Varanasi

ग्लोबल रिसाइक्लिंग डे पर नगर निगम की अनोखी पहल, खेल-खेल में सिखाई गई स्वच्छता और रिसाइक्लिंग

वाराणसी में ग्लोबल रिसाइक्लिंग डे पर नगर निगम का अभियान चर्चा में रहा। घर-घर जागरूकता, स्कूलों में गतिविधियां और पुराने कपड़ों के संग्रह से लोगों को रिसाइक्लिंग के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने खेल-खेल में कचरा अलग करना सीखा, वहीं नागरिकों की भागीदारी से “कचरा ही संसाधन है” की सोच मजबूत हुई और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिली।

वाराणसी। ग्लोबल रिसाइक्लिंग डे के अवसर पर बुधवार को नगर निगम द्वारा शहर में व्यापक स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) टीम ने नदेसर और लहरतारा सब-जोन सहित विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर नागरिकों को कचरा प्रबंधन और रिसाइक्लिंग के प्रति जागरूक किया।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश एवं अपर नगर आयुक्त सविता यादव के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान में ‘बेसिक’ और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट (एआईआईएलएसजी) की टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

कोतवाली जोन के वार्ड संख्या 97 (काल भैरव) में विशेष अभियान चलाते हुए टीम ने घर-घर जाकर लोगों को कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दी। नागरिकों को गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक तथा सैनिटरी वेस्ट—इन चार श्रेणियों में कचरे के पृथक्करण (सेग्रेगेशन) के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को त्याग कर कपड़े के थैले अपनाने की अपील की गई।

अभियान के दौरान लोगों को पुराने कपड़ों को फेंकने के बजाय उनके पुनः उपयोग (रीयूज) और रिसाइक्लिंग के महत्व से भी अवगत कराया गया। इस क्रम में आईईसी की ‘बेसिक’ टीम ने नदेसर और लहरतारा सब-जोन के विन्ध्यवासिनी नगर एवं मानिक नगर कॉलोनियों में विशेष संग्रह अभियान चलाया।

इस अभियान के तहत लगभग 25 घरों से पुराने कपड़े एकत्र कर उन्हें शिवपुर स्थित आरआरआर (Reduce, Reuse, Recycle) सेंटर भेजा गया। यहां उपयोगी कपड़ों को जरूरतमंदों में वितरित किया जाएगा, जबकि अनुपयोगी कपड़ों को रिसाइक्लिंग इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा। इस पहल ने “कचरा ही संसाधन है” की अवधारणा को मजबूती दी और स्थानीय नागरिकों ने इसमें उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

इसी क्रम में विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 150 विद्यार्थियों को आरआरआर (Reduce, Reuse, Recycle) की अवधारणा को सरल और रोचक तरीके से समझाया गया।

बच्चों ने ‘सेग्रेगेशन आधारित लूडो गेम’ के माध्यम से कचरे के पृथक्करण की प्रक्रिया को खेल-खेल में सीखा। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ व्यवहारिक समझ भी विकसित की। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की शिक्षिकाओं ने भी पुराने कपड़े दान कर सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक रवि शंकर पटेल, नगर निगम के सफाई सुपरवाइजर तथा आईईसी टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

नगर निगम के इस अभियान ने न केवल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया, बल्कि नागरिकों को जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार चलाए जाएंगे ताकि शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।

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