सिर्फ सैर नहीं, रोजगार भी: कुकरैल टूरिज्म प्रोजेक्ट कैसे बदलेगा लखनऊ की तस्वीर
लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत ईको टूरिज्म को नई दिशा दी जा रही है। नाइट सफारी के साथ यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड चिल्ड्रेन पार्क, प्ले स्टेशन, बांस की हट, नेचर वॉक ट्रेल, ओपन जिम, कैफेटेरिया, पार्किंग और शौचालय विकसित कर रहा है। दो करोड़ की लागत से तैयार हो रहीं ये सुविधाएं पर्यटन, रोजगार और राजस्व को बढ़ावा देंगी।
- प्राकृतिक आंनद के लिए नेचर वॉक ट्रेल और बांस की गोल हट का किया जा रहा है निर्माण,बच्चों के मनोरंजन के लिए चिल्डेन पार्क, प्ले स्टेशन और ओपन जिम का हो रहा निर्माण
लखनऊ । लखनऊ के इंदिरानगर में स्थित कुकरैल वन क्षेत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पर्यटन गतिविधियों का विकास किया जा रहा है। कुकरैल वन क्षेत्र में एक ओर वन और पर्यटन विभाग कुकरैल नाइट सफारी का विकास कर रहा है, साथ ही नाइट सफारी के आस-पास के क्षेत्र में यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड भी पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास कर रहा है। इस क्रम में यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क, प्ले स्टेशन के साथ बांस की गोल हट, नेचर वॉक ट्रेल, ओपिन जिम और कैफेटेरिया का विकास कर रहा है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग और शौचालय का भी निर्माण कर रहा है।
यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड करा रहा है पर्यटन सुविधाओं का विकास
सीएम योगी के विजन के अनुसार प्रदेश की राजधानी लखनऊ में टूरिज्म की गतिविधियों के विकास के लिए कुकरैल नाइट सफारी का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड, कुकरैल वन क्षेत्र में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुआ अभ्यारण्य की सैर करने आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास कर रहा है। यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड के एडिशनल डारेक्टर पुष्प कुमार ने बताया कि बोर्ड कुकरैल वन क्षेत्र में 2 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन सुविधाओं का विकास कर रहा है। जो कि कुकरैल वन क्षेत्र के अभ्यारण्यों और नाइट सफारी में आने वाले पर्यटकों को सुखद अनुभव प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि इस क्रम में बोर्ड कुकरैल वन क्षेत्र में बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क और प्ले स्टेशन का निर्माण कर रहा है। जहां बच्चों के लिए एडवेंचरस गेमस्, झूले और ओपेन जिम भी लगाया जाएगा।
बांस की गोल हट और नेचर वॉक ट्रेल का जल्द पूरा होगा निर्माण
बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर ने बताया कि प्राकृतिक संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों को प्रकृति की आनंद दिलाने के लिए बांस से गोल हट बनाई जा रही हैं। साथ ही नेचर वॉक ट्रेल को भी विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटक कुकरैल नदी के आस-पास के क्षेत्र में पेड़, पौधों, पक्षियों के समीप से प्राकृतिक गतिविधियों का आनंद ले सकेगें। इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए वन क्षेत्र में कैफेटेरिया, शौचालय और पार्किंग का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू हो चुके हैं, जो जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। नये साल के शुरूआती महीनों में कुकरैल वन क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। ये गतिविधियां जहां एक ओर ईको टूरिज्म का विकास करेंगी साथ ही राजस्व और स्थानीय लोगों के रोजगार में भी बढ़ोतरी करेगी।
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