पार्षद, बोले-“चुनौतियां ज्यादा, फिर भी काशी की सफाई सबसे खास ”
वाराणसी नगर निगम के पार्षदों ने इंदौर और उज्जैन का दौरा कर स्वच्छता व प्रशासनिक मॉडल का अध्ययन किया। उपसभापति नरसिंह दास ने कहा कि काशी की चुनौतियां अधिक होने के बावजूद सफाई व्यवस्था बेहतर है। इंदौर में अधिकारों के विकेंद्रीकरण और वित्तीय स्वायत्तता से प्रेरणा लेकर वाराणसी में सुधार की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
वाराणसी : नगर निगम वाराणसी के उपसभापति नरसिंह दास की अध्यक्षता में पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल 14 से 20 अप्रैल तक इंदौर और उज्जैन के दौरे पर रहा। इस एक्सपोजर विजिट का मुख्य उद्देश्य वहां की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वच्छता मॉडल का अध्ययन करना था। दौरे से लौटने के बाद उपसभापति ने कहा कि काशी की स्वच्छता किसी भी आधुनिक शहर से कम नहीं है, जबकि यहां की चुनौतियां कहीं अधिक जटिल हैं।
इंदौर में अधिकारों का विकेंद्रीकरण
टीम ने इंदौर में अध्ययन किया कि कैसे 74वें संविधान संशोधन के प्रभावी क्रियान्वयन ने वहां के नगर निगम को सशक्त बनाया है। इंदौर में लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, फायर ब्रिगेड , जल निगम और डूडा-सूडा जैसे महत्वपूर्ण विभाग सीधे नगर निगम के अधीन कार्य करते हैं। इसके अतिरिक्त, वहां वित्तीय शक्तियों का विकेंद्रीकरण किया गया है, जिसके तहत इंदौर और उज्जैन के नगर निगम में नगर आयुक्त को पांच करोड़, महापौर को 10 करोड़, कार्यकारिणी को 20 करोड़ और सदन को 20 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय अधिकार प्राप्त हैं।
भारी दबाव के बावजूद वाराणसी की सफाई अव्वल
उपसभापति नरसिंह दास ने बताया कि काशी एक अत्यंत प्राचीन शहर है, जिसका जनसांख्यिकीय स्वरूप इंदौर से पूरी तरह भिन्न है। काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट और सांस्कृतिक विरासत के साथ ही यह शिक्षा और स्वास्थ्य का बड़ा केंद्र है। बीएचयू सहित चार विश्वविद्यालयों और सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रामा सेंटर व कैंसर अस्पताल की उपस्थिति के कारण यहां पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से भारी भीड़ का दबाव रहता है। यहां प्रतिदिन औसतन दो से चार लाख लोगों की आवाजाही के बावजूद, पिछले एक दशक में काशी की सफाई व्यवस्था में आए सुधार अभूतपूर्व हैं
प्रतिनिधिमंडल में ये पार्षद रहे शामिल
इस अध्ययन यात्रा में उपनेता भाजपा पार्षद दल सुरेश चौरसिया, अशोक मौर्या, बृजेश चंद्र श्रीवास्तव, संजय जायसवाल, सपा पार्षद दल सचेतक राजकपूर चौधरी, सीमा वर्मा, पुष्पा यादव, माधुरी सिंह, गरिमा सिंह, राजेंद्र मौर्या, अभय पांडेय, सुशील गुप्ता, सिद्धनाथ शर्मा और सिंधु सोनकर सहित अन्य पार्षद शामिल रहे।
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