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उप्र में अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों का होगा सिर्फ एक महानिदेशक

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में अब बेसिक और माध्यमिक दोनों शिक्षा विभागों का सिर्फ एक महानिदेशक होगा। योगी सरकार के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने भी गुरुवार को अपनी मंजूरी दे दी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में करीब दो दर्जन प्रस्ताव पारित हुए। कैबिनेट ने निर्णय लिया कि बेसिक और माध्यमिक दोनों शिक्षा विभागों में केवल एक ही महानिदेशक होंगे। पूर्व में सिर्फ बेसिक शिक्षा विभाग में ही यह व्यवस्था लागू थी, लेकिन अब बेसिक शिक्षा के महानिदेशक बेसिक एवं माध्यमिक दोनों का काम देखेंगे।

कैबिनेट ने लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया। इस निर्णय के तहत लखनऊ में छह ग्रामीण थाने, वाराणसी में 12 थाने और कानपुर के 14 ग्रामीण थाने जोड़े गए हैं।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले

●उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अंतर्गत निजी क्षेत्र में एसडीजीआई ग्लोबल विश्वविद्यालय, गाजियाबाद की स्थापना के लिए आशय पत्र निर्गत किए जाने के संबंध में।

●उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अंतर्गत निजी क्षेत्र में मेजर एसडी सिंह यूनिवर्सिटी,फतेहगढ़, फर्रुखाबाद उत्तरप्रदेश की स्थापना हेतु आशय पत्र निर्गत किए जाने के संबंध में।

●उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम,2019 के अंतर्गत निजी क्षेत्र में जेएसएस विश्वविद्यालय, नोएडा की स्थापना हेतु आशय पत्र निर्गत किए जाने के संबंध में

●जनपद सिद्धार्थनगर में सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से संबंधित नहर निर्माण हेतु सिंचाई विभाग की भूमि उपलब्ध कराए जाने के संबंध में।

●कनहर सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नहर प्रणालियों के लिए आवश्यक 127.1637 हेक्टेयर वन भूमि के बदले 160.7608 हेक्टेयर गैर वन भूमि के हस्तांतरण के संबंध में।

●जनपद वाराणसी में प्रस्तावित एकीकृत मंडल स्तरीय कार्यालय निर्माण संबंधी परियोजना हेतु मंडलायुक्त कार्यालय परिसर, वाराणसी (राजस्व विभाग) की भूमि को आवास एवं शहर नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के निवर्तन पर निशुल्क हस्तांतरित किए जाने के संबंधी राजस्व विभाग के शासनादेश में संशोधन के संबंध में।

●पुलिस आयुक्त प्रणाली के पुर्नगठन के संबंध में।

●उत्तर प्रदेश द्वारा अधिसूचित उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति -2021 में संशोधन किए जाने के संबंध में।

●उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप नीति- 2017 के अंतर्गत वाणिज्यिक परिचालन आरंभ करते हेतु अवधि निर्धारण की व्यवस्था को अंगीकृत किया जाना और निवेशकों को वित्तीय प्रोत्साहनों की स्वीकृति/अनुमोदन के संबंध में।

●उत्तर प्रदेश द्वारा अधिसूचित उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2020 में संशोधन किए जाने के संबंध में।

●उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति – 2022

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