Varanasi

बरेका ने रचा उत्पादन का नया इतिहास, स्वतंत्रता दिवस पर महाप्रबंधक ने गिनाईं बड़ी उपलब्धियां

वाराणसी के बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के साथ मनाया गया। महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और बरेका की उपलब्धियां साझा कीं। जुलाई 2026 में 65 विद्युत लोकोमोटिव का रिकॉर्ड मासिक उत्पादन हुआ, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 572 इंजनों का सर्वाधिक निर्माण दर्ज किया गया। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और दिव्यांग कर्मचारियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को यादगार बनाया और बरेका की राष्ट्र निर्माण में भूमिका रेखांकित की।

  • महाप्रबंधक आशुतोष पंत कहा – बरेका सिर्फ एक कारखाना नहीं है, बरेका है – “विरासत बनारस की, गति आधुनिक भारत की।”

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस का समारोह आज अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। बरेका स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह का शुभारम्भ प्रातः 9:00 बजे महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत के आगमन के साथ हुआ। राष्ट्रीय गीत “वन्दे मातरम्” के सामूहिक गायन के पश्चात महाप्रबंधक ने राष्ट्रीय ध्वज को ध्वजारोहण कर फहराया। तत्पश्चात राष्ट्रगान के साथ परेड कमांडर द्वारा राष्ट्रध्वज को राष्ट्रीय सलामी प्रस्तुत की गई।

ध्वजारोहण उपरांत महाप्रबंधक  आशुतोष पंत ने परेड का निरीक्षण किया। परेड में रेलवे सुरक्षा बल, सेंट जॉन्स एम्बुलेंस ब्रिगेड, नागरिक सुरक्षा दल, भारत स्काउट एवं गाइड, बरेका इंटर कॉलेज के स्काउट-गाइड, कब एवं बुलबुल की टुकड़ियां उपस्थित थी। संपूर्ण उत्सव स्थल राष्ट्रभक्ति के नारों, देशभक्ति गीतों तथा तिरंगे की गरिमा से ओत-प्रोत दिखाई दे रहा था।

अपने संबोधन में महाप्रबंधक  आशुतोष पंत ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों एवं राष्ट्र निर्माताओं को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के 79 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत आज पूरा देश 80वाँ स्वतंत्रता दिवस गर्व एवं उल्लास के साथ मना रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के त्याग, संघर्ष एवं बलिदान का परिणाम है, जिसे अक्षुण्ण बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि भारतीय रेल देश की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति की आधारशिला है तथा बरेका अपनी स्थापना से ही राष्ट्र की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाता आ रहा है। उन्होंने कहा कि “बरेका सिर्फ एक कारखाना नहीं है, बरेका है

विरासत बनारस की, गति आधुनिक भारत की”

महाप्रबंधक ने अपने उद्बोधन में कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बरेका को 460 विद्युत रेल इंजनों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें 166 अमृत भारत लोकोमोटिव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 190 से अधिक रेल इंजनों का निर्माण किया जा चुका है।

उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जुलाई 2026 में बरेका ने 65 विद्युत लोकोमोटिव का निर्माण कर अपने इतिहास का सर्वाधिक मासिक उत्पादन दर्ज किया, जो बरेका की उत्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्थापना से लेकर अब तक बरेका 11,400 से अधिक रेल इंजनों का सफलतापूर्वक निर्माण कर भारतीय रेल की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। बीते वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में बरेका ने कल 572 रेल इंजनों का निर्माण किया यह किसी भी वित्तीय वर्ष में अब तक का सर्वाधिक लोकोमोटिव उत्पादन है।

उन्होंने कहा कि बरेका लोको तकनीकी नवाचार एवं आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। वर्तमान में निर्मित लोकोमोटिव में ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली, वॉटरलेस यूरिनल, सीएलआई सीट, सिग्नल एक्सचेंज लाइट, डी पी डब्ल्यू सी एस (DPWCS), इलेक्ट्रिक वाइपर, एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन की गई क्रू सीट तथा इंस्पेक्टर सीट जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बरेका में अत्याधुनिक ‘अमृत भारत पुश-पुल लोकोमोटिव’ का निर्माण भी किया जा रहा है तथा इसके उत्पादन को गति देने के लिए इन-हाउस विनिर्माण क्षमता का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

महाप्रबंधक ने बताया कि बरेका भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर चुका है। अब तक 11 देशों को 180 से अधिक लोकोमोटिव निर्यात किए जा चुके हैं। वर्तमान में आईसीवीएल, मोज़ाम्बिक एवं साउथ अफ्रीका के लिए 5-5 लोकोमोटिव तथा 12 केप गेज बोगी असेंबली देने का आर्डर मिला है। इसके अतिरिक्त बांग्लादेश के लिए 2200 एचपी मीटर गेज लोकोमोटिव परियोजना पर भी कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि बरेका द्वारा ‘सेल’ दुर्गापुर एवं ‘सेल’ राउरकेला को दो WDS-6 ADT डीजल लोकोमोटिव उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

अन्य परियोजनाओं पर भी तीव्र गति से कार्य चल रहा है। बीते-वितीय वर्ष 2025 – 26 में 558 विद्युत लोको का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ जिसमें श्रम,सामग्री और ऊपरी लागत को मिलाकर कुल टर्नओवर 5,844 करोड़ रहा यह वर्ष 2024-25 की तुलना में 17% की वृद्धि है इस वित्तीय वर्ष में 6,200 करोड़ का भुगतान रेलवे आपूर्तिकर्ताओं को किया गया और यह बरेका के देश की अर्थव्यवस्था में योगदान का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति बरेका की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए महाप्रबंधक ने बताया कि बरेका परिसर को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए वाराणसी नगर निगम के साथ नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु समझौता किया गया है। वर्तमान में बरेका परिसर में 3874 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र संचालित हैं, जिनसे संस्था की कुल विद्युत आवश्यकता का लगभग 19 प्रतिशत भाग सौर ऊर्जा से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 5000 पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरणीय उत्कृष्टता के लिए बरेका को ग्रीनको गोल्ड (GreenCo Gold) प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया है।

उन्होंने कौशल विकास को बरेका की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा जून 2026 तक 8400 से अधिक प्रशिक्षण दिवसों के माध्यम से 800 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही 1100 से अधिक इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा विद्यार्थियों को ग्रीष्मकालीन औद्योगिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उद्योग एवं शिक्षा के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।

महाप्रबंधक ने बरेका की राजभाषा, खेल एवं सामाजिक उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जन संपर्क अधिकारी श्री राजेश कुमार को रेल यात्रा वृत्तांत योजना-2025 में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ तथा अखिल रेल हिन्दी नाट्य उत्सव-2025 में बरेका के कलाकार ने सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता का पुरस्कार प्राप्त कर संस्था का गौरव बढ़ाया। खेल क्षेत्र में बरेका की टीम ने अखिल भारतीय रेलवे गोल्फ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अर्जित किया, जबकि महिला कल्याण संगठन द्वारा वर्तमान में सैकड़ों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

समारोह के दौरान महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने बरेका इंटर कॉलेज के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार से सम्मानित किया। साथ ही दिव्यांग कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को उपयोगी सहायक उपकरण एवं स्मार्ट ग्लास वितरित कर सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति बरेका की प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

इसके पश्चात बरेका संगीत महाविद्यालय, बरेका सांस्कृत संस्था,महिला कल्याण संगठन द्वारा संचालित चेतना विद्यालय, बाल निकेतन विद्यालय एवं सेंट जॉन्स स्कूल, बरेका इंटर कॉलेज के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। देशभक्ति गीतों, नृत्यों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी दर्शकों को भावविभोर कर दिया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत “वन्दे मातरम्” के सामूहिक गायन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके उपरांत वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी (मुख्यालय) राज कुमार गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

समारोह के पश्चात महाप्रबंधक आशुतोष पंत बरेका चिकित्सालय पहुँचे, जहाँ उनकी गरिमामयी उपस्थिति में पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा एडवांस्ड हाईटेक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (Advanced Hi-Tech Modular Operation Theatre)
का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना तथा बरेका महिला कल्याण संगठन द्वारा मरीजों को उपहार वितरित किए गए।

इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर  मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर,  विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक  आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार  मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी  लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य इंजीनियर  शैलेंद्र कुमार सिंह,प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी  अंकुर चंद्रा, उप महाप्रबंधक  सागर, सभी विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव  प्रदीप कुमार यादव, परिषद के सदस्यगण, अनुसूचित जाति जनजाति एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी, उनके परिजन एवं नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल एवं सुरुचि पूर्ण संचालन निरीक्षक रेलवे सुरक्षा बल  अजय कुमार सिंह एवं वरिष्ठ लिपिक  शैलेन्द्री ने किया।

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