National

जिसका वर्षों से था इंतजार, उस जेवर एयरपोर्ट से शुरू हुई उड़ानें; जानिए क्यों है यह इतना खास

उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू हो गया है। इंडिगो की पहली उड़ान लखनऊ से जेवर पहुंची और पहली प्रस्थान उड़ान बेंगलुरु के लिए रवाना हुई। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर को नई कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, कार्गो हब और 7 करोड़ वार्षिक यात्रियों की क्षमता के साथ यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार और पर्यटन को नई गति देगा।

लखनऊ/नोएडा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से सोमवार को वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू हो गया। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर को एक नया और आधुनिक एयरपोर्ट मिल गया है। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ान इंडिगो एयरलाइंस की रही। सुबह लखनऊ से आई पहली फ्लाइट का स्वागत किया गया, जबकि इसके बाद बेंगलुरु के लिए पहली उड़ान रवाना हुई। इंडिगो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सेवाएं शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बन गई है।

पहली उड़ान के साथ शुरू हुआ नया अध्याय

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की शुरुआत इंडिगो की उद्घाटन उड़ान से हुई। सोमवार सुबह लखनऊ से उड़ान भरकर पहली फ्लाइट जेवर एयरपोर्ट पहुंची, जबकि इसके बाद पहली प्रस्थान उड़ान बेंगलुरु के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ एयरपोर्ट ने नियमित वाणिज्यिक सेवाओं के नए दौर में प्रवेश कर लिया। इंडिगो ने घोषणा की है कि वह चरणबद्ध तरीके से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के 16 से अधिक प्रमुख शहरों से जोड़ेगी। इनमें लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, अमृतसर, चंडीगढ़, श्रीनगर, धर्मशाला और पंतनगर जैसे महत्वपूर्ण शहर शामिल हैं। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक हवाई सेवाएं मिलेंगी।

जल्द शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

एयरपोर्ट से फिलहाल घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू किया गया है, जबकि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं भी शुरू करने की योजना है। इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वैश्विक कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनकर उभरेगा और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। यहां यात्रियों को डिजीयात्रा, सेल्फ चेक-इन, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और बेहतर यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एयरपोर्ट का डिजाइन उत्तर प्रदेश की संस्कृति और परंपरा से प्रेरित है। टर्मिनल परिसर में वाराणसी के घाटों और भारतीय स्थापत्य कला की झलक देखने को मिलेगी। प्राकृतिक रोशनी और खुले स्थान यात्रियों को बेहतर अनुभव देंगे।

यात्रियों के लिए मजबूत मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट को विभिन्न परिवहन सेवाओं से जोड़ा गया है। यहां एयरपोर्ट टैक्सी, ऐप-आधारित कैब सेवाएं और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली बस सेवाएं उपलब्ध हैं। भविष्य में रेल और रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क से भी इसकी कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा।

कार्गो हब से व्यापार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यात्री सेवाओं के साथ-साथ एक बड़े कार्गो हब के रूप में भी विकसित किया गया है। एयर इंडिया सैट्स द्वारा विकसित कार्गो सुविधा की शुरुआती क्षमता दो लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 15 लाख मीट्रिक टन तक किया जाएगा। इससे ई-कॉमर्स, निर्यात और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता

एयरपोर्ट के प्रथम चरण को प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल सुविधाओं और विस्तार की संभावनाओं के साथ विकसित यह एयरपोर्ट भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

यात्री अनुभव को बनाया गया खास

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि यह केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और बेहतर यात्री अनुभव की नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि हर यात्री को आधुनिक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।

योगी सरकार के विकास मॉडल का अहम हिस्सा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं में शामिल है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक परियोजनाओं के साथ यह एयरपोर्ट प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देगा। सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद करेगा।

योगी सरकार प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश ने विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। इंडिगो ने यहां से हवाई सेवाओं का शुभारंभ किया। लखनऊ से आई उद्घाटन उड़ान के स्वागत के बाद बेंगलुरु के लिए पहली प्रस्थान उड़ान रवाना हुई। यह केवल एक नए हवाई अड्डे की शुरुआत नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिली है। जेवर स्थित यह विश्वस्तरीय हवाई अड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के लाखों यात्रियों को सुविधाजनक हवाई संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे पर्यटन, निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण को प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों की सेवा के लिए विकसित किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर सालाना 7 करोड़ (70 मिलियन) से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।

यात्रा होगी अधिक सुगम और सुविधाजनक

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यहां डिजिटल यात्रा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता कम होगी। सेल्फ चेक-इन, सेल्फ बैग ड्रॉप, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा सहज मार्गदर्शक प्रणालियां यात्रा को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाएंगी। हवाई अड्डे के टर्मिनल का डिज़ाइन आधुनिक तकनीक और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती कलाकृतियां, वाराणसी के घाटों से प्रेरित स्थापत्य शैली, जालीदार डिज़ाइन तथा प्राकृतिक प्रकाश का व्यापक उपयोग यात्रियों को एक विशिष्ट अनुभव प्रदान करेगा।

यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट टैक्सी, ऐप आधारित कैब सेवाएं और दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के विभिन्न शहरों को जोड़ने वाली बस सेवाओं की व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन से यह हवाई अड्डा वैश्विक संपर्क का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

योगी सरकार के विजन से मजबूत हो रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की शुरुआत को योगी सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर और निवेश अनुकूल वातावरण के साथ यह परियोजना उत्तर प्रदेश को नई आर्थिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। हवाई अड्डे पर एयर इंडिया सैट्स द्वारा विकसित आधुनिक कार्गो सुविधाएं प्रारंभिक चरण में प्रतिवर्ष दो लाख मीट्रिक टन माल ढुलाई की क्षमता रखती हैं, जिसे भविष्य में 15 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने की योजना है। इससे ई-कॉमर्स, कृषि उत्पादों के निर्यात और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को नई मजबूती मिलेगी।

योगी सरकार उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन शुरू होना भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह हवाई अड्डा हवाई संपर्क को नई मजबूती प्रदान करेगा और व्यापार, पर्यटन, निवेश तथा रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए यहां अत्याधुनिक डिजिटल सेवाएं और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं। योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

“‘यह बाबाजी का राज है…’ आखिर जेवर के किसानों ने सीएम योगी से ऐसा क्यों कहा?”

अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं जेवरः मुख्यमंत्री

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button