा। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री योगी और पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारियों का धन्यवाद किया।
मेहनत को सही माहौल मिले तो पूरे होते हैं सपने
सहायक उपनिरीक्षक लिपिक के पद पर चयनित लखनऊ की स्वाति भट्ट ने कहा कि नियुक्ति पत्र हाथ में लेकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। जब मेहनत को निष्पक्ष और सही वातावरण मिलता है, तभी सपने पूरे होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने और अपने परिवार की ओर से धन्यवाद और शुभकामनाएं दीं।
इन अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में अमेठी के अमित सिंह, बाराबंकी की रिया मौर्या, कानपुर शहर की नीलम निषाद, लखनऊ की दर्शना बाजपेई, वाराणसी के विशाल कुमार गौड़, कानपुर देहात के आलोक कुमार पाल, झांसी के अनुराग खटीक, मैनपुरी के मोहम्मद आमिर, जालौन के सिद्धार्थ सक्सेना, झांसी के आदर्श कुमार जैन, लखीमपुर खीरी के रजत गुप्ता, उन्नाव की अंजू भारती, रायबरेली के अभिषेक सिंह चौहान, महराजगंज के सागर चौरसिया, मेरठ के मनीष यादव, प्रतापगढ़ के विकास कुमार पटेल, बांदा के धीरेन्द्र सिंह और लखनऊ के संजीव वर्मा, सिद्धार्थ श्रीवास्तव व हिमांशु शुक्ला को नियुक्ति पत्र सौंपे।
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