काशी में नाव पर खड़े होकर सेल्फी और रील बनाने पर प्रतिबंध, जल पुलिस ने जारी किए सख्त निर्देश
वाराणसी में गंगा नदी पर नावों में खड़े होकर सेल्फी और रील बनाने पर जल पुलिस ने प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाविकों और बोट संचालकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों के अनुसार सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा और क्षमता से अधिक सवारी नहीं बैठाई जाएगी। उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 282 के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य गंगा में दुर्घटनाओं को रोकना है।
- नियम तोड़ने पर नाविकों पर होगा जुर्माना, लाइफ जैकेट अनिवार्य और बिना पंजीकरण नाव संचालन पर पूर्ण रोक
वाराणसी । काशी में गंगा नदी पर संचालित नावों और बोटों पर खड़े होकर सेल्फी लेने तथा सोशल मीडिया के लिए रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए जल पुलिस ने नाविकों और बोट संचालकों के लिए कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चलती नाव पर खड़े होकर फोटो या वीडियो बनाने से गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
जल पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार अब किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को चलती नाव या बोट पर खड़े होकर सेल्फी लेने, फोटो खिंचवाने या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि हाल के दिनों में गंगा में नाव पर खड़े होकर रील और सेल्फी बनाने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिससे संतुलन बिगड़ने और नदी में गिरने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इन संभावित खतरों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
नियम उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
जल पुलिस प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि जारी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। यदि कोई नाविक या बोट संचालक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 282 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस धारा के अंतर्गत लापरवाही से खतरा उत्पन्न करने पर संबंधित नाव संचालक या मालिक पर अधिकतम 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य, क्षमता से अधिक सवारी पर रोक
जल पुलिस ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी नाव संचालकों को निर्देश दिया है कि नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाई जाएं। साथ ही प्रत्येक श्रद्धालु और पर्यटक को लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट के किसी भी नाव को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी प्रकार की नावों और बोटों पर समान रूप से लागू होगा।
नौकायन के लिए तय किए गए रूट, यातायात व्यवस्था होगी व्यवस्थित
गंगा में नौकायन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए जल पुलिस ने रूट संबंधी दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए हैं। इसके अनुसार अस्सी घाट से नमो घाट की ओर जाने वाली नावें गंगा के दाहिने हिस्से यानी रेता साइड से संचालित होंगी, जबकि नमो घाट से अस्सी घाट की ओर आने वाली नावें घाट की दाहिनी ओर से चलेंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य नावों की आवाजाही को नियंत्रित करना और टकराव की संभावनाओं को कम करना है।
बिना पंजीकरण वाली नावों पर पूर्ण प्रतिबंध
जल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण वाली किसी भी नाव या बोट का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार करने वाले नाविकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी नाव संचालकों को नियमों का पालन करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षित नौकायन सुनिश्चित करना प्रशासन का उद्देश्य
जल पुलिस के अनुसार इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी में संभावित दुर्घटनाओं को रोकना, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा काशी की नौकायन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। प्रशासन ने नाविकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा नियमों का पालन सभी की जिम्मेदारी है। वहीं पर्यटकों और श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाव में बैठे-बैठे ही फोटो और वीडियो बनाएं तथा निर्धारित नियमों का पालन करें।
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