दुद्धी, सोनभद्र : जिला बेसिक शिक्षा विभाग सोनभद्र के द्वारा नीति आयोग के लिए चयनित टैबलेट कार्यक्रम के दौरान विकास भवन सोनभद्र में सीडीओ सोनभद्र सौरभ गंगवार ,बीएसए हरिवंश ,डीसी समेत जिले के सभी एसoआरoजीo, एoआरoपीo, सभी विकास खण्ड के खंड शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति में दुद्धी ब्लॉक की श्रेष्ठ शिक्षिका वर्षारानी जायसवाल की लिखित पुस्तिका “नवाचार से नवपरिवर्तन की ओर” का विमोचन किया गया।
पुस्तिका विमोचन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि शिक्षिका श्रीमती वर्षा की पुस्तक “नवाचार से नवपरिवर्तन की ओर” का सभी अध्यापक ध्यान से स्मरण करें तो उसमें उल्लिखित पाठ्य सामग्री बच्चों के पठन पाठन में अत्यंत मददगार साबित होगी। पुस्तक में उल्लेख की गई सारगर्भित जानकारी मार्गदर्शिका में मिलेगी। लेखिका श्रीमती जायसवाल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुस्तिका के विमोचन में आप सभी का स्नेह व आशीर्वाद मिला है, ये मेरे लिए अत्यंत गर्व की बात है।
शिक्षण कार्य मेरे लिए एक चुनौती है जो मुझे बच्चों में छिपी हुई अंतर्निर्मित शक्तियों को बाहर लाने के लिए प्रेरित करती है। इसके लिए मैंने नवाचार का प्रयोग शुरू किया। बच्चों से आत्मिक संवाद स्थापित कर शिक्षण किया तो सीखना और सिखाना आनंददायक रुचिकर और सहज होने लगा। स्थापित करने के लिए मैं प्रयोग करती गई। बच्चे ही मेरे प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। भावनाओं और शब्दों को विस्तार मिलाने से बच्चों के चेहरे पर आती हुई। खुशी मुझे कर्म करने की प्रेरणा देती है।
आदिवासी बाहुल्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े लोगों को आधुनिकता की मुख्यधारा से जोड़ना एक एकमात्र ऐसी कड़ी है जो इनके सपनों को पंख लगाकर आधुनिकता एवं समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकती है। मैंने अपनी पुस्तक शिक्षा में “नवाचार से नवपरिवर्तन की ओर” करने का प्रयास किया है। इसका श्रेय विद्यालय के सभी बच्चों शिक्षकों एवं सह कर्मियों को देती हूं जो एक टीम भावना के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुझे आशा है कि आप उस तक शिक्षा में नवाचार से नवपरिवर्तन की ओर सभी शिक्षकों में नवीन ऊर्जा का संचार करेगी एवं बदलते हुए मेरे भारत की नींव को मजबूत बनाने में सार्थक सिद्ध होगी। ताकि बच्चों तथा समाज का भविष्य उज्जवल हो सके। इस मौके पर अधिकारियों के अलावा स्टेट रिसोर्स ग्रुप के लोग एवं जनपद स्तरीय समन्वयक भी उपस्थित रहे।



