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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान,13 मई को परिणाम

नयी दिल्ली : भारतीय चुनाव आयोग ने बुधवार, 29 मार्च 2023 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जुड़ी तारीखों का ऐलान कर दिया। राज्य में एक चरण में 10 मई को मतदान होगा और 13 मई को परिणाम की घोषणा की जाएगी। राज्य में कुल 224 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इस संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे और अरुण गोयल के साथ आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में कर्नाटक विधान सभा 2023 के आम चुनाव से जुड़े कार्यक्रम की घोषणा की।

अधिसूचना 13 अप्रैल को होगी जारी

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि चुनाव के लिए अधिसूचना 13 अप्रैल को जारी की जाएगी। 20 अप्रैल को नामांकन, 21 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच, 24 अप्रैल को नाम वापसी और 10 मई को मतदान होगा।

कर्नाटक चुनाव लड़ने वाले प्रमुख राजनीतिक दल

कर्नाटक चुनाव लड़ने वाले प्रमुख राजनीतिक दल हैं- भाजपा, कांग्रेस, जद (एस) और बसपा

कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल 25 मई को समाप्त

कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल 25 मई को समाप्त होने वाला है। कर्नाटक की कुल 224 विधानसभा सीटों में से वर्तमान में 119 पर सत्तारूढ़ भाजपा के विधायक काबिज हैं। वहीं कांग्रेस के पास 75 और उसके सहयोगी जद (एस) के पास 28 सीटें हैं। गौर करने वाली बात यह है कि 2024 लोकसभा चुनाव की बड़ी लड़ाई से पहले तीन और बड़े राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनावों से पहले कर्नाटक चुनाव के नतीजे आ जाएंगे। इससे आगामी चुनावों की धुंधली तस्वीर भी साफ हो जाएगी।

5.21 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत

मतदाता सूची के अनुसार राज्य में 5.21 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 5.55 लाख विकलांग मतदाता हैं। कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 224 विधानसभा क्षेत्रों में 58,282 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। प्रति मतदान केन्द्र औसतन 883 मतदाता हैं। 50 प्रतिशत मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग की सुविधा है। बेहतर मतदाता अनुभव के लिए 1320 मतदान केंद्रों का प्रबंधन महिला अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

इन मतदाताओं को होम वोटिंग की मिलेगी सुविधा

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और विकलांग मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी। पहली बार कर्नाटक में 12.15 लाख मतदाता (80 वर्ष से अधिक उम्र) और 5.55 लाख बेंचमार्क दिव्यांग मतदाताओं के लिए होम वोटिंग की सुविधा भी है। वोट फ्रोम होम की सुविधा की वीडियोग्राफी की जाएगी। PWD वोटरों को भी होम वोटिंग की सुविधा मिलेगी।

9.17 लाख से अधिक पहली बार मतदान करने वाले मतदाता

कर्नाटक में चुनाव में इस बार 9.17 लाख से अधिक पहली बार मतदान करने वाले मतदाता हैं। साथ ही अग्रिम आवेदन सुविधा के तहत, 17 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं से 1.25 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 41,000 आवेदन 1 अप्रैल, 2023 तक 18 वर्ष के हो चुके युवाओं से प्राप्त हुए।

राज्य में 100 वर्ष से अधिक आयु के 16,000 से अधिक मतदाता

वहीं राज्य में 100 वर्ष से अधिक आयु के 16,000 से अधिक मतदाता भी हैं। कर्नाटक में 12.15 लाख ऐसे मतदाता भी हैं, जो 80 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, इनमें 16,976 मतदाता वर्ष के हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, यह 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की अब तक की सर्वाधिक संख्या है।

ट्रांसजेंडर्स के लिए की विशेष पहल

उन्होंने बताया कि समावेशी और सहभागी चुनावों के लिए कर्नाटक में पात्र (18 ) विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों का शत प्रतिशत नामांकन हुआ है। इनके लिए 40 जातीय पोलिंग केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया में थर्ड जेंडर की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सभी मतदान केंद्रों में सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं होंगी उपलब्ध

उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों में सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एक समृद्ध और सुखद मतदान अनुभव के लिए आयोग मतदाताओं को सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के प्रति सजग है। शहरी उदासीनता पर चिंता जताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत के आईटी हब के इन 4 जिलों में 2013 और 2018 कर्नाटक विधानसभा चुनावों में सबसे कम मतदान हुआ था, जो राज्य के औसत से बहुत कम था। इन 4 जिलों में 88 प्रतिशत मतदान केन्द्र शहरी क्षेत्रों में हैं। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों, संगठनों और आरडब्ल्यूए में मतदाता जागरूकता मंचों के माध्यम से जागरूकता पैदा करने की कोशिश की जाएगी।

कर्नाटक चुनाव में मुख्यमंत्री पद का कोई चेहरा नहीं होगा : खडगे

नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी का कोई चेहरा नहीं होगा और चुनाव परिणाम आने के बाद विधायकों तथा हाईकमान की सहमति से नये मुख्यमंत्री की नियुक्त की जाएगी।

श्री खड़गे ने चुनाव आयोग द्वारा कर्नाटक विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद बुधवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए आज कहा कि पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने से गुटीय राजनीति बढ़ती है और लोग आपस में लड़ते हैं जिसका नुकसान पार्टी को होता है इसलिए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पहले किसी को भी मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाया गया है।(वार्ता)

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