
माकपा ने केरल में विस्फोट को लेकर राज्य के लोगों को सावधान किया
राजीव चंद्रशेखर के बयान की आलोचना की
नयी दिल्ली : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने केरल में रविवार की बम विस्फोटाें कीघटना के मद्देनजर राज्य के लोगों को शांति में खलल डालने वाली ताकतों के प्रति खड़े होने का आह्वान किया है औरपार्टी ने गाजा पर इसरायल की सैन्य कार्रवाई के संबंध में संयुक्त राष्ट्र में रखे प्रस्ताव का न करने के लिए माेदी सरकार की तीखी आलोचना की है।
माकपा की केन्द्रीय समिति की नयी दिल्ली में 27 से 29 अक्टूबर तक चली बैठक के बाद सोमवार को जारी बयान में मणिपुर में हिंसा के मद्देनजर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को तत्काल पद से हटाने की मांग भी की गयी है। पार्टी ने देश में एक देश-एक चुनाव के प्रस्ताव को खारिज किया है।पार्टी की केन्द्रीय समिति ने यह भी कहा है कि मोदी सरकार आर्थिक क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे तो कर रही है लेकिन महंगाई और बेरोजगारी से जनता पर बोझ बढ़ा है।पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने इस बयान को सोशल मीडिया साइट एक्स पर जारी किया है जिसमें एरनाकुलम में एक सामुदायिक केन्द्र पर ईसाइयों के एक समूह की सभा के दौरान विस्फोटों की घटना की निंदा की गयी है।
पार्टी ने कहा है कि पुलिस में इस घटना के संबंध में एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पार्टी ने इस घटना को लेकर केन्द्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर का नाम लिये बगैर उनके सोशल मीडिया पोस्ट की आलोचना की है और कहा है कि मंत्री ने बिना तथ्यों को समझे घटना को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की। पार्टी ने राज्य के लोगाें से कि वह हमेशा की तरह उन तत्वों से सावधान रहे जो केरल के अनूठे और बेजोड़ साम्प्रदायिक एवं सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ना चाहते हैं।गाजा में हमास पर इसरायल की सैन्य कार्रवाई को “ फिलिस्तीन पर इजरायल का जनसंहारक हमला ” बताते हुए मानवीय आधार पर युद्ध विराम के संयुक्त राष्ट्र में रखे गये प्रस्ताव का समर्थन न करने के लिये मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की है।
माकपा केन्द्रीय समिति ने कहा है कि मोदी सरकार संयुक्त राष्ट्र में उस प्रस्ताव पर वोट न देकर युद्ध भड़काने वाले साम्राज्यवादी ताकतों का साथ दिया है जो फिलिस्तीन को भारत के ऐतिहासिक एवं परम्परागत समर्थन के खिलाफ है।पार्टी ने कहा है कि वह इसरायल के खिलाफ बढ़ रहे विरोध प्रदर्शनों के साथ है ताकि इसरायल को युद्ध विराम के लिए बाध्य किया जा सके।पार्टी ने इसरायल के मसले का दो राष्ट्रों के समाधान के संयुक्त राष्ट्र के पुराने प्रस्ताव का समर्थन किया है जिसमें पूर्वी यरूशलम फिलिस्तीन देश की राजधानी होगा और उसकी सीमायें 1967 के पहले के फिलिस्तीन की सीमा होगी।(वार्ता)



