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काशी के उद्यमियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में वाराणसी के 40 उद्यमी भाग लेंगे। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस मेले में काशी के ओडीओपी, जीआई टैग उत्पाद, हस्तशिल्प और आधुनिक उत्पादों को वैश्विक मंच मिलेगा। आयोजन से निर्यात, निवेश और स्थानीय उद्योगों को नई पहचान मिलने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

वाराणसी : योगी सरकार द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो- 2026  पहले से अधिक भव्य स्वरूप में होने जा रहा है। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में प्रस्तावित यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जाता है। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो मील का पत्थर साबित होगा।

ट्रेड शो में काशी की प्राचीन एवं पारंपरिक हस्तशिल्प कला के साथ-साथ आधुनिक उत्पाद भी विशिष्ट पहचान बनाएंगे। दुनिया भर से आने वाले खरीदार बनारस के पारंपरिक कारीगरों के हुनर और आधुनिक उत्पादों को करीब से देखेंगे। इससे हस्तशिल्पियों, उद्यमियों और निर्यातकों को अपने उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।

वाराणसी से 40 उद्यमी होंगे शामिल

जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि आयोजन में वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), महिला एवं युवा उद्यमी तथा निर्यातक भाग लेंगे। वाराणसी से 15 ओडीओपी उद्यमी, 5 एमएसएमई इकाइयां तथा 20 निर्यातक इंटरनेशनल ट्रेड शो में भाग लेंगे। ट्रेड शो में ओडीओपी के लिए विशेष स्टॉल स्थापित किया जाएगा। साथ ही, वाराणसी के सभी ओडीओपी जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की श्रेणी में भी शामिल हैं, जिससे उनकी वैश्विक पहचान और अधिक मजबूत होगी।

भविष्य की ओर एक सशक्त कदम

उपायुक्त उद्योग ने बताया कि यह भव्य आयोजन उद्योग विशेषज्ञों, वैश्विक खरीदारों, नीति-निर्माताओं, निवेशकों और स्टार्टअप्स को बड़ा मंच देगा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 केवल व्यापारिक सौदों का केंद्र ही नहीं बनेगा, बल्कि प्रदेश के स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग का भी सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि काशी जैसे सांस्कृतिक नगर से जुड़े उत्पाद जब अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रदर्शित होंगे तो इससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। सरकार प्रतिभागियों को मेले में भाग लेने पर होने वाले व्यय के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही है।

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