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आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत समारोह में दो छात्राओं को मिलेगा प्रेसीडेंट्स स्वर्ण पदक

1497 मेघावी छात्रों को दी जाएगी उपाधि, जेएनयू के चांसलर एवं नीति आयोग के सदस्य डॉ विजय कुमार सारस्वत होंगे मुख्य अतिथि

वाराणसी । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू के दीक्षांत समारोह में इस बार दो छात्राओं को सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने पर प्रेसीडेंट्स स्वर्ण पदक और डाइरेक्टर्स स्वर्ण पदक दिया जाएगा।संस्थान में बीटेक स्तर पर शैक्षणिक क्षेत्र में संपूर्ण उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए श्लोका नेगी, बीटेक फार्मास्युटिकल्स इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी को प्रेसीडेट्स स्वर्ण पदक सम्मानित किया जाएगा और सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और संगठनात्मक व नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने के लिए इशिता अरुणमा, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग को डाइरेक्टर्स स्वर्ण पदक से विभूषित किया जाएगा। यह जानकारी शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने दी।

उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह में कुल 54 विद्यार्थियों को 105 मेडल और पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। समारोह में संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों के 1497 मेधावी छात्रों को उपाधि प्रदान की जाएगी। दीक्षांत समारोह में 94 से अधिक शोध छात्रों को डिग्री दी जाएगी।उन्होंने बताया कि संस्थान का 11वां दीक्षांत समारोह सोमवार 10 अक्टूबर को स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित होगा। समारोह के मुख्य अतिथि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के चांसलर एवं नीति आयोग के सदस्य डॉ विजय कुमार सारस्वत होंगे। समारोह की अध्यक्षता बोर्ड ऑफ गवर्नर चेयरमैन पद्मश्री डॉ कोटा हरिनारायन करेंगे।

प्रो. जैन ने बताया कि पूर्व छात्र किसी भी संस्थान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। प्रतिष्ठित पूर्व छात्र, पूर्व छात्रा पुरस्कार आईआईटी बीएचयू वाराणसी द्वारा अपने पूर्व छात्रों को उनकी उपलब्धियों के सम्मान में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। इस वर्ष दीक्षांत कार्यक्रम में कुल सात पूर्व छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।वार्ता के दौरान संस्थान की उपलब्धियां बताते हुए प्रो. जैन ने बताया कि पिछले समारोह के बाद संस्थान की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां और तेज हो गई है। 2021-22 के दौरान प्रायोजित परियोजनाओं और योजनाओं के माध्यम से संस्थान द्वारा सृजित निधि की कुल राशि 3155 करोड़ थी। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान सितंबर 2022 तक लगभग 12.50 करोड़ से अधिक मूल्य की 36 नई परियोजनाएं प्राप्त हुई है और शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त लगभग 20 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और फंड जारी होने की प्रतीक्षा है।

संस्थान कई राष्ट्रीय अनुसंधान क्षेत्रों जैसे अंतरिक्ष के लिए इसरो क्षेत्रीय अकादमिक केंद्र भारतीय फार्माकोपिया आयोग के सहयोगी अनुसंधान केंद्र रामेक्ट्रीज में उत्कृष्टता केंद्र इंटरडिसिप्लिनरी डाटा एनालिटिक्स एक प्रेक्टिव टेक्नोलाजी, आईडीएपीटी, पर डीएसटी फाउन्डर्ड प्रौद्योगिकी नवाचार हव, टीआईएच, सेंटर ऑफ एनर्जी एड रिसोर्स डेवलपमेंट, यूपी डिफेंस कॉरिडोर के नॉलेज पार्टनर, आरकेवीवाई. आरएएफटीएएआर एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर एवं कई और में लगभग 272 करोड़ के कुल बजट के साथ सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।उन्होंने बताया कि संस्थान ने आत्मनिर्भर भारत के लिए प्रधानमंत्री के सपने के अनुरूप रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर और धारणीय बनाने की दिशा में एक बढ़ा कदम उठाया है। संस्थान डीआरडीओ उद्योग अकादमी उत्कृष्टता केंद्र, टीआईए-सीओई स्थापित करने की तैयारी में है। पिछले दीक्षांत समारोह के बाद संस्थान ने प्रसिद्ध अंतर राष्ट्रीय संस्थानों, विश्वविद्यालय जैसे यूनिवर्सिटी ऑफ सीजेन जर्मनी के साथ कई अंतरराष्ट्रीय समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।(हि.स.)

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