National

हमारी संप्रभुता और सामूहिक पहचान का प्रतीक है तिरंगा: धनखड़

नयी दिल्ली : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जनता से विध्वंसक ताकतों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह करते हुए कहा “तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं है- यह हमारी संप्रभुता और सामूहिक पहचान का प्रतीक है” और भारतीय पहचान को चुनौती देना हमारे अस्तित्व को चुनौती देने के समान है।श्री धनखड़ ने मंगलवार को भारत मंडपम से “ हर घर तिरंगा बाइक रैली” को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि कुछ लोग भारत के विकास की तेज गति को पचा नहीं पा रहे हैं। वे बाधाएं पैदा करना चाहते हैं और अस्थिरता लाना चाहते हैं।

उन्होंने तिरंगे के महत्व का उल्लेख करते हुए लोगों से विरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने और इससे प्रेरणा लेने का आग्रह किया और सभी से किसी भी परिस्थिति में राष्ट्र के हित को सर्वोपरि रखने की अपील की।इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

उप राष्ट्रपति ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य सभी भारतीयों में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की गहरी भावना जगाना और एकता की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, “तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं है- यह हमारी संप्रभुता और सामूहिक पहचान का प्रतीक है।”श्री धनखड़ ने कहा कि भारतीय पहचान हमारे खून में है और इस पहचान को चुनौती देना हमारे अस्तित्व को चुनौती देने के समान है। उन्होंने लोगों से तिरंगे के सम्मान, आदर और गौरव को हमेशा बनाए रखने का आह्वान किया।

स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होेंने कहा कि 30 दिसंबर, 1943 को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह पर भारतीय ध्वज फहराना ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक ऐतिहासिक विद्रोह था।उन्होंने कहा कि भारत अब केवल क्षमता और संभावनाओं वाला देश नहीं है, बल्कि पहले से कहीं अधिक तेजी से उभर रहा राष्ट्र है। उन्होंने कहा, “ हमारा उत्थान अजेय है और हमारा उत्थान हमें 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बना देगा।” (वार्ता)

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button