UP Live

“जय श्रीराम” और “गंगा मैया की जय” उद्घोष से गूंजता रहा लोकार्पण समारोह

हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह ने जनउत्सव का रूप ले लिया, जहां Narendra Modi और Yogi Adityanath के स्वागत में “जय श्रीराम” और “गंगा मैया की जय” के उद्घोष गूंज उठे। 594 किमी लंबा यह हाईटेक एक्सप्रेसवे आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा तंत्र और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के साथ प्रदेश में तेज कनेक्टिविटी, निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास की नई दिशा तय करेगा।

हरदोई : गंगा एक्सप्रेसवे के ऐतिहासिक लोकार्पण अवसर पर हरदोई का कार्यक्रम स्थल उस समय जन-उत्सव में बदल गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही हजारों की भीड़ स्वतः स्फूर्त भाव से कुर्सियों से खड़ी हो गई और पूरा पंडाल “भारत माता की जय”, “जय श्रीराम”, “गंगा मैया की जय” तथा “हर-हर गंगे” के उद्घोष से गूंजायमान हो उठा।

जनसमूह के बीच से उठती “मोदी-मोदी” और “योगी-योगी” की गूंज ने पूरे माहौल को और ऊर्जावान बना दिया। इस आत्मीय स्वागत को देखकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन किया। मंच पर उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी जनता जनार्दन को प्रणाम कर उसके उत्साह का सम्मान किया।

भीषण गर्मी के बावजूद दूर-दराज के जिलों से पहुंचे लोगों का जोश और उत्साह का भाव देखने लायक था। विकास और आस्था के इस संगम ने माहौल को उत्सव में बदल दिया, जहां हर चेहरा इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने को उत्साहित दिखा। लोग हाथ उठाकर अभिवादन कर रहे थे तो कई अपने मोबाइल में इस यादगार पल को कैद करने में जुटे थे।

कार्यक्रम स्थल का समूचा दृश्य यह अहसास करा रहा था कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि जन-आकांक्षाओं और विकास की एक नई यात्रा का उत्सव है, जिसका इंतजार लोगों को लंबे समय से था।

हाईटेक डिजाइन और विश्वस्तरीय निर्माण का उदाहरण है गंगा एक्सप्रेसवे

लखनऊ/हरदोई : मेरठ से प्रयागराज तक फैला गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक हाईवे नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का नया सुपर कॉरिडोर बनकर उभरा है। लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के साथ प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे स्टेट’ के रूप में स्थापित कर रहा है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाला यह प्रोजेक्ट यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाते हुए विकास की नई इबारत लिख रहा है।

हाईटेक डिजाइन और विश्वस्तरीय निर्माण

गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। 6 लेन के इस एक्सप्रेसवे पर 14 दीर्घ सेतु, 165 लघु सेतु, 7 आरओबी, 32 फ्लाईओवर, 453 अंडरपास और 795 बॉक्स कलवर्ट बनाए गए हैं। प्रमुख मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 21 स्थानों पर इंटरचेंज विकसित किए गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह निर्बाध रहेगा। प्रोजेक्ट की एक खासियत यह भी है कि इसे भविष्य की जरूरतों के मुताबिक डिजाइन किया गया है। आने वाले सालों में ट्रैफिक लोड बढ़ने की स्थिति में इसे आसानी से 6 से 8 लेन में परिवर्तित किया जा सकेगा।

सुरक्षित और स्मार्ट यात्रा का अनुभव

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर हर एक किलोमीटर पर सोलर ऊर्जा से संचालित हाईटेक स्मार्ट कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही 9 आधुनिक जन-सुविधा परिसरों में फूड कोर्ट, फ्यूल स्टेशन और विश्राम की व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 737 किमी लंबी सर्विस रोड स्थानीय लोगों के आवागमन को आसान बनाती है।

एयरस्ट्रिप और सामरिक महत्व

गंगा एक्सप्रेसवे की एक विशेषता इसकी आपातकालीन एयरस्ट्रिप है, जिसे भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए तैयार किया गया है। इससे यह एक्सप्रेसवे केवल यातायात ही नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है। इस सुविधा के साथ उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे पर एयरस्ट्रिप के मामले में देश में अग्रणी बन गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन ग्रोथ मॉडल

यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों को जोड़ता है। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि इन जिलों के बीच व्यापार, उद्योग और संसाधनों का प्रवाह भी तेज होगा। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में अग्रणी बन रहा है। यह परियोजना राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन ग्रोथ मॉडल को मजबूत करती है और ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

“महाभारत से जैन सर्किट तक-एक एक्सप्रेसवे ने कैसे जोड़ दिए सदियों के तीर्थ ”

“मोदी ने कहा-यह सड़क नहीं, सपनों का रास्ता है, आखिर गंगा एक्सप्रेसवे में क्या खास?”

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button