
वाराणसी। नाबालिक किशोरी को अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने एक अभियुक्त को दंडित किया है। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट (द्वितीय) अनुभव द्विवेदी की अदालत ने मुकदमें के विचारण के दौरान इंदिरा नगर थाना लंका निवासी अभियुक्त अंजनी टंडन उर्फ सोनू को दोषी पाने पर दस वर्ष की कठोर कारावास और 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धन राशि में से आधी राशि पीड़िता को भी देनें का आदेश दिया है। अदालत में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सुन्दरपुर लंका निवासिनी वादिनी ने 25 जनवरी 2015 को लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था उसकी 16 वर्षिय पुत्री 22 दिसंबर 2014 को शाम 6:45 से घर से कहीं लापता हो गयी है। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई अता-पता नहीं चला। खोजबीन के दौरान ज्ञात हुआ कि उसकी पुत्री को इंदिरा नगर थाना लंका निवासी अभियुक्त अंजनी टंडन उर्फ सोनू व सत्यप्रकाश उर्फ सत्या बजडिहा निवासी साजिश के तहत बहला-फुसलाकर उसकी पुत्री का अपहरण कर लिये हैं। इसकी जानकारी होने पर जब वादिनी उसके घर गयी तो पता चला वह लोग भी उसी दिन से लापता हैं। इस मामले पुलिस ने विवेचना के दौरान घटना के 20 दिन बाद अभियुक्त को गिरफ्तार कर पीड़िता को उसके कब्जे से बरामद किया था। अदालत ने गवाहों के बयान व पत्रावली के अवलोकन के बाद अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा सुना दी।



