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दिल्ली -‘सीरोलॉजिकल सर्वे’ 27 जून से,कोविड रिस्पोंस योजना को अंतिम रूप दिया गया

केंद्रीय गृह सचिव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कि अध्यक्षता में 21 जून को हुई बैठक में दिल्ली में कोविड की स्थिति के बारे में लिए गए विभिन्न फ़ैसलों के कार्यान्वयन की समीक्षा की

नई दिल्ली । केंद्रीय गृह सचिव ने एक बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 21 जून को हुई बैठक में दिल्ली में कोविड की स्थिति के बारे में लिए गए विभिन्न फ़ैसलों के कार्यान्वयन की समीक्षा की। बैठक मे दिल्ली के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के साथ ही नीति अयोग के सदस्य डा. वी के पाल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(AIIMS) के निदेशक डा. रणदीप गुलेरिया और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव भी शामिल हुए। गृह सचिव ने इस बैठक में जाना कि केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्देशित सभी निर्णय सुचारू और समयबद्ध तरीके से लागू किए गए हैं और दिल्ली के लिए एक कोविड रिस्पोंस योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसके साथ ही दिल्ली में कोविड से संबंधित कार्यों के लिए जिला स्तरीय टीमों का भी गठन किया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्धारित समयसीमा के अनुसार दिल्ली में कोविड प्रकोप वाले सभी क्लस्टर समेत कंटेनमेंट ज़ोन के पुनर्निर्धारण का काम 26 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही घर-घर स्वास्थ्य सर्वे भी 30 जून को संपन्न हो जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसर दिल्ली में ‘सीरोलॉजिकल सर्वे’ पर भी चर्चा की गई। एनसीडीसी और दिल्ली सरकार संयुक्त रूप से यह सर्वे करेंगे। सर्वेक्षण 27 जून से शुरू होगा और सभी संबंधित सर्वे टीमों का प्रशिक्षण कल पूरा हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कोविड संक्रमण को रोकने व पता लगाने के लिए आरोग्य सेतु और इतिहास ऐप्स के उपयोग की भी मंज़ूरी दी थी। दिल्ली सरकार की जिला टीमों को एनसीडीसी प्रशिक्षकों द्वारा ऐप्स के संयुक्त उपयोग पर कल प्रशिक्षण दिया गया।

केंद्र ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में पूर्वोत्तर राज्यों को दिया है व्‍यापक सहयोग

देश भर में कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई दरअसल एक ठोस और सामूहिक प्रयास के रूप में निरंतर जारी है। केंद्र ने कोविड-19 से लड़ने के लिए पूर्वोत्तर राज्यों में चिकित्सा सेवाओं से जुड़ी अवसंरचना को मजबूत करने के लिए अत्‍यंत सक्रियतापूर्वक और व्‍यापक सहयोग दिया है। पूर्वोत्तर (एनई) राज्यों में कोविड-19 के मामले पूरे देश की तुलना में अपेक्षाकृत कम संख्‍या में हैं। जैसा कि नीचे दी गई तालिका से स्‍पष्‍ट होता है, अब तक कोविड के सक्रिय मामले 3731 हैं, जबकि ठीक हो चुके मरीजों की संख्‍या इससे कहीं अधिक 5715 है। मृत्यु दर निरंतर कम बनी हुई है। यही नहीं, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम में तो किसी भी कोविड मरीज की मौत नहीं हुई है।

क्र.सं. राज्‍य सक्रिय मामले ठीक हो चुके मरीज मौत
1 अरुणाचल प्रदेश 121 38 1
2 असम 2279 4033 9
3 मणिपुर 702 354 0
4 मेघालय 3 42 1
5 मिजोरम 115 30 0
6 नगालैंड 195 160 0
7 सिक्किम 46 39 0
8 त्रिपुरा 270 1019 1
कुल 3731 5715 12

 

एक महत्वपूर्ण स्तंभ जिसने कोविड-19 के प्रकोप का मुकाबला करने में पूर्वोत्तर राज्यों के प्रयासों में बाधा उत्पन्न की, वह परीक्षण (टेस्टिंग) सुविधाओं का पूर्ण अभाव था। हालांकि, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के माध्यम से केंद्र द्वारा फोकस करने की बदौलत आज पूर्वोत्तर राज्यों में सार्वजनिक क्षेत्र में 39 परीक्षण प्रयोगशालाएं और निजी क्षेत्र में तीन परीक्षण प्रयोगशालाएं यानी कुल मिलाकर 42 प्रयोगशालाएं हैं।

क्रम संख्या राज्‍य सार्वजनिक प्रयोगशालाएं निजी प्रयोगशालाएं कुल प्रयोगशालाएं
1 अरुणाचल प्रदेश 3 0 3
2 असम 10 2 12
3 मणिपुर 2 0 2
4 मेघालय 6 1 7
5 मिजोरम 2 0 2
6 नगालैंड 13 0 13
7 सिक्किम 2 0 2
8 त्रिपुरा 1 0 1
कुल 39 3 42

 

पूर्वोत्तर राज्यों को समर्पित या विशेष कोविड अस्पतालों, कोविड स्वास्थ्य केंद्रों और कोविड देखभाल केंद्रों की भारी कमी का भी सामना करना पड़ा। केंद्र की मदद से सभी पूर्वोत्तर राज्यों में स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना को काफी हद तक पूरक बना दिया गया है।

वर्तमान स्थिति निम्नानुसार है:

क्रम संख्या राज्‍य समर्पित कोविड अस्पताल/डीसीएच समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्रडीसीएचसी समर्पित कोविड केंद्र/डीसीसीसी केंद्रों की संख्या
1 अरुणाचल प्रदेश 4 31 51 86
2 असम 32 267 1001 1300
3 मणिपुर 2 18 1 21
4 मेघालय 7 24 14 45
5 मिजोरम 1 15 15 31
6 नगालैंड 12 1 1 14
7 सिक्किम 1 2 2 5
8 त्रिपुरा 1 2 13 16
कुल 60 360 1098 1518

 

इसके अलावा, भारत सरकार ने आईसीयू बेड, आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन की सुविधा वाले बेड और वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाने में पूर्वोत्तर राज्यों को सहयोग दिया है। इसने कोविड-19 मामलों के प्रभावकारी नैदानिक प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 क्रम संख्‍या राज्‍य कुल आइसोलेशन बेड (आईसीयू बेड को छोड़कर) ऑक्सीजन की सुविधा वाले बेड कुल आईसीयू बेड वेंटिलेटर की संख्या  
1 अरुणाचल प्रदेश 1998 178 60 16
2 असम 67833 1841 598 350
3 मणिपुर 829 317 48 45
4 मेघालय 1231 345 83 95
5 मिजोरम 709 213 37 27
6 नगालैंड 681 142 54 28
7 सिक्किम 251 224 20 59
8 त्रिपुरा 1277 10 13 7

 

केंद्र ने एन95 मास्क, पीपीई किटों और एचसीक्यू टैबलेट की उपलब्धता बढ़ाने में भी पूर्वोत्तर राज्यों को व्‍यापक सहयोग दिया है।

 

क्रम संख्‍या राज्य/केंद्र शासित प्रदेश/केंद्र सरकार के संस्थान वितरित किए गए एन95 मास्क (लाख में) वितरित की गईं पीपीई किटें (लाख में) वितरित की गईं एचसीक्यू टैबलेट (लाख में)
1 अरुणाचल प्रदेश 1.21 0.66 1.5
2 असम 3.37 2.01 6.7
3 मणिपुर 0.95 0.79 2.7
4 मेघालय 0.75 0.52 1.75
5 मिजोरम 0.76 0.31 2.2
6 नगालैंड 0.7 0.25 1.75
7 सिक्किम 0.80 0.52 0.25
8 त्रिपुरा 1.38 1.13 2.5

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