जापान संग यूपी की नई उड़ान, निवेश-रोजगार और पर्यटन को योगी ने दी रफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों के निवेश, युवाओं के रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट यूपी व संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने यीडा में प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण जल्द पूरा करने और इन्वेस्ट यूपी में यामानाशी-जापान डेस्क बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु को जोड़ते हुए बौद्ध पर्यटन सर्किट विकसित करने तथा जापानी भाषा और कौशल प्रशिक्षण बढ़ाने पर जोर दिया।
लखनऊ। जापान से उत्तर प्रदेश के रिश्तों को निवेश, रोजगार और पर्यटन के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जापानी निवेश को बढ़ावा देने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने और उत्तर प्रदेश के बौद्ध पर्यटन स्थलों को जापानी पर्यटकों से जोड़ने की कार्ययोजना की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि पहली बार 240 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल का उत्तर प्रदेश आगमन दोनों देशों के बीच सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जापान से आए अतिथियों ने प्रदेश में हुए सकारात्मक बदलावों की सराहना की है। ऐसे में जापान और उत्तर प्रदेश के बीच निरंतर संवाद बनाए रखते हुए निवेश के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान हुए एमओयू की प्रगति की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। अधिकारियों ने बताया कि दौरे में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, तकनीक, कौशल विकास, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर रहा।
जापानी सिटी के लिए 350 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण पूरा
मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कुल 500 एकड़ भूमि में से 350 एकड़ से अधिक का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
जापान के वैश्विक आयोजनों में यूपी का प्रतिनिधिमंडल भेजने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान में सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में होने वाले विभिन्न वैश्विक आयोजनों में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल भेजा जाए। इसमें मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्योगपति और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को और विस्तार दिया जा सके।
उन्होंने जापानी भाषा प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। यामानाशी प्रांत समेत जापान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
इन्वेस्ट यूपी में बनेगा यामानाशी-जापान डेस्क
मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी में अलग से यामानाशी-जापान डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए। यह डेस्क जापान के साथ निरंतर संवाद, निवेश संबंधी समन्वय और सहयोग की गतिविधियों को आगे बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री ने इस डेस्क की प्रगति की प्रत्येक तीन माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
सारनाथ-कुशीनगर समेत बौद्ध स्थलों के लिए बनेगा विशेष रूट
जापानी पर्यटकों को उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों तक बेहतर सुविधाओं के साथ पहुंचाने पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने ऐसा पर्यटन रूट विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे पर्यटक एक ही यात्रा में सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु समेत अधिक से अधिक बौद्ध स्थलों का भ्रमण कर सकें। उन्होंने बौद्ध सर्किट में पर्यटन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
नारा और सारनाथ के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनेस्को ने सारनाथ की तरह जापान के नारा को भी विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है। दोनों ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के बीच परस्पर सांस्कृतिक संबंध विकसित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रांत के टूर ऑपरेटरों के बीच समन्वय बढ़ाकर द्विपक्षीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। साथ ही आगामी ट्रेड शो में जापानी विशेषज्ञों के साथ विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के युवाओं और उद्यमियों को जापान के विशेषज्ञों के अनुभव एवं तकनीकी ज्ञान का लाभ मिल सके।
“भाषिणी” ने यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में तोड़ी भाषा की दीवार, योगी सरकार के ग्लोबल इन्वेस्टमेंट विजन को मिला एआई का साथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार तकनीक और नवाचार का प्रभावी इस्तेमाल कर रही है। इसी कड़ी में आयोजित यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित बहुभाषी प्लेटफॉर्म ‘भाषिणी’ ने भारत और जापान के निवेशकों एवं हितधारकों के बीच भाषा की बाधा को दूर कर संवाद को और अधिक सहज एवं प्रभावी बना दिया।
उत्तर प्रदेश की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी ने भारत सरकार के एआई-संचालित बहुभाषी प्लेटफॉर्म भाषिणी के साथ विशेष तकनीकी सहयोग किया। सम्मेलन में इसका सफल प्रयोग हुआ, जहां हिंदी, अंग्रेजी और जापानी भाषाओं के बीच रियल-टाइम स्पीच-टू-टेक्स्ट और अनुवाद की सुविधा ने दोनों देशों के प्रतिनिधियों को अपनी भाषा में संवाद और विचारों को समझने में मदद की।
मुख्यमंत्री योगी के हिंदी संबोधन का रियल-टाइम जापानी अनुवाद
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब हिंदी में अपना संबोधन दिया, तो भाषिणी के ‘श्रुतलेख’ (Shrutlekh) फीचर के माध्यम से उनके भाषण का रियल-टाइम ट्रांसक्रिप्शन और जापानी भाषा में अनुवाद प्रस्तुत किया गया। इससे जापानी प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री के संबोधन को तत्काल समझने में मदद मिली।
इसी तरह केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अंग्रेजी संबोधन का भी जापानी भाषा में त्वरित अनुवाद किया गया। इस तकनीक ने सम्मेलन में मौजूद भारतीय और जापानी प्रतिनिधियों के बीच संवाद को अधिक सहज बनाया।
योगी सरकार के निवेश विजन को मिला तकनीक का साथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार का फोकस राज्य को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने पर है। जापान के साथ निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए आयोजित सम्मेलन में विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, नवाचार, कौशल विकास और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा हुई।
भाषिणी के रियल-टाइम अनुवाद ने इन चर्चाओं में भाषा को बाधा बनने से रोकते हुए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ ‘ईज ऑफ कम्युनिकेशन’ को भी मजबूत किया। इससे उत्तर प्रदेश की निवेश नीतियों, अवसरों और संभावनाओं को जापानी निवेशकों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाने में मदद मिली।
800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को सशक्त बना रहा भाषिणी
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) द्वारा संचालित भाषिणी प्लेटफॉर्म वर्तमान में 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को बहुभाषी सुविधा प्रदान कर रहा है। प्लेटफॉर्म प्रतिदिन 2.4 करोड़ से अधिक एआई इंटरफेस प्रोसेस करता है और अब तक 9 अरब से अधिक एआई इंटरफेस प्रोसेस कर चुका है।
भाषिणी 36 भारतीय लिखित भाषाओं, 23 भारतीय वॉयस भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। ऐसे में इसका उपयोग अंतरराष्ट्रीय निवेश संवाद, सरकारी सेवाओं और डिजिटल कम्युनिकेशन को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत-जापान साझेदारी को नई डिजिटल ताकत
यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में भाषिणी का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निवेश संवाद का हिस्सा बना रहा है।
इन्वेस्ट यूपी ने भारत-जापान निवेश संवाद को अधिक कनेक्टेड, समावेशी और प्रभावी बनाने में भाषिणी के तकनीकी सहयोग की सराहना की। रियल-टाइम एआई ट्रांसलेशन के इस प्रयोग ने उत्तर प्रदेश के वैश्विक निवेश अभियान को तकनीक की नई ताकत दी है और भारत-जापान आर्थिक साझेदारी को संवाद के स्तर पर भी अधिक मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त किया है।
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