नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह वाराणसी की विवादित ज्ञानवापी मस्जिद की एक पानी टंकी की सफाई की याचिका सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा।मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने विचार करने का आश्वासन देते हुए याचिकाकर्ता कुछ महिलाओं का पक्ष रख रहे वकील विष्णु शंकर जैन से कहा कि वह इस मामले में ईमेल के जरिए अनुरोध भेजें।
पीठ के समक्ष श्री जैन ने दलील देते हुए कहा कि इससे संबंधित मामला 12 जनवरी को सूचीबद्ध दिखाया गया है, लेकिन याचिकाकर्ताओं की गुहार है कि टंकी की सफाई की अनुमति के मुद्दे पर उससे पहले सुनवाई की जाए।अपने आवेदन में महिलाओं ने कहा कि 16 मई 2022 को जब सर्वे हुआ था और तब से पानी टंकी की सफाई नहीं हुई है। इस वजह से दुर्गंध आती है।याचिकाकर्ताओं का दावा है कि उस पानी टंकी के पास (अदालत द्वारा नियुक्त आयुक्त द्वारा सर्वेक्षण के दौरान) एक ‘शिवलिंग’ पाया गया था।
मथुरा की शाही मस्जिद को हटाने की याचिका खारिज
उच्चतम न्यायालय ने मथुरा की विवाद शाही मस्जिद हटाने और वहां ‘भगवान श्री कृष्ण जन्म स्थल’ घोषित करने का निर्देश देने की मांग वाली एक जनहित याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने वकील महेक माहेश्वरी की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि इसमें दिए गए तथ्यात्मक विवादित सवालों के मद्देनजर इस मामले में अदालत का दखल देना उचित हीं होगा।इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2023 में माहेश्वरी की इस याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत के समक्ष चुनौती दी थी।(वार्ता)



