वाराणसी के 17,698 घरों का बिजली बिल हुआ शून्य, जानिए कैसे
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत वाराणसी में 50 हजार से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इनमें 17,698 उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। जिले में 150 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता विकसित होने के साथ प्रतिदिन 7.50 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत को बढ़ावा मिला है।
वाराणसी : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने काशी की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होने से वाराणसी आज उत्तर प्रदेश के अग्रणी सौर ऊर्जा जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर कायम रहते हुए वाराणसी में हजारों परिवार अब अपनी छत पर बिजली पैदा कर रहे हैं, और 17,698 घरों का बिजली बिल शून्य हो चुका है।
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 76,218 लोगों ने योजना के तहत आवेदन किया है। इनमें से 50,000 से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। योजना की सबसे बड़ी सफलता यह है कि सोलर संयंत्र लगवा चुके 17,698 उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। वाराणसी में अब 150 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता विकसित हो चुकी है। यह उपलब्धि न केवल जिले में स्वच्छ ऊर्जा के बढ़ते प्रसार को दर्शाती है, बल्कि लोगों में हरित ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी प्रमाण है।
यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि जिले में स्थापित रूफटॉप सोलर संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 7.50 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है। इस बिजली का अनुमानित आर्थिक मूल्य 51 लाख रुपये से अधिक प्रतिदिन है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है और स्थानीय स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हुई है। साथ ही बिजली उत्पादन पर होने वाला खर्च घटने से उपभोक्ताओं और सरकार, दोनों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिल रहा है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए वाराणसी आज सिर्फ सौर ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण, आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है। जिस काशी को कभी केवल आध्यात्मिक नगरी के रूप में जाना जाता था, वही आज हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रही है।
शुरुआत में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर भरोसा नहीं था। लेकिन जब हर महीने आने वाला 2,000 से 25,00 रुपये का बिजली बिल पूरी तरह शून्य आया, तो योजना पर पूरा विश्वास हो गया। अब बिजली के बिल पर खर्च समाप्त हो गया है, इसके लिए मोदी -योगी सरकार का हृदय से आभार।
सीमा बानो उपभोक्ता ,दनियालपुर सारनाथ ,वाराणसी
“रूफटॉप सोलर लगवाने के बाद पिछले दो वर्षों से मेरा बिजली का बिल पूरी तरह शून्य आ रहा है। पहले हर महीने 3,000 से 3,500 रुपये तक का बिजली बिल देना पड़ता था, लेकिन अब वह खर्च पूरी तरह खत्म हो गया है। इससे हर महीने अच्छी बचत हो रही है। बचाए गए पैसों का उपयोग अब परिवार की अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में कर रहे हैं, जिससे घर का मासिक बजट भी संतुलित हो गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए मैं सरकार का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।
संतोष कुमार श्रीवास्तव उपभोक्ता नाथुपुर ,भुल्लनपुर वाराणसी



