वाराणसी में 1.06 लाख बच्चों की थाली तक पहुंचा गर्म और पौष्टिक भोजन
वाराणसी में योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक और गर्म भोजन पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। पीएम पोषण योजना के तहत अब 850 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 1,06,502 बच्चों को अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से भोजन मिल रहा है। एलटी कॉलेज परिसर की अत्याधुनिक केंद्रीयकृत रसोई से तैयार भोजन 65 रूट और विशेष वाहनों के जरिए महज चार घंटे में स्कूलों तक पहुंचाया जाता है।
वाराणसी : योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के एक लाख विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक और गर्म भोजन पहुंचाने का अपना संकल्प पूरा कर लिया है। वाराणसी में केंद्रीयकृत रसोई आधारित पीएम पोषण योजना के तहत नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ 850 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 1,06,502 विद्यार्थियों की थाली तक अक्षय पात्र फाउंडेशन का पौष्टिक और गर्म भोजन पहुंच रहा है। वाराणसी में इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत 7 जुलाई 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। सत्र 2022-23 में महज 167 परिषदीय विद्यालयों के 20,917 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने से शुरू हुआ यह सफर अब एक लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है।
20 हजार से शुरू हुआ सफर, अब एक लाख के पार
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा के एक लाख छात्र-छात्राओं तक अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से पीएम पोषण योजना का भोजन पहुंचाने का लक्ष्य पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले सेवापुरी ब्लॉक को योजना से जोड़ा गया था। इसके बाद सत्र 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में योजना का दायरा बढ़ाते हुए क्रमशः हरहुआ, बड़ागांव और आराजी लाइन ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों तक इसका विस्तार किया गया। शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ अब यह योजना 850 विद्यालयों के 1,06,502 बच्चों तक पहुंच रही है। वर्तमान में सेवापुरी, हरहुआ, बड़ागांव और आराजी लाइन ब्लॉक के साथ नगर क्षेत्र के तीन प्रमुख जोन दशाश्वमेध, वरुणा पार और रामनगर के परिषदीय विद्यालयों में भी वर्ष 2023 से भोजन परोसा जा रहा है।
₹14.02 करोड़ की लागत से बनी हाईटेक और स्वचालित रसोई
बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पीएम पोषण योजना का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही चरणबद्ध तरीके से 25 हजार और विद्यार्थियों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि एलटी कॉलेज परिसर में स्थापित अत्याधुनिक केंद्रीयकृत रसोईघर का निर्माण करीब ₹14.02 करोड़ की लागत से किया गया है। यहां पूरी तरह स्वचालित मशीनों की मदद से भोजन तैयार किया जाता है। यहां एक घंटे में 80 हजार रोटियां बनाने की क्षमता है, जबकि बड़े कुकरों में एक बार में 7,200 लीटर दाल और 1,600 किलोग्राम चावल पकाने की व्यवस्था है। सब्जियों को धोने, छीलने और काटने का काम भी हाईटेक मशीनों के माध्यम से किया जाता है। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सब्जियों तथा अन्य खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण हेतु विशाल कोल्ड स्टोरेज भी स्थापित किया गया है।
महज चार घंटे में किचन से बच्चों की थाली तक पहुंचता है भोजन
बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अक्षय पात्र की केंद्रीयकृत रसोई में भोजन तैयार होने से लेकर विद्यार्थियों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया महज चार घंटे में पूरी कर ली जाती है। विद्यालयों तक गर्म, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचाने के लिए 65 निर्धारित रूट बनाए गए हैं। इन मार्गों पर 65 विशेष वाहनों के माध्यम से प्रतिदिन भोजन का वितरण किया जाता है। ये वाहन औसतन 40 से 60 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं।भोजन की गर्माहट, गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए इसे विशेष रूप से डिजाइन किए गए सीलबंद खाद्य कंटेनरों में पैक कर स्कूलों तक पहुंचाया जाता है।उन्होंने बताया कि इस पहल से बच्चों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध हो रहा है। इससे न केवल उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि विद्यार्थियों की उपस्थिति, नियमितता और शैक्षिक गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।



