
उत्तराखंड के चार धामों में अब तक 52 श्रद्धालुओं की मौत
चारधाम यात्रा के बेहतर संचालन के लिए निगरानी समिति गठित: धामी
देहरादून : उत्तराखंड में दस मई से शुरू हुई गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बारह मई से शुरू हुई बदरीनाथ की यात्रा के लिए आए तीर्थयात्रियों में से 52 श्रद्धालुओं की विभिन्न कारणों से मृत्यु हो चुकी है।यह जानकारी मुख्यमंत्री सचिव और गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने शुक्रवार को दी।श्री पांडेय ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में ही स्वास्थ्य सम्बन्धी एसओपी चौदह भाषाओं में जारी की जा चुकी है।
चारधाम यात्रा के बेहतर संचालन के लिए निगरानी समिति गठित: धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा के बेहतर संचालन के लिए निगरानी समिति का गठन कर अधिकारियों को यात्रा मार्गों में तैनात रहने का निर्देश देते हुए कहा है कि कोई यात्री बिना पंजीकरण के किसी धाम पर पहुंचता है तो इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।श्री धामी ने यहां उत्तराखंड सदन से वर्चुअल आधार पर चार धाम यात्रा की समीक्षा की और शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह खुद फील्ड पर उतरे और यात्रा की संचालन की खुद निगरानी करें।उन्होंने यात्रा में सभी विभागों के अधिकारियों से यात्रा के संचालन में समन्वय तथा जिम्मेदारियों का निष्ठा से निर्वहन करने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।(वार्ता)
केदारनाथ में हेलीकॉप्टर की एमर्जेन्सी लैंडिंग, पायलट व यात्री सुरक्षित
केदारनाथ में एक निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर को तकनीकी गड़बड़ी के कारण आपात स्थिति में हेलीपैड से कुछ ही मीटर की दूरी पर उतारना पड़ा। हेलीकॉप्टर में छह श्रद्धालु समेत सात लोग सवार थे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।हालांकि, उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में सवार पायलट और सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं और श्रद्धालुओं को भगवान केदारनाथ के दर्शन करा दिए गए हैं।रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार, घटना सुबह सात बजे की है जब क्रिस्टल एवियेशन कंपनी के हेलीकॉप्टर ने गुप्तकाशी और सोनप्रयाग के बीच शेरसी हेलीपैड से उड़ान भरी।
इसी बीच, तकनीकी खामी की जानकारी मिलते ही पायलट ने हेलीकॉप्टर को केदारनाथ हेलीपैड से कुछ दूरी पर आपात स्थिति में उतारा।रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने कहा कि पायलट की सूझबूझ के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामी की जानकारी मिलने के बाद पायलट ने अपना धैर्य नहीं खोया और हेलीकॉप्टर को आपात स्थिति में सुरक्षित उतारा। सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं और सभी को बाबा केदारनाथ के दर्शन करा दिए गए हैं। हेलीकॉप्टर में आई तकनीकी खराबी की जांच कराई जा रही है।(वीएनएस)।



