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‘मन की बात’ में मोदी ने सराहा देश का जज्बा, कहा-छोटे प्रयास ही बनते हैं बड़े बदलाव की ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भारतीय इतिहास को रोचक बनाने की पहल, नशामुक्त युवा अभियान, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक खेती और अंतरिक्ष विज्ञान पर चर्चा की। उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना से लाभान्वित महिलाओं, नागालैंड की फूल उत्पादक महिला, ओडिशा की वन संरक्षण से जुड़ी महिलाओं और मिशन शक्तिसैट का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने त्योहारों के मौसम में वोकल फॉर लोकल अपनाने की भी अपील की।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नए एपिसोड में देशवासियों से नवाचार, इतिहास, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान और तकनीक, किसानों की आय तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की। प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आए प्रेरक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटे स्तर पर शुरू हुई पहल भी समाज में बड़े बदलाव का माध्यम बन सकती है।

इतिहास को रोचक बनाने की पहल की सराहना

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने मुंबई निवासी कृष्णा शेषाद्री द्वारा भारतीय इतिहास को तकनीक के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने के प्रयास की विशेष चर्चा की। कृष्णा शेषाद्री ने एक ऐसी वेबसाइट विकसित की है, जिसके माध्यम से किसी भी वर्ष का चयन कर यह जाना जा सकता है कि उस समय भारत के विभिन्न हिस्सों में किसका शासन था।

प्रधानमंत्री ने कृष्णा शेषाद्री से बातचीत करते हुए उनके इस प्रयास को रोचक बताया। शेषाद्री ने कहा कि वह न तो इतिहास के शिक्षक हैं और न ही मूल रूप से इतिहास के पेशेवर विशेषज्ञ, बल्कि इंजीनियरिंग और प्रबंधन की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं। इसके बावजूद बचपन से इतिहास में उनकी गहरी रुचि रही है।

उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास को अक्सर कुछ चुनिंदा साम्राज्यों और राजवंशों के दृष्टिकोण से पढ़ाया जाता है, जबकि चोल, पल्लव, कर्कोट, अहोम और अनेक अन्य महत्वपूर्ण राजवंशों के योगदान के बारे में आम लोगों को अपेक्षाकृत कम जानकारी मिलती है।

प्रधानमंत्री ने वेबसाइट पर लोगों के सुझाव और सुधार आमंत्रित करने की व्यवस्था की भी सराहना की। कृष्णा शेषाद्री ने बताया कि उन्हें लगातार दो तरह के सुझाव मिलते हैं-एक, ऐतिहासिक तथ्यों में सुधार से संबंधित और दूसरे, वेबसाइट में नए फीचर जोड़ने के संबंध में। उनका उद्देश्य इतिहास को अधिक रोचक और सहभागिता आधारित विषय बनाना है।

नशामुक्त युवा के लिए रचनात्मक अभियान का आह्वान

प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।

उन्होंने युवाओं, संगीतकारों, विद्यार्थियों, रंगकर्मियों और कंटेंट क्रिएटर्स से नशे के खिलाफ प्रभावशाली और रचनात्मक सामग्री तैयार करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गीत, लघु नाटक और विभिन्न भारतीय भाषाओं में तैयार किया गया जागरूकता संबंधी कंटेंट समाज पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

उन्होंने लोगों से अपने प्रयासों को #नशा_मुक्त_युवा के साथ सोशल मीडिया पर साझा करने की भी अपील की।

अगस्त में देशभक्ति के रंगों का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगस्त का महीना देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण तिथियों के कारण विशेष महत्व रखता है। उन्होंने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि इस बार करोड़ों लोगों ने तिरंगे के साथ अपनी तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने ‘सूर्यपथ तिरंगा’ पहल का भी जिक्र किया, जिसके तहत दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भारतीय मिशनों और केंद्रों पर तिरंगा फहराया गया।उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास देशवासियों को एक सूत्र में पिरोते हैं और राष्ट्र के साथ जुड़ाव को और मजबूत करते हैं।

पीएम स्वनिधि योजना से लाखों महिलाओं को मिली ताकत

प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना को महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के लाभार्थियों में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं, जो छोटी पूंजी की मदद से अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।

उन्होंने गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उदाहरण देते हुए बताया कि पूजा सामग्री का छोटा कारोबार करने वाली बबीता को योजना से आर्थिक सहयोग मिला। इसके बाद उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया और धीरे-धीरे सड़क किनारे का छोटा स्टॉल दुकान के रूप में विकसित हो गया।

इसी तरह बेंगलुरु की टी.एस. निन्गम्मा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने पति के साथ इडली, डोसा और सांभर का छोटा कारोबार शुरू किया था। पीएम स्वनिधि योजना से सहयोग मिलने के बाद उन्होंने अपनी व्यवस्था बेहतर की, सामान थोक में खरीदना शुरू किया और अपने मेन्यू का विस्तार किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी महिला का कारोबार आगे बढ़ता है तो उसका लाभ पूरे परिवार को मिलता है। बच्चों की शिक्षा बेहतर होती है, परिवार की जरूरतें पूरी होती हैं और महिलाओं का आत्मविश्वास मजबूत होता है।

रामपुर के युवाओं की ‘क्लीन-अप पटवाई’ पहल

स्वच्छता के विषय पर प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवाई गांव के दो युवाओं—आकाश और रोहन—की पहल का उल्लेख किया।उन्होंने बताया कि दोनों युवाओं ने अपने आसपास फैली गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। धीरे-धीरे अन्य युवा भी उनके साथ जुड़ते गए और ‘क्लीन-अप पटवाई’ नाम से एक टीम बन गई।

प्रधानमंत्री के अनुसार, यह समूह कई गंगा घाटों की सफाई कर चुका है और बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा हटाने के साथ तालाबों एवं सार्वजनिक स्थलों की सफाई में भी योगदान दे रहा है।उन्होंने कहा कि जब स्वच्छता किसी सरकारी अभियान तक सीमित न रहकर स्थानीय लोगों का अपना संकल्प बन जाती है, तो उस स्थान की पहचान बदलने लगती है।

अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता और जनभागीदारी की मिसाल

प्रधानमंत्री ने श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान किए गए स्वच्छता प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में हजारों स्वच्छता कर्मियों ने सेवा दी और बड़ी मात्रा में कचरे का संग्रह एवं प्रसंस्करण किया गया।उन्होंने यात्रियों की भागीदारी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्वच्छता का संकल्प लिया और जिम्मेदार यात्री के रूप में अभियान में भागीदारी की।

प्रधानमंत्री ने यात्रा के दौरान घोड़ों और खच्चरों के गोबर से बायोगैस तैयार कर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश मिलता है कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।

नागालैंड की वेसालु पुरो ने फूलों की खेती से बनाई नई राह

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने नागालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो की प्रेरक कहानी भी साझा की। किसान परिवार से आने वाली वेसालु को बचपन से फूलों में रुचि थी।उन्होंने वर्ष 2021 में छोटे स्तर पर फूलों की खेती शुरू की। बाद में स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त किया और सीमित जमीन पर ग्लैडियोलस की खेती की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री ने बताया कि शुरुआती सफलता के बाद उन्होंने इस काम का विस्तार किया और आज उनके फूल स्थानीय बाजारों के साथ अन्य बड़े शहरों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि रुचि, मेहनत और सही मार्गदर्शन का मेल किसी छोटे शौक को भी रोजगार और नई संभावनाओं में बदल सकता है।

जंगल संरक्षण के साथ महिलाओं की आजीविका

प्रधानमंत्री ने ओडिशा के देबरीगढ़ क्षेत्र के धोड़रोकुसुम गांव की महिलाओं के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गांव की मैथिली भुए और अन्य परिवारों का जीवन लंबे समय तक जंगल पर निर्भर रहा। बाद में इको-टूरिज्म से जुड़ने के बाद जंगल के साथ उनका संबंध संरक्षण और आजीविका के नए मॉडल में बदलने लगा। आज अनेक महिलाएं वन्यजीव संरक्षण, घास के मैदानों के विकास और इको-टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियों में योगदान दे रही हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उदाहरण साबित करता है कि प्रकृति की रक्षा और स्थानीय समुदाय की आर्थिक समृद्धि साथ-साथ आगे बढ़ सकती है।

मिशन शक्तिसैट से अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की उड़ान

प्रधानमंत्री ने Mission ShaktiSAT का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से विभिन्न देशों की हजारों छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और नवाचार के क्षेत्र में सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर मिशन के अगले चरण की शुरुआत का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्राओं की भागीदारी को विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में मजबूत करना है। इस कार्यक्रम के तहत छात्राओं की सहभागिता से सैटेलाइट तैयार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल आने वाले समय में विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में बेटियों की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाएगी।

एवोकाडो की खेती से किसानों को नई संभावनाएं

प्रधानमंत्री ने आधुनिक और वैकल्पिक खेती के रूप में एवोकाडो उत्पादन की बढ़ती संभावनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के कडपा के एक किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि पारंपरिक फसलों के साथ नई फसल की खेती अपनाकर किसानों ने अपनी आय के नए स्रोत विकसित किए हैं।तमिलनाडु और कर्नाटक के किसानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में एवोकाडो को अन्य फसलों और बागानों के साथ भी उगाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक जानकारी, नई फसलों के प्रयोग और सीधे बाजार से जुड़ाव के माध्यम से किसान अपनी आय के नए अवसर तलाश सकते हैं।

महानायक उत्तम कुमार को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने महान अभिनेता उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार अपनी बहुमुखी अभिनय प्रतिभा, सहजता और भावनात्मक गहराई के लिए जाने जाते थे। प्रधानमंत्री ने उनके जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने अपने काम पर ध्यान बनाए रखा और अंततः भारतीय सिनेमा में एक विशिष्ट स्थान बनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तम कुमार का जीवन कभी हार न मानने और निरंतर प्रयास करते रहने की प्रेरणा देता है।

त्योहारों के मौसम में ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

प्रधानमंत्री ने आने वाले त्योहारों का उल्लेख करते हुए देशवासियों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को अपनाने की अपील की।उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना केवल कुछ विशेष वस्तुओं तक सीमित नहीं होना चाहिए। घर के लिए खरीदारी करते समय लोगों को भारत में निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने पर विचार करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता का मार्ग देश में बने उत्पादों के प्रति गर्व और उनके अधिक उपयोग से मजबूत होगा।उन्होंने रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों, प्रभावशाली व्यक्तियों और अन्य नागरिकों से भी स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की।

छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव का संदेश

कार्यक्रम के समापन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे अनेक लोग हैं, जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में महत्वपूर्ण बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास के ऐसे प्रेरक लोगों और प्रयासों की जानकारी ‘मन की बात’ के लिए साझा करें।

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