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सटोरियों की धमकी से परेशान कारोबारी ने मौत को गले लगाया

रायपुर । महादेव सट्टा ऐप अब जानलेवा हो चला है। राजधानी में महादेव सट्टा केस से जुड़े व्यक्ति की धमकी से परेशान कारोबारी ने आत्महत्या कर ली। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने महादेव सट्टा का काम करने वाले युवक को 15 लाख उधार देने की बात लिखी है। साथ ही आगे लिखा कि जब उससे जब पैसे मांगे गए तो वो पैसे देने के बदले उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। सटोरियों की धमकी से परेशान होकर कारोबारी संदीप बग्गा ने आत्महत्या कर ली है।

मामले की सूचना मिलने पर फिलहाल सिविल लाइन पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर नीतेश मित्तल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, मृतक संदीप बग्गा सेक्टर 2 शंकर नगर का रहने वाला था। उसने 9 मई को कीटनाशक पी लिया। घर वालों ने उसे गंभीर हालत में रायपुरा के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया। जहां रविवार को उसकी मौत हो गई। मौत के बाद हास्पिटल से पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

पैसे मांगने पर आने लगे धमकी वाले फोन
सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक, मृतक ने एक सुसाइड नोट लिख छोड़ा है। उसने लिखा है कि, नीतेश मित्तल को उसने 15 लाख रुपए बतौर उधार दिया था। वह महादेव सट्टा, लोटस बुक और रेड्डी ऐप का लंबा-चौड़ा काम करता है। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो वह टाल-मटोल करने लगा। फिर थोड़े दिनों बाद उसे अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वाले उसे जान से मारने की धमकी देते थे, जिससे संदीप बग्गा मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो गया इसके चलते कीटनाशक पीकर जान दे दी।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
इस मामले को लेकर सिविल लाइन पुलिस ने बताया कि, जहर खाने की जानकारी मिलते ही आरोपी नीतेश मित्तल फरार हो गया है। सुसाइड नोट के आधार पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस की टीम लगातार आरोपी के ठिकाने और घर पर छापेमारी कर रही है।

महादेव सट्टा एप में हवाला की जगह अब क्रिप्टो करेंसी से हो रहा भुगतान

ईओडब्ल्यू द्वारा गिरफ्तार किए गए बर्खास्त पुलिस आरक्षक अर्जुन यादव की निशानदेही पर राजधानी पुलिस ने बिहार के पांच सटोरियों को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया है। ये सटोरिए कोलकाता में बैठकर महादेव पैनल-364 आईडी से आईपीएल क्रिकेट मैच में दांव लगवा रहे थे। पता चला है कि पुलिस की सख्ती के बाद दुबई में बैठे सट्टा संचालकों द्वारा सट्टे की रकम क्रिप्टो करेंसी के रूप में लिया जा रहा है।

महादेव सट्टा को लेकर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा, एसएसपी संतोष सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि पिछले दिनों पचमढ़ी से गिरफ्तार किए गए अर्जुन यादव की निशानदेही पर उसी के ग्रुप से जुड़े बिहार के बांका निवासी गोपी यादव, महेश यादव, मिथुन कुमार यादव, मुकेश कुमार यादव तथा रूपेश कुमार यादव को सट्टा संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल तथा लैपटॉप जब्त किए हैं। आईजी के मुताबिक अब तक गिरफ्तार 13 सटोरियों के माध्यम से 32 करोड़ रुपए से ज्यादा सट्टे की रकम लेन-देन करने की जानकारी मिली है। साथ ही पुलिस ने जिन पांच सटोरियों को गिरफ्तार किया है, उनके पास 35 बैंक अकाउंट होने की जानकारी पुलिस को मिली है।

हवाला के बजाय क्रिप्टो को बना रहे माध्यम
दुबई में बैठे सट्टा संचालक पूर्व में अकाउंट के माध्यम से सट्टे की रकम अपने संबंधित हवाला कारोबारियों के माध्यम से पहुंचाने का काम करते थे। पुलिस की सख्ती बढ़ने के बाद सट्टा संचालक अपने हवाला ऑपरेटरों को लोकल स्तर पर सट्टे की रकम बैंक के माध्यम से लेन-देन करने कह रहे हैं, लेकिन जो रकम दुबई भेजनी है, वह रकम सट्टा संचालक क्रिप्टो करेंसी में कन्वर्ट कर ट्रांसफर करने कह रहे हैं।

अब तक नौ पैनल की जानकारी
पुलिस अफसर के मुताबिक महादेव सट्टा एप को लेकर हाल के दिनों में की गई कार्रवाई में अब तक नौ पैनल के माध्यम से सट्टा संचालित करने का भंडाफोड़ किया जा चुका है। उक्त कार्रवाई में पुलिस अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर चुकी है। गिरफ्तार सटोरियों से पुलिस को 110 बैंक अकाउंट की जानकारी मिली है। उक्त अकाउंट में जमा रकम पुलिस अफसर ने फ्रीज कराने की कार्रवाई करने संबंधित बैंकों को पत्र लिखने की बात कही।

हर आधे घंटे में नया अकाउंट
पुलिस अफसर के मुताबिक सट्टा संचालित करने दुबई में बैठे सट्टा संचालक अपने पैनल ऑपरेटर को सट्टे की रकम लेन-देन करने एक बैंक अकाउंट देता है। उक्त बैंक अकाउंट में पैनल ऑपरेटर सट्टे की रकम का स्थानीय स्तर पर लेन-देन करता है। अकाउंट में आधे घंटे के अंदर किसी भी प्रकार से पैसों का ट्रांजेक्शन नहीं होने पर दुबई में बैठा ऑपरेटर उस अकाउंट की जगह पैनल ऑपरेटर को नया अकाउंट नंबर देता है।(वीएनएस)

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