
सोनिया के बयान पर लोक सभा में हंगामा, कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये स्थगित
बजट सत्र में लोक सभा में हुआ 118 प्रतिशत काम : बिरला.राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक स्थगित
नयी दिल्ली : वक्फ (संशोधन) विधेयक को मनमाने तरीके से पारित कराये जाने के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुये लोक सभा में शुक्रवार को उसकी निंदा की गयी और इस पर विपक्ष के हंगामें के कारण सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दी गयी।इससे पहले अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्वाह्न हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही मध्याह्न 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी थी। मध्याह्न 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर श्री बिरला की अनुमति से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक सभा की सदस्य रह चुकीं एक वरिष्ठ सदस्य जो अब दूसरे सदन की सदस्य हैं, ने संसद भवन परिसर में कहा है, “ इस सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 ‘बुलडोज’ (सरकार की मनमानी) करके पारित कराया गया है। इस पर अध्यक्ष को व्यवस्था देनी चाहिये।
”श्री रिजिजू ने कहा कि वह देर रात तक चली वक्फ संशोधन विधेयक पर चली चर्चा में शामिल होने वाले सदस्यों को धन्यवाद करना चाहते हैं लेकिन विधेयक को पारित कराने के बारे में विपक्ष के वरिष्ठ नेता का बयान उचित नहीं है।इस पर श्री बिरला ने कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक पर 13 घंटे 53 मिनट चर्चा की गयी और विधेयक नियमपूर्वक पारित कराया गया। विधेयक पर तीन-तीन बार मत विभाजन कराया गया। अध्यक्ष ने किसी का नाम लिये बगैर कहा कि इस सदन की सदस्य रह चुकीं और अब दूसरे सदन की एक वरिष्ठ सदस्य का इस सदन की कार्यवाही पर प्रश्न उठाना उचित नहीं है। यह संसदीय परम्परा नहीं है।श्री बिरला ने कहा, “ हम अठारहवीं लोक सभा के चौथे सत्र की समाप्ति की ओर आ गए हैं। यह सत्र 31 जनवरी को आरंभ हुआ था। इस सत्र में हमने 26 बैठकें की तथा कुल उत्पादकता लगभग 118 प्रतिशत रही।
”उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में 173 माननीय सदस्यों ने भागीदारी की। केन्द्रीय बजट पर चर्चा में 169 सदस्यों ने भाग लिया। सत्र के दौरान 10 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किए गए तथा वक्फ संशोधन विधेयक सहित कुल 16 विधेयक पारित किए गए।उन्होंने कहा कि तीन अप्रैल को शून्य काल में 202 सदस्यों ने लोक महत्व के विषय सदन में उठाये, जो अब तक इस सदन में एक दिन में शून्य काल के दौरान उठाए जाने वाले विषयों का रिकॉर्ड है।उन्होंने कहा, “ मैं सभा की कार्यवाही को पूरा करने में सभापति तालिका में शामिल अपने माननीय साथियों, माननीय प्रधानमंत्री, संसदीय कार्य मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष, विभिन्न दलों के नेताओं और माननीय सदस्यों, लोक सभा सचिवालय के महासचिव और सचिवालय के अधिकारियों तथा कर्मचारियों एवं सम्बद्ध एजेंसियों को भी उनके द्वारा प्रदान की गयी सहायता के लिए धन्यवाद देता हूँ।
”श्री बिरला के वक्तव्य के दौरान विपक्ष के सदस्य हंगामा करते रहे, इसी बीच, श्री बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये स्थगित करने की घोषणा कर दी।संसद के बजट कालीन सत्र के घोषित कार्यक्रम के अनुसार सत्र का आज आखिरी दिन था। शुक्रवार काे सदन में सामान्यत: अपराह्न की कार्यवाही के दौरान सदस्यों के निजी संकल्पों पर चर्चा करायी जाती है।
बजट सत्र में लोक सभा में हुआ 118 प्रतिशत काम : बिरला
अठारहवीं लोक सभा के 31 जनवरी से शुरू हुये चौथे सत्र (बजट सत्र) में कुल 26 बैठकें हुईं और इस दौरान सदन की कार्य-उत्पादकता 118 प्रतिशत रही।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि बजट सत्र की 26 बैठकों में 160 घंटे 48 मिनट कामकाज हुआ। इस दौरान 10 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किए गए तथा वक्फ (संशोधन) विधेयक सहित कुल 16 विधेयक पारित किए गए।श्री बिरला ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 31 जनवरी को संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित किया और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा 17 घंटे 23 मिनट तक चली। इस चर्चा में 173 सदस्यों ने भाग लिया।उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किया। केंद्रीय बजट 2025-26 पर सामान्य चर्चा 16 घंटे 13 मिनट तक चली। इस चर्चा में 169 सदस्यों ने भाग लिया।
वित्त मंत्री ने 11 फरवरी, 2025 को चर्चा का उत्तर दिया।उन्होंने बताया कि 17 से 21 मार्च तक सभा में चयनित मंत्रालयों/विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा की गयी और इसके बाद अनुदान मांगों को पारित कर दिया गया। लोक सभा में 21 मार्च, 2025 को विनियोग विधेयक और 25 मार्च, 2025 को वित्त विधेयक पारित किया गया।श्री बिरला ने बताया कि सत्र के दौरान 10 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किए गए और 16 विधेयक पारित किए गए। पारित किए गए कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों में वित्त विधेयक, 2025, विनियोग विधेयक, 2025, त्रिभुवन” सहकारी यूनिवर्सिटी विधेयक, 2025 वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 और आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक, 2025 शामिल हैं।सत्र के दौरान 134 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए। शून्य काल के दौरान सदस्यों ने लोक महत्व के कुल 691 मामले उठाए।
श्री बिरला ने बताया कि तीन अप्रैल, 2025 को लोक महत्व के 202 मामले उठाए गए, जो अभी तक किसी भी लोक सभा में एक दिन में शून्य काल के दौरान उठाए जाने वाले लोक महत्व के मामलों की रिकॉर्ड संख्या है। सत्र के दौरान नियम 377 के अधीन कुल 566 मामले उठाए गए। सत्र के दौरान कुल 32 वक्तव्य दिए गए। सत्र के दौरान विभागों से सम्बद्ध स्थायी समितियों द्वारा 61 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए तथा सभा पटल पर 2518 पत्र रखे गए।उन्होंने बताया कि मछुआरा समुदाय के समक्ष आ रही कठिनाइयों’ पर नियम 197 के अधीन ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर एक अप्रैल को चर्चा की गयी।गैर-सरकारी सदस्यों के कार्यों में ‘देश में हवाई किराए को विनियमित करने के उचित उपायों’ के संबंध में संसद सदस्य, श्री शफी परम्बिल द्वारा प्रस्तुत गैर-सरकारी सदस्य के संकल्प पर 28 मार्च, 2025 को सभा में चर्चा की गयी, यह चर्चा पूरी नहीं हुई ।मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा की अभिपुष्टि करने वाले सांविधिक संकल्प को सदन ने दो अप्रैल को पारित किया।
सत्र के दौरान, सदन ने तीन फरवरी 2025 को रूस की फेडरल एसेम्बली की स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन के नेतृत्व में भारत यात्रा पर आए रूसी संसदीय शिष्टमंडल का स्वागत किया।ग्यारह फरवरी 2025 को, सदन ने मालदीव की पीपुल्स मजलिस के स्पीकर, महामहिम अब्दुल रहीम अब्दुल्ला के नेतृत्व में आए मालदीव के संसदीय शिष्टमंडल का स्वागत किया। बारह मार्च को, सभा ने मेडागास्कर की नेशनल असेंबली के प्रेसीडेंट, जस्टिन टोकले के नेतृत्व में भारत यात्रा पर आए मेडागास्कर के संसदीय शिष्टमंडल का स्वागत किया।
राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक स्थगित
राज्यसभा की कार्यवाही की शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन में कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा करते हुए कि बजट सत्र में सदन की उत्पादकता 90 प्रतिशत रही है। सत्र का समापन वंदे मातरम् की धुन के साथ हुआ।इससे पहले उन्होंने सदन में शीघ्र सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों को विदाई उल्लेख किया। सत्र के अंतिम दिन सदन में पश्चिम बंगाल में शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द होने को लेकर हंगामा भी हुआ और सदन की कार्यवाही सुबह दो बार स्थगित की गयी। राज्यसभा का यह सत्र 31 जनवरी को आरंभ हुआ था और चार अप्रैल को समाप्त हो गया।सदन में इस सत्र के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक 2025 सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किये गये।(वार्ता)
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