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पूर्वांचल, गंगा और बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे बनाकर योगी सरकार ने विकास के नए कीर्तिमान बनाए

योगी का विकास अखिलेश पर भारी .मेट्रो में भी कानपुर, आगरा, गोरखपुर में एक साथ शुरू हुआ काम .मेडिकल कालेज का 75 जिलों में फैलाया जाल .अखिलेश के आगरा एक्सप्रेस वे और लख़नऊ के मेट्रो के विकास के मुकाबले मीलों आगे निकली योगी सरकार .

लखनऊ । योगी सरकार के विकास कार्य अखिलेश पर भारी पड़ रहे हैं। योगी सरकार ने साढ़े चार वर्ष में जिस तरह से प्रदेश के अन्दर चार एक्सप्रेस वे, मेट्रो और मेडिकल कालेजों का जाल बिछाया है, इससे अखिलेश समेत पूरा विपक्ष सकते में है। योगी सरकार ने पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर और गंगा एक्सप्रेस वे का जाल पूरे प्रदेश में ऐसे विछाया है, जिससे अब यहां के निवासियों से न दिल्ली दूर है और न ही लखनऊ। इसके साथ-साथ पूरे प्रदेश में 75 मेडिकल कालेज देकर गरीब और अति पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था को नई बुलंदियों पर पहुंचाया है।

आगरा एक्सप्रेस वे की तुलना में चार एक्सप्रेस वे का हो रहा निर्माण

अखिलेश सरकार ने आगरा एक्सप्रेस वे का निर्माण करवाया था, जिसकी लंबाई केवल 302 किलोमीटर ही थी, लेकिन योगी सरकार ने प्रदेश के अन्दर पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर और गंगा एक्सप्रेसवे का जो निर्माण करवा रही है, जिनकी लंबाई आगरा एक्सप्रेसवे से चार गुना ज्यादा है। इनमें पूर्वांचल एक्सप्रेस जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16 नवम्बर को करने जा रहे हैं। इसी की ही लंबाई 340.824 किलोमीटर है। वहीं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे 296.07 किलोमीटर लंबी है, जिसका भी निर्माण लगभग 72 फीसदी पूरा हो चुका है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे और राजधानी से जोड़ने वाली गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का भी निर्माण लगभग 30 फीसदी पूरा हो चुका है। इसका निर्माण 2023 तक पूरा करा लिया जाएगा। पूरे प्रदेश को एक सूत्र में पिरोने वाली 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस वे के लिए भी 94 फीसदी जमीन खरीदी जा चुकी है। खास बात यह है कि सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे और गंगा एक्सप्रेस वे पर शाहजहांपुर के पास वायुसेना के विमानों की आपात लैंडिंग के लिए हवाई पट्टी का निर्माण भी किया गया है। वहीं मेट्रो को लेकर प्रदेश के कई शहरों में काम चल रहा है। कानपुर मेट्रो का ट्रायल हाल में ही शुरू हो चुका है। साथ गोरखपुर, आगरा, वाराणसी और मेरठ में मेट्रो के लिए तेजी से काम पूरा कराया जा रहा है।

हर जिले को दिया मेडिकल कालेज

योगी सरकार ने स्वास्थ्य को लेकर भी मील का पत्थर बनाया है। दो हजार 329 करोड़ की लागत से बने सिद्धार्थनगर, देवरिया, जौनपुर, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर और जौनपुर समेत नौ मेडिकल कालेज का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर चुके हैं। इसी के साथ योगी सरकार सभी 75 जिलों में भी मेडिकल कालेज बना रही है। प्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सकों की कोई कमी न हो, इसलिए एमबीबीएस की 900 सीटों की बढ़ोतरी की गई है।

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