बरेका केंद्रीय चिकित्सालय में विश्व एड्स दिवस पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
विश्व एड्स दिवस के अवसर पर 01 दिसम्बर को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के केंद्रीय चिकित्सालय में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाप्रबंधक श्री सोमेश कुमार के दिशा-निर्देशन तथा प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में एचआईवी/एड्स की रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
- विशेषज्ञ चिकित्सकों के व्याख्यान और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से एचआईवी/एड्स रोकथाम व उपचार की जानकारी
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में सोमवार, 01 दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर केंद्रीय चिकित्सालय में एड्स जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाप्रबंधक श्री सोमेश कुमार के दिशा-निर्देशन तथा प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस वर्ष की थीम *“रुकावटों पर काबू पाना तथा एड्स के जवाब में बदलाव लाना”* रही, जिसे विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए डॉ. देवेश कुमार ने बताया कि एचआईवी/एड्स से जुड़ी सामाजिक रुकावटों को समाप्त करने, जागरूकता बढ़ाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका सिंह ने गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और परामर्श की अनिवार्यता पर जोर दिया, जबकि वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मिन्हाज अहमद ने एचआईवी/एड्स के आधुनिक उपचार, रोकथाम तथा उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी।
पॉपुलर नर्सिंग कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवा कुमारी ने नर्सिंग केयर में आवश्यक सावधानियों और संक्रमण नियंत्रण के उपायों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा एचआईवी/एड्स की रोकथाम, जागरूकता एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन पर आधारित नुक्कड़ नाटक का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को संवेदनशीलता और सतर्कता का संदेश दिया।
कार्यक्रम की सफलता में डॉ. प्रेक्षा पाण्डेय, डॉ. स्नेहांजली, डॉ. हमाद, डॉ. श्रेया तथा नर्सिंग स्टाफ—श्रीमती अंजना टोंड, श्रीमती सीता सिंह, श्रीमती कमला श्रीनिवासन, श्रीमती वर्षा, श्रीमती उषा जैसल, श्रीमती उषा सिंह, श्रीमती संजुलता, श्रीमती प्रतिभा, श्रीमती कंचनमणी, श्रीमती आरती और श्रीमती सविता का विशेष योगदान रहा। लगभग 40 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर जागरूकता प्रसार का संकल्प लिया।
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