100 नई टाउनशिप, 50 लाख करोड़ निवेश और हर जिले में रोजगार जोन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश को आधुनिक और औद्योगिक राज्य बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में 100 नई टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य घोषित किया है। 27 एक्सप्रेसवे क्लस्टर, 75 हजार एकड़ लैंड बैंक और 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव से रोजगार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को टैबलेट वितरण के लिए 2,375 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही हर जिले में ‘सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ स्थापित होंगे। सरकार का उद्देश्य शहरीकरण, निवेश और कौशल विकास के माध्यम से प्रदेश को आर्थिक और औद्योगिक महाशक्ति बनाना है।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार, पर्यटन विकास, रोजगार सृजन और युवा सशक्तिकरण को लेकर व्यापक और दूरदर्शी कार्ययोजना प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ शहरी बुनियादी ढांचे, निवेश, डिजिटल विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने अगले पांच वर्षों में 100 नई टाउनशिप विकसित करने सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
पांच वर्षों में 100 नई टाउनशिप का लक्ष्य, शहरी विकास को नई दिशा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में सुनियोजित और आधुनिक शहरीकरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने अगले पांच वर्षों में 100 नई टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में 114 टाउनशिप प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, जिससे प्रदेश में आधुनिक नगरीय ढांचे का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के साथ-साथ गरीब और मध्यम वर्ग के लिए आवास निर्माण तथा लैंड बैंक के विकास की प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है, जो निवेश और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
कंप्लायंस में राहत और निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने की पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन नीति के तहत छोटे भूखंडों के लिए नक्शा पास कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों के लिए केवल पंजीकरण की आवश्यकता होगी, जबकि 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों के लिए स्वतः ऑनलाइन मानचित्र अनुमोदन की व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल और सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से 65 विभागों के 4,675 अनुपालन को सरल बनाया गया है, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हुई है। प्रदेश को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य की निवेश क्षमता का प्रमाण है।
एक्सप्रेसवे क्लस्टर और परिवहन अवसंरचना से औद्योगिक विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 27 एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए 12,500 एकड़ भूमि का लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी निवेश और रोजगार सृजन का प्रमुख आधार है। उन्होंने लखनऊ मेट्रो विस्तार के लिए 1,268 करोड़ रुपये और मेरठ-दिल्ली नमो भारत रैपिड रेल परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को डिजिटल सशक्तिकरण, टैबलेट वितरण के लिए 2,375 करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत स्नातक और परास्नातक के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को टैबलेट वितरण के लिए 2,375 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल से युवाओं की डिजिटल दक्षता बढ़ेगी और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
पर्यटन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में लगभग 156 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश का भ्रमण किया, जो प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे पर्यटन क्षेत्र का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या धाम, विंध्य कॉरिडोर, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन को नई पहचान मिली है।
उन्होंने यह भी बताया कि यूनेस्को ने लखनऊ को “क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी” के रूप में मान्यता दी है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और पाक विरासत को वैश्विक पहचान मिली है। अयोध्या में मंदिर संग्रहालय के निर्माण के लिए टाटा संस के साथ समझौता भी किया गया है।
हर जिले में स्थापित होंगे ‘सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रत्येक जिले में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर कौशल विकास, रोजगार प्रशिक्षण, निवेश सहायता और स्वरोजगार की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जोन के विकास पर 50 से 100 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाएंगे और इसके लिए लगभग 100 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ योजना से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ योजना के माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान दी जाएगी। इसके तहत स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से स्थानीय उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को विशेष लाभ मिलेगा।
ग्रामीण रोजगार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना के तहत अब 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है। यदि किसी व्यक्ति को रोजगार नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ता प्रदान करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब स्थायी परिसंपत्तियों जैसे अमृत सरोवर, बाजार, मंडी और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उत्तर प्रदेश बना निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश, औद्योगिक विकास, पर्यटन और डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश को आधुनिक, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुनियोजित शहरीकरण, मजबूत बुनियादी ढांचा, निवेश प्रोत्साहन और युवा सशक्तिकरण के माध्यम से उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
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