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विकसित यूपी के लिए तय किये हैं अल्प, मध्यम और दीर्घ कालिक लक्ष्य : योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में 'यूपी विजन डॉक्यूमेंट 2047' को लेकर विकास का पूरा खाका प्रस्तुत किया.उत्तर प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में साबित होगा ऐतिहासिक रोडमैप.हर सेक्टर के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन के सामने विस्तार से रखा विचार.एआई, ब्लॉकचेन और क्वांटम कम्प्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में यूपी को वैश्विक लीडर बनाने का लक्ष्य : योगी आदित्यनाथ

  • इसरो के सहयोग से उत्तर प्रदेश अपना स्वयं का सैटेलाइट लॉन्च करेगा : मुख्यमंत्री

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन को संबोधित करते हुए ‘यूपी विजन डॉक्यूमेंट 2047’ का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने अल्पकालिक (2029-30), मध्यमकालिक (2035-36) और दीर्घकालिक (2046-47) लक्ष्यों को विस्तार से सदन के सामने रेखांकित किया, जो उत्तर प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक रूप से वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में एक रोडमैप प्रदान करता है।

कृषि और पशुधन में उत्पादकता और निर्यात क्रांति

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2029-30 तक कृषि उत्पादकता को बढ़ाने, वैज्ञानिक तकनीकों का विस्तार, फसल विविधीकरण और निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भंडारण सुविधाओं को मजबूत कर किसानों की आय को बढ़ाने की योजना है। इसके साथ ही, फूड प्रोसेसिंग और मेगा फूड पार्क की स्थापना के माध्यम से उत्तर प्रदेश को एक निर्यात हब के रूप में स्थापित किया जाएगा। पशुधन उत्पादकता को दोगुना करने, अंडा उत्पादन बढ़ाने और पशुओं के नस्ल सुधार पर भी जोर दिया जाएगा।

उद्योग और एमएसएमई में नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगों के लिए उत्तर प्रदेश को एक मजबूत एमएसएमई हब के रूप में विकसित करने की योजना है। अगले पांच वर्षों में निर्यात को चार गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए एमएसएमई सुविधा, सर्टिफिकेशन और तकनीकी उन्नयन पर जोर दिया जाएगा। एयरोस्पेस, डिफेंस, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और सेमीकंडक्टर सेक्टर में विशेष ध्यान दिया जाएगा। लखनऊ और कानपुर में एआई सिटी की स्थापना और नोएडा को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके अलावा, कम से कम 10 स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न का दर्जा दिलाने और प्रत्येक मंडल में विश्वस्तरीय इन्क्यूबेटर स्थापित करने का लक्ष्य है।

तकनीकी नवाचार को बढ़ावा, सैटेलाइट से लेकर क्वांटम कम्प्यूटिंग तक

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इसरो के सहयोग से उत्तर प्रदेश अपना स्वयं का सैटेलाइट लॉन्च करेगा, जो आपदा प्रबंधन और मौसम की जानकारी प्रदान करेगा। इसके साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ब्लॉकचेन और क्वांटम कम्प्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में यूपी को वैश्विक लीडर बनाने का लक्ष्य है। आईटी पार्कों का निर्माण और आईटी अवसरों को रोजगार में बदलने की दिशा में भी कार्य होगा।

पर्यटन और सांस्कृतिक विकास से विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनाने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश को विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लिए नैमिषारण्य, विंध्याचल, मथुरा-वृंदावन जैसे पर्यटन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। रामायण सर्किट, कृष्णा सर्किट, और बौद्ध सर्किट को बढ़ावा देने के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को प्रोत्साहन दिया जाएगा। देसी और विदेशी पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बुनियादी ढांचा और ऊर्जा से स्मार्ट और हरित भविष्य का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट को भारत का सबसे भव्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की दिशा में कार्य अंतिम चरण में है, जिसका उद्घाटन इस साल के अंत तक होगा। यह एयरपोर्ट कार्गो ट्रांजिट हब के रूप में आर्थिक क्रांति लाएगा। इसके अलावा, स्मार्ट ग्रिड तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, और हरित हाइड्रोजन पर जोर दिया जाएगा। बुंदेलखंड और पूर्वांचल में नए सोलर पार्क स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश के हर शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने और वन कवरेज को 13-14% तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

शिक्षा, समान अवसर और महिला सशक्तिकरण

महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की जाएंगी। महिला श्रम भागीदारी को 50% तक बढ़ाने, हर मंडल में महारानी अहिल्याबाई होल्कर श्रमजीवी छात्रावास स्थापित करने, और प्रत्येक जनपद में सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में रोजगार जोन बनाने की योजना है। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत तक लाने, कुपोषण के खिलाफ लड़ाई, और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नए एम्स और फार्मा पार्क स्थापित किए जाएंगे।

शिक्षा और कौशल विकास से वैश्विक स्तर पर यूपी बनाएगा पहचान

उत्तर प्रदेश के 15 विश्वविद्यालयों को अगले पांच वर्षों में एनआईआरएफ की शीर्ष 100 सूची में शामिल करने का लक्ष्य है। आयुष, कृषि, खेल, और वानिकी जैसे थीम आधारित विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। नए आईआईटी और आईआईएम के साथ-साथ वैश्विक विश्वविद्यालयों के साथ शिक्षक-छात्र विनिमय कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

सुरक्षा और सुशासन और स्मार्ट गवर्नेंस

सुरक्षा और सुशासन के लिए सीसीटीवी नेटवर्क और एआई आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। परिवहन में शून्य दुर्घटना और शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक जिले के लिए जिला विकास योजना और मास्टर प्लान तैयार किए जाएंगे, जो आर्थिक ताकत और निवेश के अवसरों को बढ़ाएंगे।

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