
जौनपुर। शाहगंज में सोमवार को दो अपराधियों ने कोरियर कम्पनी के कर्मचारी से दिनदहाड़े करीब पौने छह लाख रुपया लूट लिया। घटना उस समय हुई जब जिला मुख्यालय पर एडीजी जोन वाराणसी बृजभूषण का दौरा चल रहा था दूसरी तरफ पुलिस इस लूट को संदिग्ध करार दे रही है। खबर मिली है कि शाहगंज में दादर पुल पर बाइक सवार दो अपराधियों ने असलहे के बल पर कोरियर कम्पनी के कर्मचारी से पौने छह लाख रुपये लूट लिया। अपराधी असलहा लहराते हुए फरार हो गये। कोरियर कर्मचारी बैंक में रुपया जमा कराने जा रहा था। लूट की घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार,कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आदेश कुमार त्यागी और क्राइम ब्रांच की टीम जांच पड़ताल में जुटी है।
शाहगंज क्षेत्र के सुरिस गांव स्थित बरदहिया बाजार के समीप ‘ई-काम एक्सप्रेस’ नाम से कोरियर कम्पनी का कार्यालय है। जिसके द्वारा ऑनलाइन कंपनियों के सामानों की डिलवरी होती है। ई-काम एक्सप्रेस का संचालन सुल्तानपुर जनपद के अखण्ड नगर निवासी सौरभ सिंह करते हैं। सोमवार की सुबह सवा दस बजे कम्पनी का कर्मचारी मो. नसीम (निवासी मियांपुर, जौनपुर) पांच लाख 78 हजार दो सौ रुपए बैग में रखकर आजमगढ़ मार्ग स्थित बैंक आफ बड़ौदा की शाखा में जमा करने के लिए निकला था। कर्मचारी के मुताबिक दादर पुल पर कोल्ड स्टोरेज के समीप बाइक सवार दो अपराधी उसे असलहे से आतंकित करते हुए रुपयों से भरा बैग लूटकर भाग निकले। भुक्तभोगी का आरोप है कि भागते समय बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए हवा में फायरिंग भी किया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने कोरियर कार्यालय से लेकर घटनास्थल तक लगे सीसी टीवी फुटेज को खंगाला।
पुलिस ने कोरियर कार्यालय के आस-पास के दुकानदारों व उनके कर्मचारियों से भी पूछताछ किया। पुलिस मामले में कम्पनी के तीन कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, वहीं क्राइम ब्रांच की टीम घटनास्थल पर जांच में जुटी रही। घटना के सन्दर्भ में क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार ने फिलहाल बाद में जानकारी देने की बात कही। कोतवाली प्रभारी आदेश कुमार त्यागी ने कहा कि जांच की जा रही है घटना का जल्द ही पर्दाफाश हो जाएगा। दूसरी तरफ एसपी सिटी डॉ संजय कुमार ने अपने आधिकारिक बयान में इस घटना पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि घटनास्थल के आसपास लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने के बाद कर्मचारी ना आता दिखाई दिया ना जाता। आसपास के लोग घटना के बारे में कोई जानकारी भी नहीं दे पा रहे हैं दूसरे कर्मचारी ने मोबाइल फोन होते हुए भी पुलिस को सूचना नहीं दी और अपने कार्यालय गया, फिर वहां से कोतवाली पहुंचकर वारदात की जानकारी दी गई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।




