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नेशनल हेराल्ड धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष पेश हुईं सोनिया गांधी

नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी नेशनल हेराल्ड धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए बृहस्पतिवार को यहां स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। गांधी (75) ‘जेड प्लस’ सुरक्षा घेरे के बीच दोपहर के समय मध्य दिल्ली में ए.पी.जे. अब्दुल कलाम रोड पर विद्युत लेन में स्थित संघीय जांच एजेंसी के मुख्यालय पहुंचीं।हाल में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाली गांधी ने मास्क पहन रखा था और उनके बेटे राहुल गांधी व बेटी प्रियंका गांधी भी उनके साथ थे।प्रियंका गांधी को ‘प्रवर्तन भवन’ मुख्यालय में ठहरने की अनुमति दी गई है ताकि स्वास्थ्य समस्या खड़ी होने की स्थिति में वह अपनी मां के साथ रहें और उन्हें दवाएं दे सकें। उन्हें पूछताछ कक्ष से दूर रखा जाएगा।

सोनिया गांधी की पेशी से पहले दिल्ली पुलिस ने गांधी के जनपथ स्थित आवास और ईडी कार्यालय के बीच एक किलोमीटर के रास्ते पर भारी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया था। इलाके के आसपास यातायात पर भी प्रतिबंध था। पार्टी ने शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई की आलोचना की है और इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है।गांधी को इससे पहले आठ जून और 23 जून को ईडी के सामने पेश होना था, लेकिन कोरोना वायरस से संक्रमित होने के चलते वह पेश नहीं हो पाई थीं।एजेंसी धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत उनका बयान दर्ज करेगी। उनके बयान को ऑडियो-वीडियो माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा।सूत्रों के अनुसार, एजेंसी उन्हें अपना बयान लिखने या कंप्यूटर पर ईडी के एक कर्मचारी को जवाब लिखवाने का विकल्प देगी, जो मामले के जांच अधिकारी के साथ मौजूद रहेगा।

यह जांच कांग्रेस से जुड़ी ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की मालिक है।एजेंसी ने उनके बेटे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से पिछले महीने पांच दिन के दौरान 50 घंटे से अधिक समय तक इस मामले में पूछताछ की थी।कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए गांधी से पूछताछ की जाएगी। पूछताछ वही सहायक निदेशक स्तर के जांच अधिकारी करेंगे, जिन्होंने राहुल गांधी से पूछताछ की थी।सूत्रों ने कहा कि पूछताछ टीम में एक महिला अधिकारी भी होगी और उन सभी के पास कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं होने का प्रमाण पत्र होगा. सोनिया, राहुल से पूछताछ की कार्रवाई पिछले साल के आखिर में ईडी द्वारा धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत एक नया मामला दर्ज करने के बाद शुरू की गई।

इससे पहले, एक निचली अदालत ने 2013 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा दायर एक निजी आपराधिक शिकायत के आधार पर यंग इंडियन के खिलाफ आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लिया था।सोनिया और राहुल गांधी यंग इंडियन के प्रवर्तकों और बहुलांश शेयरधारकों में से हैं। अपने बेटे की तरह कांग्रेस अध्यक्ष की भी कंपनी में 38 प्रतिशत हिस्सेदारी है। स्वामी ने सोनिया, राहुल और अन्य पर धोखाधड़ी और धन का गबन करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था और कहा था कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपये की वसूली का अधिकार प्राप्त करने के लिए केवल 50 लाख रुपये का भुगतान किया, जो एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर कांग्रेस का बकाया था।

ईडी ने सोनिया के साथ नहीं किया सम्मानजनक व्यवहार : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि सरकार राजनीतिक विरोधियों के साथ प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है और इसी का परिणाम है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से प्रवर्तन निदेशालय(ईडी)ने सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया है तथा सरकार के दबाव में उन्हें पूछताछ के लिए अपने दफ्तर बुलाया है।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने देश में भय और डर का माहौल पैदा कर दिया है और अपने राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन कांग्रेस इनके डराने धमकाने से दबने वाली नहीं है।

श्री गहलोत ने कहा किभाजपा सरकार किसी की मान मर्यादा का ध्यान नहीं रखती है। एक महिला को अगर पूछताछ के लिए बुलाया है तो उसे से सम्मानपूर्वक बुलाया जाना चाहिए था लेकिन इस सरकार के लिए सम्मान का कोई मतलब नहीं है। देश में भय का माहौल है और गांधी परिवार को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। श्रीमती गांधी के खिलाफ लगाए गए मामले को देखते हुए उनसे अगर पूछताछ करनी थी तो घर में पूछताछ की जा सकती थी लेकिन ईडी, केन्द्रीय जांच ब्यूरो और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों पर दबाव डालकर विरोधी पक्ष के नेताओं को चुन- चुन कर निशाना बनाया जा रहा है जो असंवैधानिक और गैर कानूनी है।

उन्होंने कहा कि पिछली बार ईडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इसी मसमले में बुलाया और 50 घंटे से अधिक समय तक उनसे पूछताछ की। यह पूरे देश ने देखा की उन्हें किस तरह से परेशान किया गया और अब श्रीमती गांधी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है ।एक महिला को जो इस पूछताछ में जो सम्मान दिया जाना चाहिए था उसका ख्याल नहीं रखा गया है।

सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ पर कांग्रेस का हंगामा

संसद के मॉनसून सत्र में महंगाई और जीएसटी के मुद्दे पर विपक्षी आज फिर हंगामा कर रहा है। कांग्रेस सांसदों ने आज सोनिया गांधी से ईडी से पूछताछ को लेकर लोकसभा में जमकर बवाल काटा और पोस्टर लहराए। सत्र के पहले तीन दिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के बाद राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी दल महंगाई और खुले सामान पर बढ़ी जीएसटी वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं।

ईडी जो जानना चाहती है, वह रिकॉर्ड में उपलब्ध है: चिदंबरम

कांग्रेस सांसदों ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पूछताछ के लिए तलब किए जाने के खिलाफ गुरुवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने इस अवसर पर कहा कि सरकार अपने राजनीतिक प्रतिशोध के कारण ऐसा कर रही है।श्री चिदंबरम ने यूनीवार्ता से कहा, “ सरकार अपनी प्रतिशोध की राजनीति जारी रखे हुये है। उच्चतम न्यायालय में आयकर का मामला लंबित है, ईडी उच्चतम न्यायालय से बढ़कर नहीं है। ईडी क्या जानना चाहती है, ईडी जो जानना चाहती है, वह उच्चतम न्यायालय में इस मामले के रिकॉर्ड में उपलब्ध है। ”गौरतलब है कि ईडी ने कांग्रेस अध्यक्ष को धन शोधन मामले में 23 जून को तलब किया था, लेकिन उस समय वह कोरोना से संक्रमित होने के कारण स्वस्थ नहीं थीं, इसलिए उनसे पूछताछ स्थगित कर दी गई थी।

(वार्ता) (भाषा)

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